Übersetzung der Bedeutungen von dem heiligen Quran - Indische Übersetzung * - Übersetzungen

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Übersetzung der Bedeutungen Surah / Kapitel: Ash-Shu‘arâ’
Vers:
 

सूरा अश्-शु-अ़-रा

طسٓمٓ
ता, सीन, मीम।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُبِينِ
ये प्रकाशमय पुस्तक की आयतें हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لَعَلَّكَ بَٰخِعٞ نَّفۡسَكَ أَلَّا يَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ
संभवतः, आप अपना प्राण[1] खो देने वाले हैं कि वे ईमान लाने वाले नहीं हैं?
1. अर्थात उन के ईमान न लाने के शोक में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِن نَّشَأۡ نُنَزِّلۡ عَلَيۡهِم مِّنَ ٱلسَّمَآءِ ءَايَةٗ فَظَلَّتۡ أَعۡنَٰقُهُمۡ لَهَا خَٰضِعِينَ
यदि हम चाहें, तो उतार दें उनपर आकाश से ऐसी निशानी कि उनकी गर्दनें उसके आगे झुकी की झुकी रह जायें[1]।
1. परन्तु ऐसा नहीं किया, क्यों कि दबाव का ईमान स्वीकार्य तथा मान्य नहीं होता।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَا يَأۡتِيهِم مِّن ذِكۡرٖ مِّنَ ٱلرَّحۡمَٰنِ مُحۡدَثٍ إِلَّا كَانُواْ عَنۡهُ مُعۡرِضِينَ
और नहीं आती है उनके पालनहार, अति दयावान् की ओर से कोई नई शिक्षा, परन्तु वे उससे मुख फेरने वाले बन जाते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَقَدۡ كَذَّبُواْ فَسَيَأۡتِيهِمۡ أَنۢبَـٰٓؤُاْ مَا كَانُواْ بِهِۦ يَسۡتَهۡزِءُونَ
तो उन्होंने झुठला दिया! अब उनके पास शीघ्र ही उसकी सूचनाएँ आ जायेंगी, जिसका उपहास वे कर रहे थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَوَلَمۡ يَرَوۡاْ إِلَى ٱلۡأَرۡضِ كَمۡ أَنۢبَتۡنَا فِيهَا مِن كُلِّ زَوۡجٖ كَرِيمٍ
और क्या उन्होंने धरती की ओर नहीं देखा कि हमने उसमें उगाई हैं, बहुत-सी प्रत्येक प्रकार की अच्छी वनस्पतियाँ?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
निश्चय ही, इसमें बड़ी निशानी (लक्षण)[1] है। फिर उनमें अधिक्तर ईमान लाने वाले नहीं हैं।
1. अर्थात अल्लाह के सामर्थ्य की।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
तथा वास्तव में, आपका पालनहार ही प्रभुत्वशाली, अति दयावान् है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِذۡ نَادَىٰ رَبُّكَ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱئۡتِ ٱلۡقَوۡمَ ٱلظَّـٰلِمِينَ
(उन्हें उस समय की कथा सुनाओ) जब पुकारा आपके पालनहार ने मूसा को कि जाओ अत्याचारी जाति[1] के पास!
1. यह उस समय की बात है जब मूसा (अलैहिस्सलाम) दस वर्ष मद्यन में रह कर मिस्र वापिस आ रहे थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَوۡمَ فِرۡعَوۡنَۚ أَلَا يَتَّقُونَ
फ़िरऔन की जाति के पास, क्या वे डरते नहीं?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ رَبِّ إِنِّيٓ أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ
उसने कहाः मेरे पालनहार! वास्तव में, मुझे भय है कि वे मुझे झुठला देंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَيَضِيقُ صَدۡرِي وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِي فَأَرۡسِلۡ إِلَىٰ هَٰرُونَ
और संकुचित हो रहा है मेरा सीना और नहीं चल रही है मेरी ज़ुबान, अतः वह़्यी भेज दे हारून की ओर (भी)।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَهُمۡ عَلَيَّ ذَنۢبٞ فَأَخَافُ أَن يَقۡتُلُونِ
और उनका मुझपर एक अपराध भी है। अतः, मैं डरता हूँ कि वे मुझे मार डालेंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ كَلَّاۖ فَٱذۡهَبَا بِـَٔايَٰتِنَآۖ إِنَّا مَعَكُم مُّسۡتَمِعُونَ
अल्लाह ने कहाः कदापि ऐसा नहीं होगा। तुम दोनों हमारी निशानियाँ लेकर जाओ, हम तुम्हारे साथ सुनने[1] वाले हैं।
1. अर्थात तुम दोनों की सहायता करते रहेंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأۡتِيَا فِرۡعَوۡنَ فَقُولَآ إِنَّا رَسُولُ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
तो तुम दोनों जाओ और कहो कि हम विश्व के पालनहार के भेजे हुए (रसूल) हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَنۡ أَرۡسِلۡ مَعَنَا بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ
कि तू हमारे साथ बनी इस्राईल को जाने दे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ أَلَمۡ نُرَبِّكَ فِينَا وَلِيدٗا وَلَبِثۡتَ فِينَا مِنۡ عُمُرِكَ سِنِينَ
(फ़िरऔन ने) कहाः क्या हमने तेरा पालन नहीं किया है, अपने यहाँ बाल्यवस्था में और तू (नहीं) रहा है, हममें अपनी आयु के कई वर्ष?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَفَعَلۡتَ فَعۡلَتَكَ ٱلَّتِي فَعَلۡتَ وَأَنتَ مِنَ ٱلۡكَٰفِرِينَ
और तू कर गया वह कार्य,[1] जो किया और तू कृतघनों में से है!
1. यह उस हत्या काण्ड की ओर संकेत है जो मूसा (अलैहिस्सलाम) से नबी होने से पहले हो गया था। (देखियेः सूरह क़स़स़)
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

قَالَ فَعَلۡتُهَآ إِذٗا وَأَنَا۠ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ
(मूसा ने) कहाः मैंने ऐसा उस समय कर दिया, जबकि मैं अनजान था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَفَرَرۡتُ مِنكُمۡ لَمَّا خِفۡتُكُمۡ فَوَهَبَ لِي رَبِّي حُكۡمٗا وَجَعَلَنِي مِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
फिर मैं तुमसे भाग गया, जब तुमसे भय हुआ। फिर प्रदान कर दिया मुझे, मेरे पालनहार ने तत्वदर्शिता और मुझे बना दिया रसूलों में से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتِلۡكَ نِعۡمَةٞ تَمُنُّهَا عَلَيَّ أَنۡ عَبَّدتَّ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ
और ये कोई उपकार है, जो तू मुझे जता रहा है कि तूने दास बना लिया है, इस्राईल के पुत्रों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ فِرۡعَوۡنُ وَمَا رَبُّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
फ़िरऔन ने कहाः विश्व का पालनहार क्या है?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ رَبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَآۖ إِن كُنتُم مُّوقِنِينَ
(मूसा ने) कहाः आकाशों तथा धरती और उसका पालनहार, जो कुछ दोनों के बीच है, यदि तुम विश्वास रखने वाले हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ لِمَنۡ حَوۡلَهُۥٓ أَلَا تَسۡتَمِعُونَ
उसने उनसे कहा, जो उसके आस-पास थेः क्या तुम सुन नहीं रहे हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ رَبُّكُمۡ وَرَبُّ ءَابَآئِكُمُ ٱلۡأَوَّلِينَ
(मुसा ने) कहाः तुम्हारा पालनहार तथा तुम्हारे पूर्वोजों का पालनहार है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ إِنَّ رَسُولَكُمُ ٱلَّذِيٓ أُرۡسِلَ إِلَيۡكُمۡ لَمَجۡنُونٞ
(फ़िरऔन ने) कहाः वास्तव में, तुम्हारा रसूल, जो तुम्हारी ओर भेजा गया है, पागल है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ رَبُّ ٱلۡمَشۡرِقِ وَٱلۡمَغۡرِبِ وَمَا بَيۡنَهُمَآۖ إِن كُنتُمۡ تَعۡقِلُونَ
(मूसा ने) कहाः वह, पूर्व तथा पश्चिम तथा दोनों के मध्य जो कुछ है, सबका पालनहार है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ لَئِنِ ٱتَّخَذۡتَ إِلَٰهًا غَيۡرِي لَأَجۡعَلَنَّكَ مِنَ ٱلۡمَسۡجُونِينَ
(फ़िरऔन ने) कहाः यदि तूने कोई पूज्य बना लिया मेरे अतिरिक्त, तो तुझे बंदियों में कर दूँगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ أَوَلَوۡ جِئۡتُكَ بِشَيۡءٖ مُّبِينٖ
(मूसा ने) कहाः क्या यद्यपि मैं ले आऊँ तेरे पास एक खुली चीज़?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ فَأۡتِ بِهِۦٓ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ
उसने कहाः तू उसे ले आ, यदि सच्चा है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَلۡقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ ثُعۡبَانٞ مُّبِينٞ
फिर उसने अपनी लाठी फेंक दी, तो अकस्मात वह एक प्रत्यक्ष अजगर बन गयी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَنَزَعَ يَدَهُۥ فَإِذَا هِيَ بَيۡضَآءُ لِلنَّـٰظِرِينَ
तथा अपना हाथ निकाला, तो अकस्मात वह उज्ज्वल था, देखने वालों के लिए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ لِلۡمَلَإِ حَوۡلَهُۥٓ إِنَّ هَٰذَا لَسَٰحِرٌ عَلِيمٞ
उसने अपने प्रमुखों से कहा, जो उसके पास थेः वास्तव में, ये तो बड़ा दक्ष जादूगर है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
يُرِيدُ أَن يُخۡرِجَكُم مِّنۡ أَرۡضِكُم بِسِحۡرِهِۦ فَمَاذَا تَأۡمُرُونَ
ये चाहता है कि तुम्हें, तुम्हारी धरती से निकाल[1] दे, अपने जादू के बल से, तो अब तुम क्या आदेश देते हो?
1. अर्थात यह उग्रवाद कर के हमारे देश पर अधिकार कर ले।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُوٓاْ أَرۡجِهۡ وَأَخَاهُ وَٱبۡعَثۡ فِي ٱلۡمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَ
सबने कहाः अवसर (समय) दो मूसा और उसके भाई (के विषय) को और भेज दो नगरों में एकत्र करने वालों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
يَأۡتُوكَ بِكُلِّ سَحَّارٍ عَلِيمٖ
वे तुम्हारे पास प्रत्येक बड़े दक्ष जादूगर को लायें।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَجُمِعَ ٱلسَّحَرَةُ لِمِيقَٰتِ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ
तो एकत्र कर लिए गये जादूगर एक निश्चित दिन के समय के लिए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَقِيلَ لِلنَّاسِ هَلۡ أَنتُم مُّجۡتَمِعُونَ
तथा लोगों से कहा गया कि क्या तुम एकत्र होने वाले[1] हो?
1. अर्थात लोगों को प्रेरणा दी जा रही है कि इस प्रतियोगिता में अवश्य उपस्थित हों।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

لَعَلَّنَا نَتَّبِعُ ٱلسَّحَرَةَ إِن كَانُواْ هُمُ ٱلۡغَٰلِبِينَ
ताकि हम पीछे चलें जादूगरों के यदि वही प्रभुत्वशाली (विजयी) हो जायें।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَلَمَّا جَآءَ ٱلسَّحَرَةُ قَالُواْ لِفِرۡعَوۡنَ أَئِنَّ لَنَا لَأَجۡرًا إِن كُنَّا نَحۡنُ ٱلۡغَٰلِبِينَ
और जब जादूगर आये, तो फ़िरऔन से कहाः क्या हमें कुछ पुरस्कार मिलेगा, यदि हम ही प्रभुत्वशाली होंगे?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ نَعَمۡ وَإِنَّكُمۡ إِذٗا لَّمِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ
उसने कहाः हाँ! और तुम उस समय (मेरे) समीपवर्तियों में हो जाओगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ لَهُم مُّوسَىٰٓ أَلۡقُواْ مَآ أَنتُم مُّلۡقُونَ
मूसा ने उनसे कहाः फेंको, जो कुछ तुम फेंकने वाले हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَلۡقَوۡاْ حِبَالَهُمۡ وَعِصِيَّهُمۡ وَقَالُواْ بِعِزَّةِ فِرۡعَوۡنَ إِنَّا لَنَحۡنُ ٱلۡغَٰلِبُونَ
तो उन्होंने फेंक दी उपनी रस्सियाँ तथा अपनी लाठियाँ तथा कहाः फ़िरऔन के प्रभुत्व की शपथ! हम ही अवश्य प्रभुत्वशाली (विजयी) होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَلۡقَىٰ مُوسَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ تَلۡقَفُ مَا يَأۡفِكُونَ
अब मूसा ने फेंक दी अपनी लाठी, तो तत्क्षण वह निगलने लगी (उसे), जो झूठ वे बना रहे थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأُلۡقِيَ ٱلسَّحَرَةُ سَٰجِدِينَ
तो गिर गये सभी जादूगर[1] सज्दा करते हुए।
1. क्यों कि उन्हें विश्वास हो गया कि मूसा (अलैहिस्सलाम) जादूगर नहीं, बल्कि वह सत्य के उपदेशक हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُوٓاْ ءَامَنَّا بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
और सबने कह दियाः हम विश्व के पालनहार पर ईमान लाये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
رَبِّ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
मूसा तथा हारून के पालनहार पर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ ءَامَنتُمۡ لَهُۥ قَبۡلَ أَنۡ ءَاذَنَ لَكُمۡۖ إِنَّهُۥ لَكَبِيرُكُمُ ٱلَّذِي عَلَّمَكُمُ ٱلسِّحۡرَ فَلَسَوۡفَ تَعۡلَمُونَۚ لَأُقَطِّعَنَّ أَيۡدِيَكُمۡ وَأَرۡجُلَكُم مِّنۡ خِلَٰفٖ وَلَأُصَلِّبَنَّكُمۡ أَجۡمَعِينَ
(फ़िरऔन ने) कहाः तुम उसका विश्वास कर बैठे, इससे पहले कि मैं तुम्हें आज्ञा दूँ? वास्तव में, वह तुम्हारा बड़ा (गुरू) है, जिसने तुम्हें जादू सिखाया है, तो तुम्हें शीघ्र ज्ञान हो जायेगा, मैं अवश्य तुम्हारे हाथों तथा पैरों को विपरीत दिशा[1] से काट दूँगा तथा तुम सभी को फाँसी दे दूँगा!
1. अर्थात दाँया हाथ और बायाँ पैर या बायाँ हाथ और दायाँ पैर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ لَا ضَيۡرَۖ إِنَّآ إِلَىٰ رَبِّنَا مُنقَلِبُونَ
सबने कहाः कोई चिन्ता नहीं, हमतो अपने पालनहार हीकी ओर फिरकर जाने वाले हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا نَطۡمَعُ أَن يَغۡفِرَ لَنَا رَبُّنَا خَطَٰيَٰنَآ أَن كُنَّآ أَوَّلَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
हम आशा रखते हैं कि क्षमा कर देगा, हमारे लिए, हमारा पालनहार, हमारे पापों को, क्योंकि हम सबसे पहले ईमान लाने वाले हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
۞وَأَوۡحَيۡنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنۡ أَسۡرِ بِعِبَادِيٓ إِنَّكُم مُّتَّبَعُونَ
और हमने मूसा की ओर वह़्यी की कि रातों-रात निकल जा मेरे भक्तों को लेकर, तुम सबका पीछा किया जायेगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَرۡسَلَ فِرۡعَوۡنُ فِي ٱلۡمَدَآئِنِ حَٰشِرِينَ
तो फ़िरऔन ने भेज दिया नगरों में (सेना) एकत्र करने[1] वालों को।
1. जब मूसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के आदेशानुसार अपने साथियों को ले कर निकल गये तो फ़िरऔन ने उन का पीछा करने के लिये नगरों में हरकारे भेजे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ هَـٰٓؤُلَآءِ لَشِرۡذِمَةٞ قَلِيلُونَ
कि वे बहुत थोड़े लोग हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّهُمۡ لَنَا لَغَآئِظُونَ
और (इसपर भी) वे हमें अति क्रोधित कर रहे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّا لَجَمِيعٌ حَٰذِرُونَ
और वास्तव में, हम एक गिरोह हैं सावधान रहने वाले।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَخۡرَجۡنَٰهُم مِّن جَنَّـٰتٖ وَعُيُونٖ
अन्ततः, हमने निकाल दिया उन्हें, बागों तथा स्रोतों से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَكُنُوزٖ وَمَقَامٖ كَرِيمٖ
तथा कोषों और उत्तम निवास स्थानों से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
كَذَٰلِكَۖ وَأَوۡرَثۡنَٰهَا بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ
इसी प्रकार हुआ और हमने उनका उत्तराधिकारी बना दिया, इस्राईल की संतान को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَتۡبَعُوهُم مُّشۡرِقِينَ
तो उन्होंने उनका पीछा किया, प्रातः होते ही।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

فَلَمَّا تَرَـٰٓءَا ٱلۡجَمۡعَانِ قَالَ أَصۡحَٰبُ مُوسَىٰٓ إِنَّا لَمُدۡرَكُونَ
और जब दोनों गिरोहों ने एक-दूसरे को देख लिया, तो मूसा के साथियों ने कहाः हमतो निश्चय ही पकड़ लिए[1] गये।
1. क्यों कि अब सामने सागर और पीछे फ़िरऔन की सेना थी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ كَلَّآۖ إِنَّ مَعِيَ رَبِّي سَيَهۡدِينِ
(मूसा ने) कहाः कदापि नहीं, निश्चय मेरे साथ मेरा पालनहार है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَوۡحَيۡنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنِ ٱضۡرِب بِّعَصَاكَ ٱلۡبَحۡرَۖ فَٱنفَلَقَ فَكَانَ كُلُّ فِرۡقٖ كَٱلطَّوۡدِ ٱلۡعَظِيمِ
तो हमने मूसा को वह़्यी की कि मार अपनी लाठी से सागर को, अकस्मात् सागर फट गया तथा प्रत्येक भाग, भारी पर्वत के समान[1] हो गया।
1. अर्थात बीच से मार्ग बन गया और दोनों ओर पानी पर्वत के समान खड़ा हो गया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَزۡلَفۡنَا ثَمَّ ٱلۡأٓخَرِينَ
तथा हमने समीप कर दिया उसी स्थान के, दूसरे गिरोह को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَنجَيۡنَا مُوسَىٰ وَمَن مَّعَهُۥٓ أَجۡمَعِينَ
और मुक्ति प्रदान कर दी मूसा और उसके सब साथियों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
फिर हमने डुबो दिया दूसरों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
वास्तव में, इसमें बड़ी शिक्षा है और उनमें से अधिक्तर लोग ईमान वाले नहीं थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
तथा वास्तव में, आपका पालनहार निश्चय अत्यंत प्रभुत्वशाली, दयावान् है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱتۡلُ عَلَيۡهِمۡ نَبَأَ إِبۡرَٰهِيمَ
तथा आप, उन्हें सुना दें, इब्राहीम का समाचार (भी)।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَا تَعۡبُدُونَ
जब उसने कहा, अपने बाप तथा अपनी जाति से कि तुम क्या पूज रहे हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ نَعۡبُدُ أَصۡنَامٗا فَنَظَلُّ لَهَا عَٰكِفِينَ
उन्होंने कहाः हम मूर्तियों की पूजा कर रहे हैं और उन्हीं की सेवा में लगे रहते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ هَلۡ يَسۡمَعُونَكُمۡ إِذۡ تَدۡعُونَ
उसने कहाः क्या वे तुम्हारी सुनती हैं, जब तुम पुकारते हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَوۡ يَنفَعُونَكُمۡ أَوۡ يَضُرُّونَ
या तुम्हें लाभ पहुँचाती या हानि पहुँचाती हैं?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ بَلۡ وَجَدۡنَآ ءَابَآءَنَا كَذَٰلِكَ يَفۡعَلُونَ
उन्होंने कहाः बल्कि हमने अपने पूर्वोजों को ऐसा ही करते हुए पाया है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ أَفَرَءَيۡتُم مَّا كُنتُمۡ تَعۡبُدُونَ
उसने कहाः क्या तुमने कभी (आँख खोलकर) उसे देखा, जिसे तुम पूज रहे हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَنتُمۡ وَءَابَآؤُكُمُ ٱلۡأَقۡدَمُونَ
तुम तथा तुम्हारे पहले पूर्वज?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَإِنَّهُمۡ عَدُوّٞ لِّيٓ إِلَّا رَبَّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
क्योंकि ये सब मेरे शत्रु हैं, पूरे विश्व के पालनहार के सिवा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ٱلَّذِي خَلَقَنِي فَهُوَ يَهۡدِينِ
जिसने मुझे पैदा किया, फिर वही मुझे मार्ग दर्शा रहा है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱلَّذِي هُوَ يُطۡعِمُنِي وَيَسۡقِينِ
और जो मुझे खिलाता और पिलाता है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِذَا مَرِضۡتُ فَهُوَ يَشۡفِينِ
और जब रोगी होता हूँ, तो वही मुझे स्वस्थ करता है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱلَّذِي يُمِيتُنِي ثُمَّ يُحۡيِينِ
तथा वही मुझे मारेगा, फिर[1] मुझे जीवित करेगा।
1. अर्थात प्रलय के दिन अपने कर्मों का फल भोगने के लिये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱلَّذِيٓ أَطۡمَعُ أَن يَغۡفِرَ لِي خَطِيٓـَٔتِي يَوۡمَ ٱلدِّينِ
तथा मैं आशा रखता हूँ कि क्षमा कर देगा, मेरे लिए, मेरे पाप, प्रतिकार (प्रलय) के दिन।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
رَبِّ هَبۡ لِي حُكۡمٗا وَأَلۡحِقۡنِي بِٱلصَّـٰلِحِينَ
हे मेरे पालनहार! प्रदान कर दे मुझे तत्वदर्शिता और मुझे सम्मिलित कर सदाचारियों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

وَٱجۡعَل لِّي لِسَانَ صِدۡقٖ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
और मुझे सच्ची ख्याति प्रदान कर, आगामी लोगों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱجۡعَلۡنِي مِن وَرَثَةِ جَنَّةِ ٱلنَّعِيمِ
और बना दे मुझे, सुख के स्वर्ग का उत्तराधिकारी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱغۡفِرۡ لِأَبِيٓ إِنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلضَّآلِّينَ
तथा मेरे बाप को क्षमा कर दे,[1] वास्तव में, वह कुपथों में से है।
1. (देखियेः सूरह तौबा, आयतः114)
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَا تُخۡزِنِي يَوۡمَ يُبۡعَثُونَ
तथा मुझे निरादर न कर, जिस दिन सब जीवित किये[1] जायेंगे।
1. ह़दीस में वर्णित है कि प्रलय के दिन इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपने बाप से मिलेंगे। और कहेंगेः हे मेरे पालनहार! तू ने मुझे वचन दिया था कि मुझे पुनः जीवित होने के दिन अपमानित नहीं करेगा। तो अल्लाह कहेगाः मैं ने स्वर्ग को काफ़िरों के लिये अवैध कर दिया है। (सह़ीह़ बुख़ारीः4769)
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
يَوۡمَ لَا يَنفَعُ مَالٞ وَلَا بَنُونَ
जिस दिन, लाभ नहीं देगा कोई धन और न संतान।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا مَنۡ أَتَى ٱللَّهَ بِقَلۡبٖ سَلِيمٖ
परन्तु, जो अल्लाह के पास स्वच्छ दिल लेकर आयेगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأُزۡلِفَتِ ٱلۡجَنَّةُ لِلۡمُتَّقِينَ
और समीप कर दी जायेगी स्वर्ग आज्ञाकारियों के लिए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَبُرِّزَتِ ٱلۡجَحِيمُ لِلۡغَاوِينَ
तथा खोल दी जायेगी नरक कुपथों के लिए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَقِيلَ لَهُمۡ أَيۡنَ مَا كُنتُمۡ تَعۡبُدُونَ
तथा कहा जायेगाः कहाँ हैं वे, जिन्हें तुम पूज रहे थे?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
مِن دُونِ ٱللَّهِ هَلۡ يَنصُرُونَكُمۡ أَوۡ يَنتَصِرُونَ
अल्लाह के सिवा, क्या वे तुम्हारी सहायता करेंगे अथवा स्वयं अपनी सहायता कर सकते हैं?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَكُبۡكِبُواْ فِيهَا هُمۡ وَٱلۡغَاوُۥنَ
फिर उसमें औंधे झोंक दिये जायेंगे वे और सभी कुपथ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَجُنُودُ إِبۡلِيسَ أَجۡمَعُونَ
और इब्लीस की सेना सभी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ وَهُمۡ فِيهَا يَخۡتَصِمُونَ
और वे उसमें आपस में झगड़ते हुए कहंगेः
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
تَٱللَّهِ إِن كُنَّا لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ
अल्लाह की शपथ! वास्तव में, हम खुले कुपथ में थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ نُسَوِّيكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
जब हम तुम्हें, बराबर समझ रहे थे विश्व के पालनहार के।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَضَلَّنَآ إِلَّا ٱلۡمُجۡرِمُونَ
और हमें कुपथ नहीं किया, परन्तु अपराधियों ने।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَمَا لَنَا مِن شَٰفِعِينَ
तो हमारा कोई अभिस्तावक (सिफ़ारिशी) नहीं रह गया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَا صَدِيقٍ حَمِيمٖ
तथा न कोई प्रेमी मित्र।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَلَوۡ أَنَّ لَنَا كَرَّةٗ فَنَكُونَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
तो यदि हमें पुनः संसार में जाना होता,[1] तो हम ईमान वालों में हो जाते।
1. इस आयत में संकेत है कि संसार में एक ही जीवन कर्म के लिये मिलता है। और दूसरा जीवन प्रलोक में कर्मों के फल के लिये मिलेगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
निःसंदेह, इसमें बड़ी निशानी है और उनमें से अधिक्तर ईमान लाने वाले नहीं हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और वास्तव में, आपका पालनहार ही अति प्रभुत्वशाली,[1] दयावान् है।
1. परन्तु लोग स्वयं अत्याचार कर के नरक के भागी बन रहे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
كَذَّبَتۡ قَوۡمُ نُوحٍ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
नूह़ की जाति ने भी रसूलों को झुठलाया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ نُوحٌ أَلَا تَتَّقُونَ
जब उनसे उनके भाई नूह़ ने कहाः क्या तुम (अल्लाह से) डरते नहीं हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنِّي لَكُمۡ رَسُولٌ أَمِينٞ
वास्तव में, मैं तुम्हारे लिए एक[1] रसूल हूँ।
1. अल्लाह का संदेश बिना कमी और अधिक्ता के तुम्हें पहूँचा रहा हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
अतः, तुम अल्लाह से डरो और मेरी बात मानो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
मैं नहीं माँगता इसपर तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला), मेरा बदला तो बस सर्वलोक के पालनहार पर है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
अतः, तुम अल्लाह से डरो और मेरी आज्ञा का पालन करो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
۞قَالُوٓاْ أَنُؤۡمِنُ لَكَ وَٱتَّبَعَكَ ٱلۡأَرۡذَلُونَ
उन्होंने कहाः क्या हम तुझे मान लें, जबकि तेरा अनुसरण पतित (नीच) लोग[1] कर रहे हैं?
1. अर्थात धनी नहीं, निर्धन लोग कर रहे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

قَالَ وَمَا عِلۡمِي بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
(नूह़ ने) कहाः मूझे क्य ज्ञान कि वे क्या कर्म करते रहे हैं?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنۡ حِسَابُهُمۡ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّيۖ لَوۡ تَشۡعُرُونَ
उनका ह़िसाब तो बस मेरे पालनहार के ऊपर है, यदि तुम समझो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَنَا۠ بِطَارِدِ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
और मैं धुतकारने वाला[1] नहीं हूँ, ईमान वालों को।
1. अर्थात मैं हीन वर्ग के लोगों को जो ईमान लाये हैं अपने से दूर नहीं कर सकता जैसा कि तुम चाहते हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنۡ أَنَا۠ إِلَّا نَذِيرٞ مُّبِينٞ
मैं तो बस खुला सावधान करने वाला हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ لَئِن لَّمۡ تَنتَهِ يَٰنُوحُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمَرۡجُومِينَ
उन्होंने कहाः यदि रुका नहीं, हे नूह़! तो तू अवश्य पथराव करके मारे हुओं में होगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ رَبِّ إِنَّ قَوۡمِي كَذَّبُونِ
उसने कहाः मेरे पालनहार! मेरी जाति ने मुझे झुठला दिया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱفۡتَحۡ بَيۡنِي وَبَيۡنَهُمۡ فَتۡحٗا وَنَجِّنِي وَمَن مَّعِيَ مِنَ ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
अतः, तू निर्णय कर दे मेरे और उनके बीच और मुक्त कर दे मुझे तथा उन्हें जो मेरे साथ हैं, ईमान वालों में से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَنجَيۡنَٰهُ وَمَن مَّعَهُۥ فِي ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ
तो हमने उसे मुक्त कर दिया तथा उन्हें जो उसके साथ भरी नाव में थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا بَعۡدُ ٱلۡبَاقِينَ
फिर हमने डुबो दिया उसके पश्चात्, शेष लोगों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
वास्तव में, इसमें एक बड़ी निशानी (शिक्षा) है तथा उनमें से अधिक्तर ईमान लाने वाले नहीं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और निश्चय आपका पालनहार ही अति प्रभुत्वशाली, दयावान् है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
كَذَّبَتۡ عَادٌ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
झुठला दिया आद (जाति) ने (भी) रसूलों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ هُودٌ أَلَا تَتَّقُونَ
जब कहा उनसे, उनके भाई हूद[1] नेः क्या तुम डरते नहीं हो?
1. आद जाति के नबी हूद (अलैहिस्सलाम) को उन का भाई कहा गया है क्यों कि वह भी उन्हीं के समुदाय में से थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنِّي لَكُمۡ رَسُولٌ أَمِينٞ
वस्तुतः, मैं तुम्हारे लिए एक न्यासिक (अमानतदार) रसूल हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
अतः, अल्लाह से डरो और मेरा अनुपालन करो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
और मैं तुमसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगता, मेरा बदला तो बस सर्वलोक के पालनहार पर है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَتَبۡنُونَ بِكُلِّ رِيعٍ ءَايَةٗ تَعۡبَثُونَ
क्यों तुम बना लेते हो, हर ऊँचे स्थान पर एक यादगार भवन, व्यर्थ में?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَتَّخِذُونَ مَصَانِعَ لَعَلَّكُمۡ تَخۡلُدُونَ
तथा बनाते हो, बड़े-बड़े भवन, जैसे कि तुम सदा रहोगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِذَا بَطَشۡتُم بَطَشۡتُمۡ جَبَّارِينَ
और जबकिसी को पकड़ते हो, तो पकड़ते हो, महा अत्याचारी बनकर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
तो अल्लाह से डरो और मेरी आज्ञा का पालन करो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱتَّقُواْ ٱلَّذِيٓ أَمَدَّكُم بِمَا تَعۡلَمُونَ
तथा उससे भय रखो, जिसने तुम्हारी सहायता की है उससे, जो तुम जानते हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَمَدَّكُم بِأَنۡعَٰمٖ وَبَنِينَ
उसने सहायता की है तुम्हारी चौपायों तथा संतान से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَجَنَّـٰتٖ وَعُيُونٍ
तथा बाग़ों (उद्यानो) तथा जल स्रोतों से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنِّيٓ أَخَافُ عَلَيۡكُمۡ عَذَابَ يَوۡمٍ عَظِيمٖ
मैं तुमपर डरता हूँ, भीषण दिन की यातना से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ سَوَآءٌ عَلَيۡنَآ أَوَعَظۡتَ أَمۡ لَمۡ تَكُن مِّنَ ٱلۡوَٰعِظِينَ
उन्होंने कहाः नसीह़त करो या न करो, हमपर सब समान है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا خُلُقُ ٱلۡأَوَّلِينَ
ये बात तो बस प्राचीन लोगों की नीति[1] है।
1. अर्थात प्राचीन युग से होती चली आ रही है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَا نَحۡنُ بِمُعَذَّبِينَ
और हम उनमें से नहीं हैं, जिन्हें यातना दी जायेगी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَكَذَّبُوهُ فَأَهۡلَكۡنَٰهُمۡۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
अन्ततः, उन्होंने हमें झुठला दिया, तो हमने उन्हें ध्वस्त कर दिया। निश्चय इसमें एक बड़ी निशानी (शिक्षा) है और लोगों में अधिक्तर ईमान लाने वाले नहीं हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और वास्तव में, आपका पालनहार ही अत्यंत प्रभुत्वशाली, दयावान् है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
كَذَّبَتۡ ثَمُودُ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
झुठला दिया समूद ने (भी)[1] रसूलों को।
1. यहाँ यह बात याद रखने की है कि एक रसूल का इन्कार सभी रसूलों का इन्कहार है क्यों कि सब का उपदेश एक ही था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ صَٰلِحٌ أَلَا تَتَّقُونَ
जब कहा उनसे उनके भाई सालेह़ नेः क्या तुम डरते नहीं हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنِّي لَكُمۡ رَسُولٌ أَمِينٞ
वास्तव में, मैं तुम्हारा विश्वसनीय रसूल हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
तो तुम अल्लाह से डरो और मेरा कहा मानो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
तथा मैं नहीं माँगता इसपर तुमसे कोई पारिश्रमिक, मेरा पारिश्रमिक तो बस सर्वलोक के पालनहार पर है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَتُتۡرَكُونَ فِي مَا هَٰهُنَآ ءَامِنِينَ
क्या तुम छोड़ दिये जाओगे उसमें, जो यहाँ हैं निश्चिन्त रहकर?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فِي جَنَّـٰتٖ وَعُيُونٖ
बाग़ों तथा स्रोतों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَزُرُوعٖ وَنَخۡلٖ طَلۡعُهَا هَضِيمٞ
तथा खेतों और खजूरों में, जिनके गुच्छे रस भरे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَنۡحِتُونَ مِنَ ٱلۡجِبَالِ بُيُوتٗا فَٰرِهِينَ
तथा तुमपर्वतों को तराशकर घर बनाते हो, गर्व करते हुए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
अतः, अल्लाह से डरो और मेरा अनुपालन करो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَا تُطِيعُوٓاْ أَمۡرَ ٱلۡمُسۡرِفِينَ
और पालन न करो उल्लंघनकारियों के आदेश का।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ٱلَّذِينَ يُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلَا يُصۡلِحُونَ
जो उपद्रव करते हैं धरती में और सुधार नहीं करते।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُوٓاْ إِنَّمَآ أَنتَ مِنَ ٱلۡمُسَحَّرِينَ
उन्होंने कहाः वास्तव में, तू उनमें से है, जिनपर जादू कर दिया गया है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
مَآ أَنتَ إِلَّا بَشَرٞ مِّثۡلُنَا فَأۡتِ بِـَٔايَةٍ إِن كُنتَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ
तू तो बस हमारे समान एक मानव है। तो कोई चमत्कार ले आ, यदि तू सच्चा है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ هَٰذِهِۦ نَاقَةٞ لَّهَا شِرۡبٞ وَلَكُمۡ شِرۡبُ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ
कहाः ये ऊँटनी है,[1] इसके लिए पानी पीने का एक दिन है और तुम्हारे लिए पानी लेने का निश्चित दिन है।
1. अर्थता यह ऊँटनी चमत्कार है जो उन की माँग पर पत्थर से निकली थी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَا تَمَسُّوهَا بِسُوٓءٖ فَيَأۡخُذَكُمۡ عَذَابُ يَوۡمٍ عَظِيمٖ
तथा उसे हाथ न लगाना बुराई से, अन्यथा तुम्हें पकड़ लेगी एक भीषण दिन की यातना।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَعَقَرُوهَا فَأَصۡبَحُواْ نَٰدِمِينَ
तो उन्होंने वध कर दिया उसे, अन्ततः, पछताने वाले हो गये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَخَذَهُمُ ٱلۡعَذَابُۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
और पकड़ लिया उन्हें यातना ने। वस्तुतः, इसमें बड़ी निशानी है और नहीं थे उनमें से अधिक्तर ईमान वाले।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और निश्चय आपका पालनहार ही अत्यंत प्रभुत्वशाली, दयावान् है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

كَذَّبَتۡ قَوۡمُ لُوطٍ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
झुठला दिया लूत की जाति ने (भी) रसूलों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لَهُمۡ أَخُوهُمۡ لُوطٌ أَلَا تَتَّقُونَ
जब कहा उनसे उनके भाई लूत नेः क्या तुम डरते नहीं हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنِّي لَكُمۡ رَسُولٌ أَمِينٞ
वास्तव में, मैं तुम्हारे लिए एक अमानतदार रसूल हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱتَّقُواْ ٱللَّهَ وَأَطِيعُونِ
अतः अल्लाह से डरो और मेरा अनुपालन करो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَسۡـَٔلُكُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۖ إِنۡ أَجۡرِيَ إِلَّا عَلَىٰ رَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
और मैं तुमसे प्रश्न नहीं करता, इसपर किसी पारिश्रमिक (बदले) का। मेरा बदला तो बस सर्वलोक के पालनहार पर है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَتَأۡتُونَ ٱلذُّكۡرَانَ مِنَ ٱلۡعَٰلَمِينَ
क्या तुम जाते[1] हो पुरुषों के पास, संसार वासियों में से।
1. इस कुकर्म का आरंभ संसार में लूत (अलैहिस्सलाम) की जाति से हुआ। और अब यह कुकर्म पूरे विश्व में विशेष रूप से यूरोपीय सभ्य देशों में व्यापक है। और समलैंगिक विवाह को यूरोप के बहुत से देशों में वैध मान लिया गया है। जिस के कारण कभी भी उन पर अल्लाह की यातना आ सकती है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَذَرُونَ مَا خَلَقَ لَكُمۡ رَبُّكُم مِّنۡ أَزۡوَٰجِكُمۚ بَلۡ أَنتُمۡ قَوۡمٌ عَادُونَ
तथा छोड़ देते हो उसे, जिसे पैदा किया है तुम्हारे पालनहार ने, अर्थात अपनी प्तनियों को, बल्कि तुम एक जाति हो, सीमा का उल्लंघन करने वाली।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ لَئِن لَّمۡ تَنتَهِ يَٰلُوطُ لَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُخۡرَجِينَ
उन्होंने कहाः यदि तू नहीं रुका, हे लूत! तो अवश्य तेरा बहिष्कार कर दिया जायेगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ إِنِّي لِعَمَلِكُم مِّنَ ٱلۡقَالِينَ
उसने कहाः वास्तव में, मैं तुम्हारे करतूत से बहुत अप्रसन्न हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
رَبِّ نَجِّنِي وَأَهۡلِي مِمَّا يَعۡمَلُونَ
मेरे पालनहार! मुझे बचा ले तथा मेरे परिवार को उससे, जो वे कर रहे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَنَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥٓ أَجۡمَعِينَ
तो हमने उसे बचा लिया तथा उसके सभी परिवार को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا عَجُوزٗا فِي ٱلۡغَٰبِرِينَ
परन्तु, एक बुढ़िया[1] को, जो पीछे रह जाने वालों में थी।
1. इस से अभिप्रेत लूत (अलैहिस्सलाम) की काफ़िर पत्नी थी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ دَمَّرۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
फिर हमने विनाश कर दिया दूसरों का।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَمۡطَرۡنَا عَلَيۡهِم مَّطَرٗاۖ فَسَآءَ مَطَرُ ٱلۡمُنذَرِينَ
और वर्षा की उनपर, एक घोर[1] वर्षा। तो बुरी हो गयी डराये हुए लोगों की वर्षा।
1. अर्थात पत्थरों की वर्षा। (देखियेः सूरह हूद, आयतः82-83)
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَةٗۖ وَمَا كَانَ أَكۡثَرُهُم مُّؤۡمِنِينَ
वास्तव में, इसमें एक बड़ी निशानी (शिक्षा) है और उनमें से अधिक्तर ईमान लाने वाले नहीं थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ
और निश्चय आपका पालनहार ही अत्यंत प्रभुत्वशाली, दयावान् है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran: