Übersetzung der Bedeutungen von dem heiligen Quran - Indische Übersetzung * - Übersetzungen

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Übersetzung der Bedeutungen Surah / Kapitel: As-Sâffât
Vers:
 

सूरा अस्-साफ़्फ़ात

وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ صَفّٗا
शपथ है पंक्तिवध्द (फ़रिश्तों) की!
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱلزَّـٰجِرَٰتِ زَجۡرٗا
फिर झिड़कियाँ देने वालों की!
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱلتَّـٰلِيَٰتِ ذِكۡرًا
फिर स्मरण करके पढ़ने वालों[1] की!
1. यह तीनों गुण फ़रिश्तों के हैं जो आकाशों में अल्लाह की इबादत के लिये पंक्तिवध्द रहते तथा बादलों को हाँकते और अल्लाह के स्मरण जैसे क़ुर्आन तथा नमाज़ पढ़ने और उस की पवित्रता का गान करने इत्यादि में लगे रहते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ إِلَٰهَكُمۡ لَوَٰحِدٞ
निश्चय तुम्हारा पूज्य, एक ही है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا وَرَبُّ ٱلۡمَشَٰرِقِ
आकाशों तथा धरती का पालनहार तथा जो कुछ उनके मध्य है और सुर्योदय होने के स्थानों का रब।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنۡيَا بِزِينَةٍ ٱلۡكَوَاكِبِ
हमने अलंकृत किया है संसार (समीप) के आकाश को, तारों की शोभा से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَحِفۡظٗا مِّن كُلِّ شَيۡطَٰنٖ مَّارِدٖ
तथा रक्षा करने के लिए प्रत्येक उध्दत शैतान से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلۡمَلَإِ ٱلۡأَعۡلَىٰ وَيُقۡذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٖ
वह नहीं सुन सकते (जाकर) उच्च सभा तक फ़रिश्तों की बात तथा मारे जाते हैं, प्रत्येक दिशा से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
دُحُورٗاۖ وَلَهُمۡ عَذَابٞ وَاصِبٌ
राँदने के लिए तथा उनके लिए स्थायी यातना है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا مَنۡ خَطِفَ ٱلۡخَطۡفَةَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابٞ ثَاقِبٞ
परन्तु, जो ले उड़े कुछ, तो पीछा करती है उसका दहकती ज्वाला।[1]
1. फिर यदि उस से बचा रह जाये तो आकाश की बात अपने नीचे के शैतानों तक पहूँचाता है और वह उसे काहिनों तथा ज्योतिषियों को बताते हैं। फिर वह उस में सौ झूठ मिला कर लोगों को बताते हैं। (सह़ीह़ बुख़ारीः 6213, सह़ीह़ मुस्लिमः2228)
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَهُمۡ أَشَدُّ خَلۡقًا أَم مَّنۡ خَلَقۡنَآۚ إِنَّا خَلَقۡنَٰهُم مِّن طِينٖ لَّازِبِۭ
तो आप इन (काफ़िरों) से प्रश्न करें कि क्या उन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या जिन्हें[1] हमने पैदा किया है? हमने उन्हें[2] पैदा किया है, लेसदार मिट्टी से।
1. अर्थात फ़रिश्तों तथा आकाशों को। 2. उन के पिता आदम (अलैहिस्सलाम) को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
بَلۡ عَجِبۡتَ وَيَسۡخَرُونَ
बल्कि आपने आश्चर्य किया (उनके अस्वीकार पर) तथा वे उपहास करते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِذَا ذُكِّرُواْ لَا يَذۡكُرُونَ
और जब शिक्षा दी जाये, तो वे शिक्षा ग्रहण नहीं करते।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِذَا رَأَوۡاْ ءَايَةٗ يَسۡتَسۡخِرُونَ
और जब देखते हैं कोई निशानी, तो उपहास करने लगते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَقَالُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ مُّبِينٌ
तथा कहते हें कि ये तो मात्र खुला जादू है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ
(कहते हैं कि) क्या, जब हम मर जायेंगे तथा मिट्टी और हड्डियाँ हो जायेंगे, तो हम निश्चय पुनः जीवित किये जायेंगे?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ
और क्या, हमारे पहले पूर्वज भी (जीवित किये जायेंगे)?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قُلۡ نَعَمۡ وَأَنتُمۡ دَٰخِرُونَ
आप कह दें कि हाँ तथा तुम अपमानित (भी) होगे!
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَإِنَّمَا هِيَ زَجۡرَةٞ وَٰحِدَةٞ فَإِذَا هُمۡ يَنظُرُونَ
वो तो बस एक झिड़की होगी, फिर सहसा वे देख रहे होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَقَالُواْ يَٰوَيۡلَنَا هَٰذَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ
तथा कहेंगेः हाय हमारा विनाश! ये तो बदले (प्रलय) का दिन है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
هَٰذَا يَوۡمُ ٱلۡفَصۡلِ ٱلَّذِي كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ
यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठला रहे थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
۞ٱحۡشُرُواْ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ وَأَزۡوَٰجَهُمۡ وَمَا كَانُواْ يَعۡبُدُونَ
(आदेश होगा कि) घेर लाओ सब अत्याचारियों को तथा उनके साथियों को और जिसकी वे इबादत (वंदना) कर रहे थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهۡدُوهُمۡ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلۡجَحِيمِ
अल्लाह के सिवा। फिर दिखा दो उन्हें नरक की राह।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَقِفُوهُمۡۖ إِنَّهُم مَّسۡـُٔولُونَ
और उन्हें रोक[1] लो। उनसे प्रश्न किया जाये।
1. नरक में झोंकने से पहले।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

مَا لَكُمۡ لَا تَنَاصَرُونَ
क्या हो गया है तुम्हें कि एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
بَلۡ هُمُ ٱلۡيَوۡمَ مُسۡتَسۡلِمُونَ
बल्कि वे उस दिन, सिर झुकाये खड़े होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ
और एक-दूसरे के सम्मुख होकर परस्पर प्रश्न करेंगेः[1]
1. अर्थात एक-दूसरे को धिक्कारेंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُوٓاْ إِنَّكُمۡ كُنتُمۡ تَأۡتُونَنَا عَنِ ٱلۡيَمِينِ
कहेंगे कि तुम हमारे पास आया करते थे दायें[1] से।
1. इस से अभिप्राय यह है कि धर्म तथा सत्य के नाम से आते थे अर्थात यह विश्वास दिलाते थे कि यही मिश्रणवाद मूल तथा सत्धर्म है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ بَل لَّمۡ تَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ
वे[1] कहेंगेः बल्कि तुम स्वयं ईमान वाले न थे।
1. इस से अभिप्राय उन के प्रमुख लोग हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيۡكُم مِّن سُلۡطَٰنِۭۖ بَلۡ كُنتُمۡ قَوۡمٗا طَٰغِينَ
तथा नहीं था हमारा तुमपर कोई अधिकार,[1] बल्कि तुम सवंय अवज्ञाकारी थे।
1. देखियेः सूरह इब्राहीम, आयतः22
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَحَقَّ عَلَيۡنَا قَوۡلُ رَبِّنَآۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ
तो सिध्द हो गया हमपर हमारे पालनहार का कथन कि हम (यातना) चखने वाले हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَغۡوَيۡنَٰكُمۡ إِنَّا كُنَّا غَٰوِينَ
तो हमने तुम्हें कुपथ कर दिया। हम तो स्वयं कुपथ थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَإِنَّهُمۡ يَوۡمَئِذٖ فِي ٱلۡعَذَابِ مُشۡتَرِكُونَ
फिर वे सभी, उस दिन यातना में साझी होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفۡعَلُ بِٱلۡمُجۡرِمِينَ
हम, इसी प्रकार, किया करते हैं अपराधियों के साथ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُمۡ كَانُوٓاْ إِذَا قِيلَ لَهُمۡ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسۡتَكۡبِرُونَ
ये वो हैं कि जब कहा जाता था उनसे कि कोई पूज्य (वंदनीय) नहीं अल्लाह के अतिरिक्त, तो वे अभिमान करते थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓاْ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرٖ مَّجۡنُونِۭ
तथा कह रहे थेः क्या हम त्याग देने वाले हैं अपने पूज्यों को, एक उन्मत कवि के कारण?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
بَلۡ جَآءَ بِٱلۡحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
बल्कि वह (नबी) सच लाये हैं तथा पुष्टि की है, सब रसूलों की।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّكُمۡ لَذَآئِقُواْ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡأَلِيمِ
निश्चय तुम दुःखदायी यातना चखने वाले हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَا تُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ
तथा तुम उसका प्रतिकार (बदला) दिये जाओगे, जो तुम कर रहे थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
परन्तु अल्लाह के शुध्द भक्त।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ رِزۡقٞ مَّعۡلُومٞ
यही हैं, जिनके लिए विदित जीविका है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَوَٰكِهُ وَهُم مُّكۡرَمُونَ
प्रत्येक प्रकार के फल तथा यही आदरणीय होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فِي جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ
सुख के स्वर्गों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
عَلَىٰ سُرُرٖ مُّتَقَٰبِلِينَ
आसनों पर एक-दूसरे के सम्मुख असीन होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
يُطَافُ عَلَيۡهِم بِكَأۡسٖ مِّن مَّعِينِۭ
फिराये जायेंगे इनपर प्याले, प्रवाहित पेय के।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
بَيۡضَآءَ لَذَّةٖ لِّلشَّـٰرِبِينَ
श्वेत आस्वात पीने वालों के लिए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لَا فِيهَا غَوۡلٞ وَلَا هُمۡ عَنۡهَا يُنزَفُونَ
नहीं होगी उसमें शारिरिक पीड़ा, न वे उसमें बहकेंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَعِندَهُمۡ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ عِينٞ
तथा उनके पास आँखे झुकाये, (सति) बड़ी आँखों वाली (नारियाँ) होंगी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
كَأَنَّهُنَّ بَيۡضٞ مَّكۡنُونٞ
वह छुपाये हुए अन्डों के मानिन्द होंगी।[1]
1. अर्थात जिस प्रकार पक्षी के पंखों के नीचे छुपे हुये अन्डे सुरक्षित होते हैं वैसे ही वह नारियाँ सुरक्षित, सुन्दर रंग और रूप की होंगी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ
वह एक-दूसरे से सम्मुख होकर प्रश्न करेंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ قَآئِلٞ مِّنۡهُمۡ إِنِّي كَانَ لِي قَرِينٞ
तो कहेगा एक कहने वाला उनमें सेः मेरा एक साथी था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

يَقُولُ أَءِنَّكَ لَمِنَ ٱلۡمُصَدِّقِينَ
जो कहता था कि क्या तुम (प्रलय का) विश्वास करने वालों में से हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَدِينُونَ
क्या जब हम, मर जायेंगे तथा मिट्टी और अस्थियाँ हो जायेंगे, तो क्या हमें (कर्मों) का प्रतिफल दिया जायेगा?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ هَلۡ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ
वह कहेगाः क्या तुम झाँककर देखने वाले हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِي سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ
फिर झाँकते ही उसे देख लेगा, नरक के बीच।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ تَٱللَّهِ إِن كِدتَّ لَتُرۡدِينِ
उससे कहेगाः अल्लाह की शपथ! तुम तो मेरा विनाश कर देने के समीप थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَوۡلَا نِعۡمَةُ رَبِّي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُحۡضَرِينَ
और यदि मेरे पालनहार का अनुग्रह न होता, तो मैं (नरक के) उपस्थितों में होता।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَفَمَا نَحۡنُ بِمَيِّتِينَ
फिर वह कहेगाः क्या (ये सही नहीं है कि) हम मरने वाले नहीं हैं?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا مَوۡتَتَنَا ٱلۡأُولَىٰ وَمَا نَحۡنُ بِمُعَذَّبِينَ
सिवाय अपनी प्रथम मौत के और न हमें यातना दी जायेगी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ
वास्तव में, यही बड़ी सफलता है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لِمِثۡلِ هَٰذَا فَلۡيَعۡمَلِ ٱلۡعَٰمِلُونَ
इसी (जैसी सफलता) के लिए चाहिये कि कर्म करें, कर्म करने वाले।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَذَٰلِكَ خَيۡرٞ نُّزُلًا أَمۡ شَجَرَةُ ٱلزَّقُّومِ
क्या ये आतिथ्य उत्तम है अथवा थोहड़ का वृक्ष?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا جَعَلۡنَٰهَا فِتۡنَةٗ لِّلظَّـٰلِمِينَ
हमने उसे अत्याचारियों के लिए एक परीक्षा बनाया है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهَا شَجَرَةٞ تَخۡرُجُ فِيٓ أَصۡلِ ٱلۡجَحِيمِ
वह एक वृक्ष है, जो नरक की जड़ (तह) से निकलता है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
طَلۡعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَٰطِينِ
उसके गुच्छे शैतानों के सिरों के समान हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَإِنَّهُمۡ لَأٓكِلُونَ مِنۡهَا فَمَالِـُٔونَ مِنۡهَا ٱلۡبُطُونَ
तो वे (नरक वासी) खाने वाले हैं, उससे। फिर भरने वाले हैं, उससे अपने पेट।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ إِنَّ لَهُمۡ عَلَيۡهَا لَشَوۡبٗا مِّنۡ حَمِيمٖ
फिर उनके लिए उसके ऊपर से खौलता गरम पानी है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ إِنَّ مَرۡجِعَهُمۡ لَإِلَى ٱلۡجَحِيمِ
फिर उन्हें प्रत्यागत होना है, नरक की ओर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُمۡ أَلۡفَوۡاْ ءَابَآءَهُمۡ ضَآلِّينَ
वास्तव में, उन्होंने पाया अपने पूर्वजों को कुपथ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَهُمۡ عَلَىٰٓ ءَاثَٰرِهِمۡ يُهۡرَعُونَ
फिर वे उन्हीं के पद्चिन्हों पर[1] दौड़े चले जा रहे हैं।
1. इस में नरक में जाने का जो सब से बड़ा कारण बताया गया है वह है नबी को न मानना, और अपने पूर्वजों के पंथ पर ही चलते रहना।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَقَدۡ ضَلَّ قَبۡلَهُمۡ أَكۡثَرُ ٱلۡأَوَّلِينَ
और कुपथ हो चुके हैं, इनसे पूर्व अगले लोगों में से अधिक्तर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا فِيهِم مُّنذِرِينَ
तथा हम भेज चुके हैं उनमें, सचेत (सावधान) करने वाले।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُنذَرِينَ
तो देखो कि कैसा रहा सावधान किये हुए लोगों का परिणाम?[1]
1. अतः उन के दुष्परिणाम से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
हमारे शुध्द भक्तों के सिवा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَقَدۡ نَادَىٰنَا نُوحٞ فَلَنِعۡمَ ٱلۡمُجِيبُونَ
तथा हमें पुकारा नूह़ नेः तो हम क्या ही अच्छे प्रार्थना स्वीकार करने वाले हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَنَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥ مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ
और हमने बचा लिया उसे और उसके परिजनों को, घोर आपदा से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

وَجَعَلۡنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلۡبَاقِينَ
तथा कर दिया हमने उसकी संतति को, शेष[1] रह जाने वालों में से।
1. उस की जाति के जलमग्न हो जाने के पश्चात्।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा शेष रखा हमने उसकी सराहना तथा प्रशंसा को पिछलों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
سَلَٰمٌ عَلَىٰ نُوحٖ فِي ٱلۡعَٰلَمِينَ
सलाम (सुरक्षा)[1] है नूह़ के लिए समस्त विश्ववासियों में।
1. अर्थात उस की बुरी चर्चा से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
इसी प्रकार, हम प्रतिफल प्रदान करते हैं सदाचारियों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
वास्तव में, वह हमारे ईमान वाले भक्तों में से था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
फिर हमने जलमगन कर दिया दूसरों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
۞وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبۡرَٰهِيمَ
और उसके अनुयायियों में निश्चय इब्राहीम है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلۡبٖ سَلِيمٍ
जब लाया वह अपने पालनहार के पास स्वच्छ दिल।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَاذَا تَعۡبُدُونَ
जब कहा उसने अपने पिता तथा अपनी जाति सेः तुम किसकी इबादत (वंदना) कर रहे हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَئِفۡكًا ءَالِهَةٗ دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ
क्या अपने बनाये हुए पूज्यों को अल्लाह के सिवा चाहते हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
तो तुम्हारा क्या विचार है, विश्व के पालनहार के विषय में?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَنَظَرَ نَظۡرَةٗ فِي ٱلنُّجُومِ
फिर उसने देखा तोरों की[1] ओर।
1. यह सोचते हुये कि इन के उत्सव में न जाने के लिये क्या बहाना करूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَقَالَ إِنِّي سَقِيمٞ
तथा उनसे कहाः मैं रोगी हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَتَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ مُدۡبِرِينَ
तो उसे छोड़कर चले गये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمۡ فَقَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ
फिर वह जा पहुँचा, उनके उपास्यों (पूज्यों) की ओर। कहा कि (वे प्रसाद) क्यों नहीं खाते?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ
तुम्हें क्या हुआ है कि बोलते नहीं?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَرَاغَ عَلَيۡهِمۡ ضَرۡبَۢا بِٱلۡيَمِينِ
फिर पिल पड़ा उनपर मारते हुए, दायें हाथ से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَقۡبَلُوٓاْ إِلَيۡهِ يَزِفُّونَ
तो वे आये उसकी ओर दौड़ते हुए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالَ أَتَعۡبُدُونَ مَا تَنۡحِتُونَ
इब्राहीम ने कहाः क्या तुम इबादत (वंदना) करते हो उसकी जिसे, पत्थरों से तराश्ते हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ وَمَا تَعۡمَلُونَ
जबकि अल्लाह ने पैदा किया है तुम्हें तथा जो तुम करते हो।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَالُواْ ٱبۡنُواْ لَهُۥ بُنۡيَٰنٗا فَأَلۡقُوهُ فِي ٱلۡجَحِيمِ
उन्होंने कहाः इसके लिए एक (अग्निशाला का) निर्माण करो और उसे झोंक दो दहकती अग्नि में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدٗا فَجَعَلۡنَٰهُمُ ٱلۡأَسۡفَلِينَ
तो उन्होंने उसके साथ षड्यंत्र रचा, तो हमने उन्हीं को नीचा कर दिया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَقَالَ إِنِّي ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّي سَيَهۡدِينِ
तथा उसने कहाः मैं जाने वाला हूँ अपने पालनहार की[1] ओर। वह मुझे सुपथ दर्शायेगा।
1. अर्थात ऐसे स्थान की ओर जहाँ अपने पालनहार की इबादत कर सकूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
رَبِّ هَبۡ لِي مِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
हे मेरे पालनहार! प्रदान कर मुझे, एक सदाचारी (पुनीत) पुत्र।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَبَشَّرۡنَٰهُ بِغُلَٰمٍ حَلِيمٖ
तो हमने शुभ सूचना दी उसे, एक सहनशील पुत्र की।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعۡيَ قَالَ يَٰبُنَيَّ إِنِّيٓ أَرَىٰ فِي ٱلۡمَنَامِ أَنِّيٓ أَذۡبَحُكَ فَٱنظُرۡ مَاذَا تَرَىٰۚ قَالَ يَـٰٓأَبَتِ ٱفۡعَلۡ مَا تُؤۡمَرُۖ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّـٰبِرِينَ
फिर जब वह पहुँचा उसके साथ चलने-फिरने की आयु को, तो इब्राहीम ने कहाः हे मेरे प्रिय पुत्र! मैं देख रहा हूँ स्वप्न में कि मैं तुझे वध कर रहा हूँ। अब, तू बता कि तेरा क्या विचार है? उसने कहाः हे पिता! पालन करें, जिसका आदेश आपको दिया जा रहा है। आप पायेंगे मुझे सहनशीलों में से, यदि अल्लाह की इच्छा हूई।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

فَلَمَّآ أَسۡلَمَا وَتَلَّهُۥ لِلۡجَبِينِ
अन्ततः, जब दोनों ने स्वयं को अर्पित कर दिया और उस (पिता) ने उसे गिरा दिया माथे के बल।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَنَٰدَيۡنَٰهُ أَن يَـٰٓإِبۡرَٰهِيمُ
तब हमने उसे आवाज़ दी कि हे इब्राहीम!
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
قَدۡ صَدَّقۡتَ ٱلرُّءۡيَآۚ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
तूने सच कर दिया अपना स्वप्न। इसी प्रकार, हम प्रतिफल प्रदान करते हैं सदाचारियों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡبَلَـٰٓؤُاْ ٱلۡمُبِينُ
वास्तव में, ये खुली परीक्षा थी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَفَدَيۡنَٰهُ بِذِبۡحٍ عَظِيمٖ
और हमने उसके मुक्ति-प्रतिदान के रूप में, प्रदान कर दी एक महान[1] बली।
1. यह महान बलि एक मेंढा था। जिसे जिब्रील (अलाहिस्सलाम) द्वारा स्वर्ग से भेजा गया। जो आप के प्रिय पुत्र इस्माईल (अलैहिस्सलाम) के स्थान पर बलि दिया गया। फिर इस विधि को प्रलय तक के लिये अल्लाह के सामिप्य का एक साधन तथा ईदुल अज़्ह़ा (बक़रईद) का प्रियवर कर्म बना दिया गया। जिसे संसार के सभी मुसलमान ईदुल अज़्ह़ा में करते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा हमने शेष रखी उसकी शुभ चर्चा पिछलों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِبۡرَٰهِيمَ
सलाम है इब्रीम पर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
इसी प्रकार, हम प्रतिफल प्रदान करते हैं सदाचारियों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
निश्चय ही वह हमारे ईमान वाले भक्तों में से था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَبَشَّرۡنَٰهُ بِإِسۡحَٰقَ نَبِيّٗا مِّنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
तथा हमने उसे शुभसूचना दी इस्ह़ाक़ नबी की, जो सदाचारियों में[1] होगा।
1. इस आयत से विद्वत होता है कि इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को इस बलि के पश्चात् दूसरे पुत्र आदरणीय इस्ह़ाक़ की शुभ सूचना दी गई। इस से ज्ञान हुआ की बलि इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की दी गई थी। और दोनों की आयु में लग-लग चौदह वर्ष का अन्तर है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَبَٰرَكۡنَا عَلَيۡهِ وَعَلَىٰٓ إِسۡحَٰقَۚ وَمِن ذُرِّيَّتِهِمَا مُحۡسِنٞ وَظَالِمٞ لِّنَفۡسِهِۦ مُبِينٞ
तथा हमने बरकत (विभूति) अवतरिक की उसपर तथा इस्ह़ाक़ पर और उन दोनों की संतति में से कोई सदाचारी है और कोई अपने लिए खुला अत्याचारी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَقَدۡ مَنَنَّا عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
तथा हमने उपकार किया मूसा और हारून पर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَنَجَّيۡنَٰهُمَا وَقَوۡمَهُمَا مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ
तथा मुक्त किया दोनों को और उनकी जाति को, घोर व्यग्रता से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَنَصَرۡنَٰهُمۡ فَكَانُواْ هُمُ ٱلۡغَٰلِبِينَ
तथा हमने सहायता की उनकी, तो वही प्रभावशाली हो गये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَءَاتَيۡنَٰهُمَا ٱلۡكِتَٰبَ ٱلۡمُسۡتَبِينَ
तथा हमने प्रदान की दोनों को प्रकाशमय पुस्तक (तौरात)।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَهَدَيۡنَٰهُمَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلۡمُسۡتَقِيمَ
और हमने दर्शाई दोनों को सीधी डगर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِمَا فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा शेष रखी दोनों की शुभ चर्चा, पिछलों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
سَلَٰمٌ عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
सलाम है मूसा तथा हारून पर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
हम इसी प्रकार प्रतिफल प्रदान करते हैं, सदाचारियों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُمَا مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
वस्तुतः, वे दोनों हमारे ईमान वाले भक्तों में थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ إِلۡيَاسَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
तथा निश्चय इल्यास, नबियों में से था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ قَالَ لِقَوۡمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ
जब कहा उसने अपनी जाति सेः क्या तुम डरते नहीं हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَتَدۡعُونَ بَعۡلٗا وَتَذَرُونَ أَحۡسَنَ ٱلۡخَٰلِقِينَ
क्या तुम बअल ( नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा त्याग रहे हो सर्वोत्तम उत्पत्तिकर्ता को?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ٱللَّهَ رَبَّكُمۡ وَرَبَّ ءَابَآئِكُمُ ٱلۡأَوَّلِينَ
अल्लाह ही तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे प्रथम पूर्वजों का पालनहार है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ
अन्ततः, उन्होंने झुठला दिया उसे। तो निश्चय वही (नरक में) उपस्थित होंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
किन्तु, अल्लाह के शुध्द भक्त।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा शेष रखी हमने उसकी शुभ चर्चा पिछलों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِلۡ يَاسِينَ
सलाम है इल्यासीन[1] पर।
1. इल्यासीन इल्यास ही का एक उच्चारण है। उन्हें अन्य धर्म ग्रन्थों में इलया भी कहा गया है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
वास्तव में, हम इसी प्रकार प्रतिफल प्रदान करते हैं, सदाचारियों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
वस्तुतः, वह हमारे ईमान वाले भक्तों में से था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ لُوطٗا لَّمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
तथा निश्चय लूत नबियों में से था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ نَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥٓ أَجۡمَعِينَ
जब हमने मुक्त किया उसे तथा उसके सबपरिजनों को।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا عَجُوزٗا فِي ٱلۡغَٰبِرِينَ
एक बुढ़िया[1] के सिवा, जो पीछे रह जाने वालों में थी।
1. यह लूत (अलैहिस्सलाम) की काफ़िर पत्नि थी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ثُمَّ دَمَّرۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
फिर हमने अन्यों को तहस-नहस कर दिया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّكُمۡ لَتَمُرُّونَ عَلَيۡهِم مُّصۡبِحِينَ
तथा तुम[1] ग़ुज़रते हो उन (की निर्जीव बस्तियों) पर, प्रातः के समय।
1. मक्का वासियों को संबोधित किया गया है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَبِٱلَّيۡلِۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
तथा रात्रि में। तो क्या तुम समझते नहीं हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
तथा निश्चय यूनुस नबियों में से था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِذۡ أَبَقَ إِلَى ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ
जब वह भाग[1] गया भरी नाव की ओर।
1. अल्लाह की अनुमति के बिना अपने नगर से नगर वासियों को यातना के आन की सूचना दे कर निकल गये। और नाव पर सवार हो गये। नाव सागर की लहरों में घिर गई। इस लिये बोझ कम करने के लिये नाम निकाला गया। तो यूनुस अलैहिस्सलाम का नाम निकला और उन्हें समुद्र में फेंक दिया गया।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلۡمُدۡحَضِينَ
फिर नाम निकाला गया, तो वह हो गया फेंके हुओं में से।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱلۡتَقَمَهُ ٱلۡحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٞ
तो निगल लिया उसे मछली ने और वह निन्दित था।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَلَوۡلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُسَبِّحِينَ
तो यदि न होता अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करने वालों में।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لَلَبِثَ فِي بَطۡنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ
तो वह रह जाता उसके उदर में उस दिन तक, जब सब पुनः जीवित किये[1] जायेंगे।
1. अर्थात प्रयल के दिन तक। (देखियेः सूरह अम्बिया, आयतः87)
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
۞فَنَبَذۡنَٰهُ بِٱلۡعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٞ
तो हमने फेंक दिया उसे खुले मैदान में और वह रोगी[1] था।
1. अर्थात निर्बल नवजात शिशु के समान।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَنۢبَتۡنَا عَلَيۡهِ شَجَرَةٗ مِّن يَقۡطِينٖ
और उगा दिया उस[1] पर लताओं का एक वृक्ष।
1. रक्षा के लिये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَرۡسَلۡنَٰهُ إِلَىٰ مِاْئَةِ أَلۡفٍ أَوۡ يَزِيدُونَ
तथा हमने उसे रसूल बनाकर भेजा एक लाख, बल्कि अधिक की ओर।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَـَٔامَنُواْ فَمَتَّعۡنَٰهُمۡ إِلَىٰ حِينٖ
तो वे ईमान लाये। फिर हमने उन्हें सुख-सुविधा प्रदान की एक समय[1] तक।
1. देखियेः सूरह यूनुस।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَلِرَبِّكَ ٱلۡبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلۡبَنُونَ
तो (हे नबी!) आप उनसे प्रश्न करें कि क्या आपके पालनहार के लिए तो पुत्रियाँ हों और उनके लिए पुत्र?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَمۡ خَلَقۡنَا ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةَ إِنَٰثٗا وَهُمۡ شَٰهِدُونَ
अथवा किया हमने पैदा किया है फ़रिश्तों को नारियाँ और वे उस समय उपस्थित[1] थे?
1. इस में मक्का के मिश्रणवादियों का खण्डन किया जा रहा है जो फ़रिश्तों को देवियाँ तथा अल्लाह की पुत्रियाँ कहते थे। जब कि वह स्वयं पुत्रियों के जन्म को अप्रिय मानते थे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَلَآ إِنَّهُم مِّنۡ إِفۡكِهِمۡ لَيَقُولُونَ
सावधान! वास्तव में, वे अपने मन से बनाकर ये बात कह रहे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَدَ ٱللَّهُ وَإِنَّهُمۡ لَكَٰذِبُونَ
कि अल्लाह ने संतान बनाई है और निश्चय ये मिथ्या भाषी हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَصۡطَفَى ٱلۡبَنَاتِ عَلَى ٱلۡبَنِينَ
क्या अल्लाह ने प्राथमिक्ता दी है पुत्रियों को, पुत्रों पर?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:

مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ
तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा निर्णय दे रहे हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
तो क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
أَمۡ لَكُمۡ سُلۡطَٰنٞ مُّبِينٞ
अथवा तुम्हारे पास कोई प्रत्यक्ष प्रमाण है?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَأۡتُواْ بِكِتَٰبِكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
तो अपनी पुस्तक लाओ, यदि तुम सत्यवादी हो?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَجَعَلُواْ بَيۡنَهُۥ وَبَيۡنَ ٱلۡجِنَّةِ نَسَبٗاۚ وَلَقَدۡ عَلِمَتِ ٱلۡجِنَّةُ إِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ
और उन्होंने बना दिया अल्लाह तथा जिन्नों के मध्य, वंश-संबंध। जबकि जिन्न स्वयं जानते हैं कि वे अल्लाह के समक्ष निश्चय उपस्थित किये[1] जायेंगे।
1. अर्थात यातना के लिये। तो यदि वे उस के संबंधी होते तो उन्हें यातना क्यों देता?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
अल्लाह पवित्र है उन गुणों से, जिनका वे वर्णन कर रहे हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
परन्तु, अल्लाह के शुध्द भक्त।[1]
1. वह अल्लाह को ऐसे दुर्गुणों से युक्त नहीं करते।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَإِنَّكُمۡ وَمَا تَعۡبُدُونَ
तो निश्चय तुम तथा तुम्हारे पूज्य।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
مَآ أَنتُمۡ عَلَيۡهِ بِفَٰتِنِينَ
तुम सब किसी एक को भी कुपथ नहीं कर सकते।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِلَّا مَنۡ هُوَ صَالِ ٱلۡجَحِيمِ
उसके सिवा, जो नरक में झोंका जाने वाला है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَامِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٞ مَّعۡلُومٞ
और नहीं है हम (फ़रिश्तों) में से कोई, परन्तु उसका एक नियमित स्थान है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلصَّآفُّونَ
तथा हम ही (आज्ञापालन के लिए) पंक्तिवध्द हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلۡمُسَبِّحُونَ
और हम ही तस्बीह़ (पवित्रता गान) करने वाले हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَإِن كَانُواْ لَيَقُولُونَ
तथा वे (मुश्रिक) तो कहा करते थे किः
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لَوۡ أَنَّ عِندَنَا ذِكۡرٗا مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ
यदि हमारे पास कोई स्मृति (पुस्तक) होती, जो पहले लोगों में आई......
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
لَكُنَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
तो हम अवश्य अल्लाह के शुध्द भक्तों में हो जाते।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَكَفَرُواْ بِهِۦۖ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ
(फिर जब आ गयी) तो उन्होंने क़ुर्आन के साथ कुफ़्र कर दिया, अतः, शीघ्र ही उन्हें ज्ञान हो जायेगा।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَلَقَدۡ سَبَقَتۡ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا ٱلۡمُرۡسَلِينَ
और पहले ही हमारा वचन हो चुका है अपने भेजे हुए भक्तों के लिए।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran: