Übersetzung der Bedeutungen von dem heiligen Quran - Indische Übersetzung * - Übersetzungen

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Übersetzung der Bedeutungen Surah / Kapitel: At-Târiq
Vers:
 

सूरा अत्-तारिक़

وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ
शपथ है आकाश तथा रात में "प्रकाश प्रदान करने वाले" की!
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَآ أَدۡرَىٰكَ مَا ٱلطَّارِقُ
और तुम क्या जानो कि वह "रात में प्रकाश प्रदान करने वाला" क्या है?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
ٱلنَّجۡمُ ٱلثَّاقِبُ
वह ज्योतिमय सितारा है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِن كُلُّ نَفۡسٖ لَّمَّا عَلَيۡهَا حَافِظٞ
प्रत्येक प्राणी पर एक रक्षक है।[1]
1. (1-4) इन में आकाश के तारों को इस बात की गवाही में लाया गया है कि विश्व की कोई ऐसी वस्तु नहीं है जो एक रक्षक के बिना अपने स्थान पर स्थित रह सकती है, और वह रक्षक स्वयं अल्लाह है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَلۡيَنظُرِ ٱلۡإِنسَٰنُ مِمَّ خُلِقَ
इन्सान, ये तो विचार करे कि वह किस चीज़ से पैदा किया गया है?
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
خُلِقَ مِن مَّآءٖ دَافِقٖ
उछलते पानी (वीर्य) से पैदा किया गया है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
يَخۡرُجُ مِنۢ بَيۡنِ ٱلصُّلۡبِ وَٱلتَّرَآئِبِ
जो पीठ तथा सीने के पंजरों के मध्स से निकलता है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُۥ عَلَىٰ رَجۡعِهِۦ لَقَادِرٞ
निश्चय वह, उसे लौटाने की शक्ति रखता है।[1]
1. (5-8) इन आयतों में इन्सान का ध्यान उस के अस्तित्व की ओर आकर्षित किया गया है कि वह विचार तो करे कि कैसे पैदा किया गया है वीर्य से? फिर उस की निरन्तर रक्षा कर रहा है। फिर वही उसे मृत्यु के पश्चात पुनः पैदा करने की शक्ति भी रखता है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
يَوۡمَ تُبۡلَى ٱلسَّرَآئِرُ
जिस दिन मन के भेद परखे जायेंगे।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَمَا لَهُۥ مِن قُوَّةٖ وَلَا نَاصِرٖ
तो उसे न कोई बल होगा और न उसका कोई सहायक।[1]
1. (9-10) इन आयतों में यह बताया गया है कि फिर से पैदाइश इस लिये होगी ताकि इन्सान के सभी भेदों की जाँच की जाये जिन पर संसार में पर्दा पड़ा रह गया था और सब का बदला न्याय के साथ दिया जाये।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلرَّجۡعِ
शपथ है आकाश की, जो बरसता है!
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَٱلۡأَرۡضِ ذَاتِ ٱلصَّدۡعِ
तथा फटने वाली धरती की।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُۥ لَقَوۡلٞ فَصۡلٞ
वास्तव में, ये (क़ुर्आन) दो-टूक निर्णय (फ़ैसला) करने वाला है।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَمَا هُوَ بِٱلۡهَزۡلِ
हँसी की बात नहीं।[1]
1. (11-14) इन आयतों में बताया गया है कि आकाश से वर्षा का होना तथा धरती से पेड़ पौधों का उपजना कोई खेल नहीं एक गंभीर कर्म है। इसी प्रकार क़ुर्आन में जो तथ्य बताये गये हैं वह भी हँसी उपहास नहीं हैं पक्की और अडिग बातें हैं। काफ़िर (विश्वासहीन) इस भ्रम में न रहें कि उन की चालें इस क़ुर्आन की आमंत्रण को विफल कर देंगी। अल्लाह भी एक उपाय में लगा है जिस के आगे इन की चालें धरी रह जायेंगी।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
إِنَّهُمۡ يَكِيدُونَ كَيۡدٗا
वह चाल बाज़ी करते हैं।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
وَأَكِيدُ كَيۡدٗا
मैं भी चाल बाज़ी कर रहा हूँ।
Arabische Interpretationen von dem heiligen Quran:
فَمَهِّلِ ٱلۡكَٰفِرِينَ أَمۡهِلۡهُمۡ رُوَيۡدَۢا
अतः, काफ़िरों को कुछ थोड़ा अवसर दे दो।[1]
1. (15-17) इन आयतों में नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को सांत्वना तथा अधर्मियों को यह धमकी दे कर बात पूरी कर दी गई है कि आप तनिक सहन करें और विश्वासहीन को मनमानी कर लेने दें, कुछ ही देर होगी कि इन्हें अपने दुष्परिणाम का ज्ञान हो जायेगा। और इक्कीस वर्ष ही बीते थे कि पूरे मक्का और अरब द्वीप में इस्लाम का ध्वज लहराने लगा।
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die indische Übersetzung der Quran-Bedeutung von Maulana Azizul-Haqq Al-Umary , veröffentlicht von König Fahd Complex für den Druck des Heiligen Qur'an in Medina, gedruckt in 1433 H.

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