Translation of the Meanings of the Noble Qur'an - Indian Translation * - Translations’ Index

Download XML - Download CSV - Download Excel

Translation of the meanings Surah: As-Sāffāt
Ayah:
 

सूरा अस्-साफ़्फ़ात

وَٱلصَّـٰٓفَّـٰتِ صَفّٗا
शपथ है पंक्तिवध्द (फ़रिश्तों) की!
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱلزَّـٰجِرَٰتِ زَجۡرٗا
फिर झिड़कियाँ देने वालों की!
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱلتَّـٰلِيَٰتِ ذِكۡرًا
फिर स्मरण करके पढ़ने वालों[1] की!
1. यह तीनों गुण फ़रिश्तों के हैं जो आकाशों में अल्लाह की इबादत के लिये पंक्तिवध्द रहते तथा बादलों को हाँकते और अल्लाह के स्मरण जैसे क़ुर्आन तथा नमाज़ पढ़ने और उस की पवित्रता का गान करने इत्यादि में लगे रहते हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّ إِلَٰهَكُمۡ لَوَٰحِدٞ
निश्चय तुम्हारा पूज्य, एक ही है।
Arabic explanations of the Qur’an:
رَّبُّ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَمَا بَيۡنَهُمَا وَرَبُّ ٱلۡمَشَٰرِقِ
आकाशों तथा धरती का पालनहार तथा जो कुछ उनके मध्य है और सुर्योदय होने के स्थानों का रब।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا زَيَّنَّا ٱلسَّمَآءَ ٱلدُّنۡيَا بِزِينَةٍ ٱلۡكَوَاكِبِ
हमने अलंकृत किया है संसार (समीप) के आकाश को, तारों की शोभा से।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَحِفۡظٗا مِّن كُلِّ شَيۡطَٰنٖ مَّارِدٖ
तथा रक्षा करने के लिए प्रत्येक उध्दत शैतान से।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَّا يَسَّمَّعُونَ إِلَى ٱلۡمَلَإِ ٱلۡأَعۡلَىٰ وَيُقۡذَفُونَ مِن كُلِّ جَانِبٖ
वह नहीं सुन सकते (जाकर) उच्च सभा तक फ़रिश्तों की बात तथा मारे जाते हैं, प्रत्येक दिशा से।
Arabic explanations of the Qur’an:
دُحُورٗاۖ وَلَهُمۡ عَذَابٞ وَاصِبٌ
राँदने के लिए तथा उनके लिए स्थायी यातना है।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا مَنۡ خَطِفَ ٱلۡخَطۡفَةَ فَأَتۡبَعَهُۥ شِهَابٞ ثَاقِبٞ
परन्तु, जो ले उड़े कुछ, तो पीछा करती है उसका दहकती ज्वाला।[1]
1. फिर यदि उस से बचा रह जाये तो आकाश की बात अपने नीचे के शैतानों तक पहूँचाता है और वह उसे काहिनों तथा ज्योतिषियों को बताते हैं। फिर वह उस में सौ झूठ मिला कर लोगों को बताते हैं। (सह़ीह़ बुख़ारीः 6213, सह़ीह़ मुस्लिमः2228)
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَهُمۡ أَشَدُّ خَلۡقًا أَم مَّنۡ خَلَقۡنَآۚ إِنَّا خَلَقۡنَٰهُم مِّن طِينٖ لَّازِبِۭ
तो आप इन (काफ़िरों) से प्रश्न करें कि क्या उन्हें पैदा करना अधिक कठिन है या जिन्हें[1] हमने पैदा किया है? हमने उन्हें[2] पैदा किया है, लेसदार मिट्टी से।
1. अर्थात फ़रिश्तों तथा आकाशों को। 2. उन के पिता आदम (अलैहिस्सलाम) को।
Arabic explanations of the Qur’an:
بَلۡ عَجِبۡتَ وَيَسۡخَرُونَ
बल्कि आपने आश्चर्य किया (उनके अस्वीकार पर) तथा वे उपहास करते हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِذَا ذُكِّرُواْ لَا يَذۡكُرُونَ
और जब शिक्षा दी जाये, तो वे शिक्षा ग्रहण नहीं करते।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِذَا رَأَوۡاْ ءَايَةٗ يَسۡتَسۡخِرُونَ
और जब देखते हैं कोई निशानी, तो उपहास करने लगते हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَقَالُوٓاْ إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا سِحۡرٞ مُّبِينٌ
तथा कहते हें कि ये तो मात्र खुला जादू है।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ
(कहते हैं कि) क्या, जब हम मर जायेंगे तथा मिट्टी और हड्डियाँ हो जायेंगे, तो हम निश्चय पुनः जीवित किये जायेंगे?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ
और क्या, हमारे पहले पूर्वज भी (जीवित किये जायेंगे)?
Arabic explanations of the Qur’an:
قُلۡ نَعَمۡ وَأَنتُمۡ دَٰخِرُونَ
आप कह दें कि हाँ तथा तुम अपमानित (भी) होगे!
Arabic explanations of the Qur’an:
فَإِنَّمَا هِيَ زَجۡرَةٞ وَٰحِدَةٞ فَإِذَا هُمۡ يَنظُرُونَ
वो तो बस एक झिड़की होगी, फिर सहसा वे देख रहे होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَقَالُواْ يَٰوَيۡلَنَا هَٰذَا يَوۡمُ ٱلدِّينِ
तथा कहेंगेः हाय हमारा विनाश! ये तो बदले (प्रलय) का दिन है।
Arabic explanations of the Qur’an:
هَٰذَا يَوۡمُ ٱلۡفَصۡلِ ٱلَّذِي كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ
यही निर्णय का दिन है, जिसे तुम झुठला रहे थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
۞ٱحۡشُرُواْ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ وَأَزۡوَٰجَهُمۡ وَمَا كَانُواْ يَعۡبُدُونَ
(आदेश होगा कि) घेर लाओ सब अत्याचारियों को तथा उनके साथियों को और जिसकी वे इबादत (वंदना) कर रहे थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
مِن دُونِ ٱللَّهِ فَٱهۡدُوهُمۡ إِلَىٰ صِرَٰطِ ٱلۡجَحِيمِ
अल्लाह के सिवा। फिर दिखा दो उन्हें नरक की राह।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَقِفُوهُمۡۖ إِنَّهُم مَّسۡـُٔولُونَ
और उन्हें रोक[1] लो। उनसे प्रश्न किया जाये।
1. नरक में झोंकने से पहले।
Arabic explanations of the Qur’an:

مَا لَكُمۡ لَا تَنَاصَرُونَ
क्या हो गया है तुम्हें कि एक-दूसरे की सहायता नहीं करते?
Arabic explanations of the Qur’an:
بَلۡ هُمُ ٱلۡيَوۡمَ مُسۡتَسۡلِمُونَ
बल्कि वे उस दिन, सिर झुकाये खड़े होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ
और एक-दूसरे के सम्मुख होकर परस्पर प्रश्न करेंगेः[1]
1. अर्थात एक-दूसरे को धिक्कारेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالُوٓاْ إِنَّكُمۡ كُنتُمۡ تَأۡتُونَنَا عَنِ ٱلۡيَمِينِ
कहेंगे कि तुम हमारे पास आया करते थे दायें[1] से।
1. इस से अभिप्राय यह है कि धर्म तथा सत्य के नाम से आते थे अर्थात यह विश्वास दिलाते थे कि यही मिश्रणवाद मूल तथा सत्धर्म है।
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالُواْ بَل لَّمۡ تَكُونُواْ مُؤۡمِنِينَ
वे[1] कहेंगेः बल्कि तुम स्वयं ईमान वाले न थे।
1. इस से अभिप्राय उन के प्रमुख लोग हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَمَا كَانَ لَنَا عَلَيۡكُم مِّن سُلۡطَٰنِۭۖ بَلۡ كُنتُمۡ قَوۡمٗا طَٰغِينَ
तथा नहीं था हमारा तुमपर कोई अधिकार,[1] बल्कि तुम सवंय अवज्ञाकारी थे।
1. देखियेः सूरह इब्राहीम, आयतः22
Arabic explanations of the Qur’an:
فَحَقَّ عَلَيۡنَا قَوۡلُ رَبِّنَآۖ إِنَّا لَذَآئِقُونَ
तो सिध्द हो गया हमपर हमारे पालनहार का कथन कि हम (यातना) चखने वाले हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأَغۡوَيۡنَٰكُمۡ إِنَّا كُنَّا غَٰوِينَ
तो हमने तुम्हें कुपथ कर दिया। हम तो स्वयं कुपथ थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَإِنَّهُمۡ يَوۡمَئِذٖ فِي ٱلۡعَذَابِ مُشۡتَرِكُونَ
फिर वे सभी, उस दिन यातना में साझी होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَفۡعَلُ بِٱلۡمُجۡرِمِينَ
हम, इसी प्रकार, किया करते हैं अपराधियों के साथ।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُمۡ كَانُوٓاْ إِذَا قِيلَ لَهُمۡ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا ٱللَّهُ يَسۡتَكۡبِرُونَ
ये वो हैं कि जब कहा जाता था उनसे कि कोई पूज्य (वंदनीय) नहीं अल्लाह के अतिरिक्त, तो वे अभिमान करते थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَيَقُولُونَ أَئِنَّا لَتَارِكُوٓاْ ءَالِهَتِنَا لِشَاعِرٖ مَّجۡنُونِۭ
तथा कह रहे थेः क्या हम त्याग देने वाले हैं अपने पूज्यों को, एक उन्मत कवि के कारण?
Arabic explanations of the Qur’an:
بَلۡ جَآءَ بِٱلۡحَقِّ وَصَدَّقَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
बल्कि वह (नबी) सच लाये हैं तथा पुष्टि की है, सब रसूलों की।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّكُمۡ لَذَآئِقُواْ ٱلۡعَذَابِ ٱلۡأَلِيمِ
निश्चय तुम दुःखदायी यातना चखने वाले हो।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَمَا تُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ
तथा तुम उसका प्रतिकार (बदला) दिये जाओगे, जो तुम कर रहे थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
परन्तु अल्लाह के शुध्द भक्त।
Arabic explanations of the Qur’an:
أُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ رِزۡقٞ مَّعۡلُومٞ
यही हैं, जिनके लिए विदित जीविका है।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَوَٰكِهُ وَهُم مُّكۡرَمُونَ
प्रत्येक प्रकार के फल तथा यही आदरणीय होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
فِي جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ
सुख के स्वर्गों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
عَلَىٰ سُرُرٖ مُّتَقَٰبِلِينَ
आसनों पर एक-दूसरे के सम्मुख असीन होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
يُطَافُ عَلَيۡهِم بِكَأۡسٖ مِّن مَّعِينِۭ
फिराये जायेंगे इनपर प्याले, प्रवाहित पेय के।
Arabic explanations of the Qur’an:
بَيۡضَآءَ لَذَّةٖ لِّلشَّـٰرِبِينَ
श्वेत आस्वात पीने वालों के लिए।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَا فِيهَا غَوۡلٞ وَلَا هُمۡ عَنۡهَا يُنزَفُونَ
नहीं होगी उसमें शारिरिक पीड़ा, न वे उसमें बहकेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَعِندَهُمۡ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ عِينٞ
तथा उनके पास आँखे झुकाये, (सति) बड़ी आँखों वाली (नारियाँ) होंगी।
Arabic explanations of the Qur’an:
كَأَنَّهُنَّ بَيۡضٞ مَّكۡنُونٞ
वह छुपाये हुए अन्डों के मानिन्द होंगी।[1]
1. अर्थात जिस प्रकार पक्षी के पंखों के नीचे छुपे हुये अन्डे सुरक्षित होते हैं वैसे ही वह नारियाँ सुरक्षित, सुन्दर रंग और रूप की होंगी।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأَقۡبَلَ بَعۡضُهُمۡ عَلَىٰ بَعۡضٖ يَتَسَآءَلُونَ
वह एक-दूसरे से सम्मुख होकर प्रश्न करेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالَ قَآئِلٞ مِّنۡهُمۡ إِنِّي كَانَ لِي قَرِينٞ
तो कहेगा एक कहने वाला उनमें सेः मेरा एक साथी था।
Arabic explanations of the Qur’an:

يَقُولُ أَءِنَّكَ لَمِنَ ٱلۡمُصَدِّقِينَ
जो कहता था कि क्या तुम (प्रलय का) विश्वास करने वालों में से हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَءِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَدِينُونَ
क्या जब हम, मर जायेंगे तथा मिट्टी और अस्थियाँ हो जायेंगे, तो क्या हमें (कर्मों) का प्रतिफल दिया जायेगा?
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالَ هَلۡ أَنتُم مُّطَّلِعُونَ
वह कहेगाः क्या तुम झाँककर देखने वाले हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱطَّلَعَ فَرَءَاهُ فِي سَوَآءِ ٱلۡجَحِيمِ
फिर झाँकते ही उसे देख लेगा, नरक के बीच।
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالَ تَٱللَّهِ إِن كِدتَّ لَتُرۡدِينِ
उससे कहेगाः अल्लाह की शपथ! तुम तो मेरा विनाश कर देने के समीप थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَوۡلَا نِعۡمَةُ رَبِّي لَكُنتُ مِنَ ٱلۡمُحۡضَرِينَ
और यदि मेरे पालनहार का अनुग्रह न होता, तो मैं (नरक के) उपस्थितों में होता।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَمَا نَحۡنُ بِمَيِّتِينَ
फिर वह कहेगाः क्या (ये सही नहीं है कि) हम मरने वाले नहीं हैं?
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا مَوۡتَتَنَا ٱلۡأُولَىٰ وَمَا نَحۡنُ بِمُعَذَّبِينَ
सिवाय अपनी प्रथम मौत के और न हमें यातना दी जायेगी।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ
वास्तव में, यही बड़ी सफलता है।
Arabic explanations of the Qur’an:
لِمِثۡلِ هَٰذَا فَلۡيَعۡمَلِ ٱلۡعَٰمِلُونَ
इसी (जैसी सफलता) के लिए चाहिये कि कर्म करें, कर्म करने वाले।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَذَٰلِكَ خَيۡرٞ نُّزُلًا أَمۡ شَجَرَةُ ٱلزَّقُّومِ
क्या ये आतिथ्य उत्तम है अथवा थोहड़ का वृक्ष?
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا جَعَلۡنَٰهَا فِتۡنَةٗ لِّلظَّـٰلِمِينَ
हमने उसे अत्याचारियों के लिए एक परीक्षा बनाया है।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهَا شَجَرَةٞ تَخۡرُجُ فِيٓ أَصۡلِ ٱلۡجَحِيمِ
वह एक वृक्ष है, जो नरक की जड़ (तह) से निकलता है।
Arabic explanations of the Qur’an:
طَلۡعُهَا كَأَنَّهُۥ رُءُوسُ ٱلشَّيَٰطِينِ
उसके गुच्छे शैतानों के सिरों के समान हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَإِنَّهُمۡ لَأٓكِلُونَ مِنۡهَا فَمَالِـُٔونَ مِنۡهَا ٱلۡبُطُونَ
तो वे (नरक वासी) खाने वाले हैं, उससे। फिर भरने वाले हैं, उससे अपने पेट।
Arabic explanations of the Qur’an:
ثُمَّ إِنَّ لَهُمۡ عَلَيۡهَا لَشَوۡبٗا مِّنۡ حَمِيمٖ
फिर उनके लिए उसके ऊपर से खौलता गरम पानी है।
Arabic explanations of the Qur’an:
ثُمَّ إِنَّ مَرۡجِعَهُمۡ لَإِلَى ٱلۡجَحِيمِ
फिर उन्हें प्रत्यागत होना है, नरक की ओर।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُمۡ أَلۡفَوۡاْ ءَابَآءَهُمۡ ضَآلِّينَ
वास्तव में, उन्होंने पाया अपने पूर्वजों को कुपथ।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَهُمۡ عَلَىٰٓ ءَاثَٰرِهِمۡ يُهۡرَعُونَ
फिर वे उन्हीं के पद्चिन्हों पर[1] दौड़े चले जा रहे हैं।
1. इस में नरक में जाने का जो सब से बड़ा कारण बताया गया है वह है नबी को न मानना, और अपने पूर्वजों के पंथ पर ही चलते रहना।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَقَدۡ ضَلَّ قَبۡلَهُمۡ أَكۡثَرُ ٱلۡأَوَّلِينَ
और कुपथ हो चुके हैं, इनसे पूर्व अगले लोगों में से अधिक्तर।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَقَدۡ أَرۡسَلۡنَا فِيهِم مُّنذِرِينَ
तथा हम भेज चुके हैं उनमें, सचेत (सावधान) करने वाले।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱنظُرۡ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلۡمُنذَرِينَ
तो देखो कि कैसा रहा सावधान किये हुए लोगों का परिणाम?[1]
1. अतः उन के दुष्परिणाम से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिये।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
हमारे शुध्द भक्तों के सिवा।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَقَدۡ نَادَىٰنَا نُوحٞ فَلَنِعۡمَ ٱلۡمُجِيبُونَ
तथा हमें पुकारा नूह़ नेः तो हम क्या ही अच्छे प्रार्थना स्वीकार करने वाले हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَنَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥ مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ
और हमने बचा लिया उसे और उसके परिजनों को, घोर आपदा से।
Arabic explanations of the Qur’an:

وَجَعَلۡنَا ذُرِّيَّتَهُۥ هُمُ ٱلۡبَاقِينَ
तथा कर दिया हमने उसकी संतति को, शेष[1] रह जाने वालों में से।
1. उस की जाति के जलमग्न हो जाने के पश्चात्।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा शेष रखा हमने उसकी सराहना तथा प्रशंसा को पिछलों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
سَلَٰمٌ عَلَىٰ نُوحٖ فِي ٱلۡعَٰلَمِينَ
सलाम (सुरक्षा)[1] है नूह़ के लिए समस्त विश्ववासियों में।
1. अर्थात उस की बुरी चर्चा से।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
इसी प्रकार, हम प्रतिफल प्रदान करते हैं सदाचारियों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
वास्तव में, वह हमारे ईमान वाले भक्तों में से था।
Arabic explanations of the Qur’an:
ثُمَّ أَغۡرَقۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
फिर हमने जलमगन कर दिया दूसरों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
۞وَإِنَّ مِن شِيعَتِهِۦ لَإِبۡرَٰهِيمَ
और उसके अनुयायियों में निश्चय इब्राहीम है।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِذۡ جَآءَ رَبَّهُۥ بِقَلۡبٖ سَلِيمٍ
जब लाया वह अपने पालनहार के पास स्वच्छ दिल।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِذۡ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوۡمِهِۦ مَاذَا تَعۡبُدُونَ
जब कहा उसने अपने पिता तथा अपनी जाति सेः तुम किसकी इबादत (वंदना) कर रहे हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَئِفۡكًا ءَالِهَةٗ دُونَ ٱللَّهِ تُرِيدُونَ
क्या अपने बनाये हुए पूज्यों को अल्लाह के सिवा चाहते हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَمَا ظَنُّكُم بِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
तो तुम्हारा क्या विचार है, विश्व के पालनहार के विषय में?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَنَظَرَ نَظۡرَةٗ فِي ٱلنُّجُومِ
फिर उसने देखा तोरों की[1] ओर।
1. यह सोचते हुये कि इन के उत्सव में न जाने के लिये क्या बहाना करूँ।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَقَالَ إِنِّي سَقِيمٞ
तथा उनसे कहाः मैं रोगी हूँ।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَتَوَلَّوۡاْ عَنۡهُ مُدۡبِرِينَ
तो उसे छोड़कर चले गये।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَرَاغَ إِلَىٰٓ ءَالِهَتِهِمۡ فَقَالَ أَلَا تَأۡكُلُونَ
फिर वह जा पहुँचा, उनके उपास्यों (पूज्यों) की ओर। कहा कि (वे प्रसाद) क्यों नहीं खाते?
Arabic explanations of the Qur’an:
مَا لَكُمۡ لَا تَنطِقُونَ
तुम्हें क्या हुआ है कि बोलते नहीं?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَرَاغَ عَلَيۡهِمۡ ضَرۡبَۢا بِٱلۡيَمِينِ
फिर पिल पड़ा उनपर मारते हुए, दायें हाथ से।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأَقۡبَلُوٓاْ إِلَيۡهِ يَزِفُّونَ
तो वे आये उसकी ओर दौड़ते हुए।
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالَ أَتَعۡبُدُونَ مَا تَنۡحِتُونَ
इब्राहीम ने कहाः क्या तुम इबादत (वंदना) करते हो उसकी जिसे, पत्थरों से तराश्ते हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
وَٱللَّهُ خَلَقَكُمۡ وَمَا تَعۡمَلُونَ
जबकि अल्लाह ने पैदा किया है तुम्हें तथा जो तुम करते हो।
Arabic explanations of the Qur’an:
قَالُواْ ٱبۡنُواْ لَهُۥ بُنۡيَٰنٗا فَأَلۡقُوهُ فِي ٱلۡجَحِيمِ
उन्होंने कहाः इसके लिए एक (अग्निशाला का) निर्माण करो और उसे झोंक दो दहकती अग्नि में।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأَرَادُواْ بِهِۦ كَيۡدٗا فَجَعَلۡنَٰهُمُ ٱلۡأَسۡفَلِينَ
तो उन्होंने उसके साथ षड्यंत्र रचा, तो हमने उन्हीं को नीचा कर दिया।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَقَالَ إِنِّي ذَاهِبٌ إِلَىٰ رَبِّي سَيَهۡدِينِ
तथा उसने कहाः मैं जाने वाला हूँ अपने पालनहार की[1] ओर। वह मुझे सुपथ दर्शायेगा।
1. अर्थात ऐसे स्थान की ओर जहाँ अपने पालनहार की इबादत कर सकूँ।
Arabic explanations of the Qur’an:
رَبِّ هَبۡ لِي مِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
हे मेरे पालनहार! प्रदान कर मुझे, एक सदाचारी (पुनीत) पुत्र।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَبَشَّرۡنَٰهُ بِغُلَٰمٍ حَلِيمٖ
तो हमने शुभ सूचना दी उसे, एक सहनशील पुत्र की।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَلَمَّا بَلَغَ مَعَهُ ٱلسَّعۡيَ قَالَ يَٰبُنَيَّ إِنِّيٓ أَرَىٰ فِي ٱلۡمَنَامِ أَنِّيٓ أَذۡبَحُكَ فَٱنظُرۡ مَاذَا تَرَىٰۚ قَالَ يَـٰٓأَبَتِ ٱفۡعَلۡ مَا تُؤۡمَرُۖ سَتَجِدُنِيٓ إِن شَآءَ ٱللَّهُ مِنَ ٱلصَّـٰبِرِينَ
फिर जब वह पहुँचा उसके साथ चलने-फिरने की आयु को, तो इब्राहीम ने कहाः हे मेरे प्रिय पुत्र! मैं देख रहा हूँ स्वप्न में कि मैं तुझे वध कर रहा हूँ। अब, तू बता कि तेरा क्या विचार है? उसने कहाः हे पिता! पालन करें, जिसका आदेश आपको दिया जा रहा है। आप पायेंगे मुझे सहनशीलों में से, यदि अल्लाह की इच्छा हूई।
Arabic explanations of the Qur’an:

فَلَمَّآ أَسۡلَمَا وَتَلَّهُۥ لِلۡجَبِينِ
अन्ततः, जब दोनों ने स्वयं को अर्पित कर दिया और उस (पिता) ने उसे गिरा दिया माथे के बल।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَنَٰدَيۡنَٰهُ أَن يَـٰٓإِبۡرَٰهِيمُ
तब हमने उसे आवाज़ दी कि हे इब्राहीम!
Arabic explanations of the Qur’an:
قَدۡ صَدَّقۡتَ ٱلرُّءۡيَآۚ إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
तूने सच कर दिया अपना स्वप्न। इसी प्रकार, हम प्रतिफल प्रदान करते हैं सदाचारियों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ ٱلۡبَلَـٰٓؤُاْ ٱلۡمُبِينُ
वास्तव में, ये खुली परीक्षा थी।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَفَدَيۡنَٰهُ بِذِبۡحٍ عَظِيمٖ
और हमने उसके मुक्ति-प्रतिदान के रूप में, प्रदान कर दी एक महान[1] बली।
1. यह महान बलि एक मेंढा था। जिसे जिब्रील (अलाहिस्सलाम) द्वारा स्वर्ग से भेजा गया। जो आप के प्रिय पुत्र इस्माईल (अलैहिस्सलाम) के स्थान पर बलि दिया गया। फिर इस विधि को प्रलय तक के लिये अल्लाह के सामिप्य का एक साधन तथा ईदुल अज़्ह़ा (बक़रईद) का प्रियवर कर्म बना दिया गया। जिसे संसार के सभी मुसलमान ईदुल अज़्ह़ा में करते हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा हमने शेष रखी उसकी शुभ चर्चा पिछलों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِبۡرَٰهِيمَ
सलाम है इब्रीम पर।
Arabic explanations of the Qur’an:
كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
इसी प्रकार, हम प्रतिफल प्रदान करते हैं सदाचारियों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
निश्चय ही वह हमारे ईमान वाले भक्तों में से था।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَبَشَّرۡنَٰهُ بِإِسۡحَٰقَ نَبِيّٗا مِّنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
तथा हमने उसे शुभसूचना दी इस्ह़ाक़ नबी की, जो सदाचारियों में[1] होगा।
1. इस आयत से विद्वत होता है कि इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) को इस बलि के पश्चात् दूसरे पुत्र आदरणीय इस्ह़ाक़ की शुभ सूचना दी गई। इस से ज्ञान हुआ की बलि इस्माईल (अलैहिस्सलाम) की दी गई थी। और दोनों की आयु में लग-लग चौदह वर्ष का अन्तर है।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَبَٰرَكۡنَا عَلَيۡهِ وَعَلَىٰٓ إِسۡحَٰقَۚ وَمِن ذُرِّيَّتِهِمَا مُحۡسِنٞ وَظَالِمٞ لِّنَفۡسِهِۦ مُبِينٞ
तथा हमने बरकत (विभूति) अवतरिक की उसपर तथा इस्ह़ाक़ पर और उन दोनों की संतति में से कोई सदाचारी है और कोई अपने लिए खुला अत्याचारी।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَقَدۡ مَنَنَّا عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
तथा हमने उपकार किया मूसा और हारून पर।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَنَجَّيۡنَٰهُمَا وَقَوۡمَهُمَا مِنَ ٱلۡكَرۡبِ ٱلۡعَظِيمِ
तथा मुक्त किया दोनों को और उनकी जाति को, घोर व्यग्रता से।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَنَصَرۡنَٰهُمۡ فَكَانُواْ هُمُ ٱلۡغَٰلِبِينَ
तथा हमने सहायता की उनकी, तो वही प्रभावशाली हो गये।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَءَاتَيۡنَٰهُمَا ٱلۡكِتَٰبَ ٱلۡمُسۡتَبِينَ
तथा हमने प्रदान की दोनों को प्रकाशमय पुस्तक (तौरात)।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَهَدَيۡنَٰهُمَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلۡمُسۡتَقِيمَ
और हमने दर्शाई दोनों को सीधी डगर।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِمَا فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा शेष रखी दोनों की शुभ चर्चा, पिछलों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
سَلَٰمٌ عَلَىٰ مُوسَىٰ وَهَٰرُونَ
सलाम है मूसा तथा हारून पर।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
हम इसी प्रकार प्रतिफल प्रदान करते हैं, सदाचारियों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُمَا مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
वस्तुतः, वे दोनों हमारे ईमान वाले भक्तों में थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّ إِلۡيَاسَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
तथा निश्चय इल्यास, नबियों में से था।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِذۡ قَالَ لِقَوۡمِهِۦٓ أَلَا تَتَّقُونَ
जब कहा उसने अपनी जाति सेः क्या तुम डरते नहीं हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَتَدۡعُونَ بَعۡلٗا وَتَذَرُونَ أَحۡسَنَ ٱلۡخَٰلِقِينَ
क्या तुम बअल ( नामक मूर्ति) को पुकारते हो? तथा त्याग रहे हो सर्वोत्तम उत्पत्तिकर्ता को?
Arabic explanations of the Qur’an:
ٱللَّهَ رَبَّكُمۡ وَرَبَّ ءَابَآئِكُمُ ٱلۡأَوَّلِينَ
अल्लाह ही तुम्हारा पालनहार है तथा तुम्हारे प्रथम पूर्वजों का पालनहार है।
Arabic explanations of the Qur’an:

فَكَذَّبُوهُ فَإِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ
अन्ततः, उन्होंने झुठला दिया उसे। तो निश्चय वही (नरक में) उपस्थित होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
किन्तु, अल्लाह के शुध्द भक्त।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَتَرَكۡنَا عَلَيۡهِ فِي ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा शेष रखी हमने उसकी शुभ चर्चा पिछलों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
سَلَٰمٌ عَلَىٰٓ إِلۡ يَاسِينَ
सलाम है इल्यासीन[1] पर।
1. इल्यासीन इल्यास ही का एक उच्चारण है। उन्हें अन्य धर्म ग्रन्थों में इलया भी कहा गया है।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
वास्तव में, हम इसी प्रकार प्रतिफल प्रदान करते हैं, सदाचारियों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُؤۡمِنِينَ
वस्तुतः, वह हमारे ईमान वाले भक्तों में से था।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّ لُوطٗا لَّمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
तथा निश्चय लूत नबियों में से था।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِذۡ نَجَّيۡنَٰهُ وَأَهۡلَهُۥٓ أَجۡمَعِينَ
जब हमने मुक्त किया उसे तथा उसके सबपरिजनों को।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا عَجُوزٗا فِي ٱلۡغَٰبِرِينَ
एक बुढ़िया[1] के सिवा, जो पीछे रह जाने वालों में थी।
1. यह लूत (अलैहिस्सलाम) की काफ़िर पत्नि थी।
Arabic explanations of the Qur’an:
ثُمَّ دَمَّرۡنَا ٱلۡأٓخَرِينَ
फिर हमने अन्यों को तहस-नहस कर दिया।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّكُمۡ لَتَمُرُّونَ عَلَيۡهِم مُّصۡبِحِينَ
तथा तुम[1] ग़ुज़रते हो उन (की निर्जीव बस्तियों) पर, प्रातः के समय।
1. मक्का वासियों को संबोधित किया गया है।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَبِٱلَّيۡلِۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
तथा रात्रि में। तो क्या तुम समझते नहीं हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّ يُونُسَ لَمِنَ ٱلۡمُرۡسَلِينَ
तथा निश्चय यूनुस नबियों में से था।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِذۡ أَبَقَ إِلَى ٱلۡفُلۡكِ ٱلۡمَشۡحُونِ
जब वह भाग[1] गया भरी नाव की ओर।
1. अल्लाह की अनुमति के बिना अपने नगर से नगर वासियों को यातना के आन की सूचना दे कर निकल गये। और नाव पर सवार हो गये। नाव सागर की लहरों में घिर गई। इस लिये बोझ कम करने के लिये नाम निकाला गया। तो यूनुस अलैहिस्सलाम का नाम निकला और उन्हें समुद्र में फेंक दिया गया।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَسَاهَمَ فَكَانَ مِنَ ٱلۡمُدۡحَضِينَ
फिर नाम निकाला गया, तो वह हो गया फेंके हुओं में से।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱلۡتَقَمَهُ ٱلۡحُوتُ وَهُوَ مُلِيمٞ
तो निगल लिया उसे मछली ने और वह निन्दित था।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَلَوۡلَآ أَنَّهُۥ كَانَ مِنَ ٱلۡمُسَبِّحِينَ
तो यदि न होता अल्लाह की पवित्रता का वर्णन करने वालों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَلَبِثَ فِي بَطۡنِهِۦٓ إِلَىٰ يَوۡمِ يُبۡعَثُونَ
तो वह रह जाता उसके उदर में उस दिन तक, जब सब पुनः जीवित किये[1] जायेंगे।
1. अर्थात प्रयल के दिन तक। (देखियेः सूरह अम्बिया, आयतः87)
Arabic explanations of the Qur’an:
۞فَنَبَذۡنَٰهُ بِٱلۡعَرَآءِ وَهُوَ سَقِيمٞ
तो हमने फेंक दिया उसे खुले मैदान में और वह रोगी[1] था।
1. अर्थात निर्बल नवजात शिशु के समान।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَنۢبَتۡنَا عَلَيۡهِ شَجَرَةٗ مِّن يَقۡطِينٖ
और उगा दिया उस[1] पर लताओं का एक वृक्ष।
1. रक्षा के लिये।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَرۡسَلۡنَٰهُ إِلَىٰ مِاْئَةِ أَلۡفٍ أَوۡ يَزِيدُونَ
तथा हमने उसे रसूल बनाकर भेजा एक लाख, बल्कि अधिक की ओर।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَـَٔامَنُواْ فَمَتَّعۡنَٰهُمۡ إِلَىٰ حِينٖ
तो वे ईमान लाये। फिर हमने उन्हें सुख-सुविधा प्रदान की एक समय[1] तक।
1. देखियेः सूरह यूनुस।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَٱسۡتَفۡتِهِمۡ أَلِرَبِّكَ ٱلۡبَنَاتُ وَلَهُمُ ٱلۡبَنُونَ
तो (हे नबी!) आप उनसे प्रश्न करें कि क्या आपके पालनहार के लिए तो पुत्रियाँ हों और उनके लिए पुत्र?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَمۡ خَلَقۡنَا ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةَ إِنَٰثٗا وَهُمۡ شَٰهِدُونَ
अथवा किया हमने पैदा किया है फ़रिश्तों को नारियाँ और वे उस समय उपस्थित[1] थे?
1. इस में मक्का के मिश्रणवादियों का खण्डन किया जा रहा है जो फ़रिश्तों को देवियाँ तथा अल्लाह की पुत्रियाँ कहते थे। जब कि वह स्वयं पुत्रियों के जन्म को अप्रिय मानते थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَلَآ إِنَّهُم مِّنۡ إِفۡكِهِمۡ لَيَقُولُونَ
सावधान! वास्तव में, वे अपने मन से बनाकर ये बात कह रहे हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَدَ ٱللَّهُ وَإِنَّهُمۡ لَكَٰذِبُونَ
कि अल्लाह ने संतान बनाई है और निश्चय ये मिथ्या भाषी हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَصۡطَفَى ٱلۡبَنَاتِ عَلَى ٱلۡبَنِينَ
क्या अल्लाह ने प्राथमिक्ता दी है पुत्रियों को, पुत्रों पर?
Arabic explanations of the Qur’an:

مَا لَكُمۡ كَيۡفَ تَحۡكُمُونَ
तुम्हें क्या हो गया है, तुम कैसा निर्णय दे रहे हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
तो क्या तुम शिक्षा ग्रहण नहीं करते?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَمۡ لَكُمۡ سُلۡطَٰنٞ مُّبِينٞ
अथवा तुम्हारे पास कोई प्रत्यक्ष प्रमाण है?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأۡتُواْ بِكِتَٰبِكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
तो अपनी पुस्तक लाओ, यदि तुम सत्यवादी हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
وَجَعَلُواْ بَيۡنَهُۥ وَبَيۡنَ ٱلۡجِنَّةِ نَسَبٗاۚ وَلَقَدۡ عَلِمَتِ ٱلۡجِنَّةُ إِنَّهُمۡ لَمُحۡضَرُونَ
और उन्होंने बना दिया अल्लाह तथा जिन्नों के मध्य, वंश-संबंध। जबकि जिन्न स्वयं जानते हैं कि वे अल्लाह के समक्ष निश्चय उपस्थित किये[1] जायेंगे।
1. अर्थात यातना के लिये। तो यदि वे उस के संबंधी होते तो उन्हें यातना क्यों देता?
Arabic explanations of the Qur’an:
سُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ عَمَّا يَصِفُونَ
अल्लाह पवित्र है उन गुणों से, जिनका वे वर्णन कर रहे हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
परन्तु, अल्लाह के शुध्द भक्त।[1]
1. वह अल्लाह को ऐसे दुर्गुणों से युक्त नहीं करते।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَإِنَّكُمۡ وَمَا تَعۡبُدُونَ
तो निश्चय तुम तथा तुम्हारे पूज्य।
Arabic explanations of the Qur’an:
مَآ أَنتُمۡ عَلَيۡهِ بِفَٰتِنِينَ
तुम सब किसी एक को भी कुपथ नहीं कर सकते।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا مَنۡ هُوَ صَالِ ٱلۡجَحِيمِ
उसके सिवा, जो नरक में झोंका जाने वाला है।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَمَامِنَّآ إِلَّا لَهُۥ مَقَامٞ مَّعۡلُومٞ
और नहीं है हम (फ़रिश्तों) में से कोई, परन्तु उसका एक नियमित स्थान है।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلصَّآفُّونَ
तथा हम ही (आज्ञापालन के लिए) पंक्तिवध्द हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّا لَنَحۡنُ ٱلۡمُسَبِّحُونَ
और हम ही तस्बीह़ (पवित्रता गान) करने वाले हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِن كَانُواْ لَيَقُولُونَ
तथा वे (मुश्रिक) तो कहा करते थे किः
Arabic explanations of the Qur’an:
لَوۡ أَنَّ عِندَنَا ذِكۡرٗا مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ
यदि हमारे पास कोई स्मृति (पुस्तक) होती, जो पहले लोगों में आई......
Arabic explanations of the Qur’an:
لَكُنَّا عِبَادَ ٱللَّهِ ٱلۡمُخۡلَصِينَ
तो हम अवश्य अल्लाह के शुध्द भक्तों में हो जाते।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَكَفَرُواْ بِهِۦۖ فَسَوۡفَ يَعۡلَمُونَ
(फिर जब आ गयी) तो उन्होंने क़ुर्आन के साथ कुफ़्र कर दिया, अतः, शीघ्र ही उन्हें ज्ञान हो जायेगा।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَقَدۡ سَبَقَتۡ كَلِمَتُنَا لِعِبَادِنَا ٱلۡمُرۡسَلِينَ
और पहले ही हमारा वचन हो चुका है अपने भेजे हुए भक्तों के लिए।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُمۡ لَهُمُ ٱلۡمَنصُورُونَ
कि निश्चय उन्हीं की सहायता की जायेगी।
Arabic explanations of the Qur’an: