Kur'an-ı Kerim meal tercümesi - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم * - Mealler fihristi


Anlam tercümesi Ayet: (25) Sure: Sûratu's-Saffât
مَا لَكُمْ لَا تَنَاصَرُوْنَ ۟
उन्हें फटकारते हुए कहा जाएगा : तुम्हें क्या हो गया कि तुम एक-दूसरे की मदद नहीं करते, जिस तरह कि तुम दुनिया में एक-दूसरे की मदद किया करते थे और यह दावा करते थे कि तुम्हारी मूर्तियाँ तुम्हारी मदद करेंगी?!
Arapça tefsirler:
Bu sayfadaki ayetlerin faydaları:
• سبب عذاب الكافرين: العمل المنكر؛ وهو الشرك والمعاصي.
• काफ़िरों की यातना का कारण : गलत कार्य है और वह बहुदेववाद और पाप है।

• من نعيم أهل الجنة أنهم نعموا باجتماع بعضهم مع بعض، ومقابلة بعضهم مع بعض، وهذا من كمال السرور.
• जन्नतियों को प्राप्त होने वाली नेमतों में से एक उनका एक-दूसरे से मिलना और एक-दूसरे के आमने-सामने बैठना है। और यह एक पूर्ण खुशी है।

 
Anlam tercümesi Ayet: (25) Sure: Sûratu's-Saffât
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الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم، صادر عن مركز تفسير للدراسات القرآنية.

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