કુરઆન મજીદના શબ્દોનું ભાષાંતર - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم * - ભાષાંતરોની અનુક્રમણિકા


શબ્દોનું ભાષાંતર આયત: (34) સૂરહ: અલ્ મુઅમિનૂન
وَلَىِٕنْ اَطَعْتُمْ بَشَرًا مِّثْلَكُمْ ۙ— اِنَّكُمْ اِذًا لَّخٰسِرُوْنَ ۟ۙ
अगर तुमने अपने ही जैसे एक इनसान की बात मान ली, तो निश्चय तुम उस समय अवश्य घाटा उठाने वाले होगे, क्योंकि तुम्हें उसकी आज्ञाकारिता से कोई लाभ नहीं होगा। इसलिए कि तुमने अपने देवताओं को छोड़कर, ऐसे व्यक्ति का अनुसरण किया, जिसको तुमपर कोई विशेषता प्राप्त नहीं है।
અરબી તફસીરો:
આયતોના ફાયદાઓ માંથી:
• وجوب حمد الله على النعم.
• नेमतों पर अल्लाह की प्रशंसा करना ज़रूरी है।

• الترف في الدنيا من أسباب الغفلة أو الاستكبار عن الحق.
• दुनिया में विलासिता लापरवाही या सत्य से अभिमान के कारणों में से है।

• عاقبة الكافر الندامة والخسران.
• काफ़िर का परिणाम पछतावा और घाटा है।

• الظلم سبب في البعد عن رحمة الله.
• अत्याचार,अल्लाह की रहमत से दूरी का एक कारण है।

 
શબ્દોનું ભાષાંતર આયત: (34) સૂરહ: અલ્ મુઅમિનૂન
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