કુરઆન મજીદના શબ્દોનું ભાષાંતર - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم * - ભાષાંતરોની અનુક્રમણિકા


શબ્દોનું ભાષાંતર આયત: (47) સૂરહ: અલ્ વાકિઆ
وَكَانُوْا یَقُوْلُوْنَ ۙ۬— اَىِٕذَا مِتْنَا وَكُنَّا تُرَابًا وَّعِظَامًا ءَاِنَّا لَمَبْعُوْثُوْنَ ۟ۙ
और वे मरने के बाद पुनः जीवित किए जाने का इनकार करते थे। चुनाँचे उसका मज़ाक उड़ाते हुए और उसे असंभव समझते हुए कहते थे : क्या जब हम मर जाएँगे तथा मिट्टी और सड़ी हुई हड्डियाँ बन जाएँगे, तो क्या हम उसके बाद फिर से जीवित करके उठाए जाएँगे?!
અરબી તફસીરો:
આયતોના ફાયદાઓ માંથી:
• العمل الصالح سبب لنيل النعيم في الآخرة.
• अच्छा कर्म आख़िरत में आनंद प्राप्त करने का कारण है।

• الترف والتنعم من أسباب الوقوع في المعاصي.
• विलासिता और सुख-सुविधापूर्ण जीवन बिताना, पापों में पड़ने के कारणों में से एक है।

• خطر الإصرار على الذنب.
• गुनाह पर बने रहने का खतरा।

 
શબ્દોનું ભાષાંતર આયત: (47) સૂરહ: અલ્ વાકિઆ
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الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم، صادر عن مركز تفسير للدراسات القرآنية.

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