Terjemahan makna Alquran Alkarim - Terjemahan India * - Daftar isi terjemahan

Unduh XML - Unduh CSV - Unduh Excel

Terjemahan makna Surah: Surah At-Takāṡur
Ayah:
 

सूरा अत्-तकासुर

أَلۡهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ
तुम्हें अधिक (धन) के लोभ ने मगन कर दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
حَتَّىٰ زُرۡتُمُ ٱلۡمَقَابِرَ
यहाँ तक कि तुम क़ब्रिस्तान जा पहुँचे।[1]
1. (1-2) इन दोनों आयतों में उन को सावधान किया गया है जो संसारिक धन ही को सब कुछ समझते हैं और उसे अधिकाधिक प्राप्त करने की धुन उन पर ऐसी सवार है कि मौत के पार क्या होगा इसे सोचते ही नहीं। कुछ तो धन की देवी बना कर उसे पूजते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
كَلَّا سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ
निश्चय तुम्हें ज्ञान हो जायेगा।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ كَلَّا سَوۡفَ تَعۡلَمُونَ
फिर निश्चय ही तुम्हें ज्ञान हो जायेगा।
Tafsir berbahasa Arab:
كَلَّا لَوۡ تَعۡلَمُونَ عِلۡمَ ٱلۡيَقِينِ
वास्तव में, यदि तुम्हें विश्वास होता (तो ऐसा न करते)।[1]
1. (3-5) इन आयतों में सावधान किया गया है कि मौत के पार क्या है? उन्हें आँख बन्द करते ही इस का ज्ञान हो जायेगा। यदि आज तुम्हें इस का विश्वास होता तो अपने भविष्य की ओर से निश्चिन्त न होते। और तुम पर धन प्राप्ती की धुन इतनी सवार न होती।
Tafsir berbahasa Arab:
لَتَرَوُنَّ ٱلۡجَحِيمَ
तुम नरक को अवश्य देखोगे।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيۡنَ ٱلۡيَقِينِ
फिर उसे विश्वास की आँख से देखोगे।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ لَتُسۡـَٔلُنَّ يَوۡمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ
फिर उस दिन तुमसे सुख सम्पदा के विषय में अवश्य पूछ गछ होगी।[1]
1. (6-8) इन आयतों में सूचित किया गया है कि तुम नरक के होने का विश्वास करो या न करो वह दिन आ कर रहेगा जब तुम उस को अपनी आँखों से देख लोगे। उस समय तुम्हें इस का पूरा विश्वास हो जायेगा। परन्तु वह दिन कर्म का नहीं ह़िसाब देने का दिन होगा। और तुम्हें प्रत्येक अनुकम्पा (नेमत) के बारे में अल्लाह के सामने जवाब देही करनी होगी। (अह़्सनुल बयान)
Tafsir berbahasa Arab:

 
Terjemahan makna Surah: Surah At-Takāṡur
Daftar surah Nomor Halaman
 
Terjemahan makna Alquran Alkarim - Terjemahan India - Daftar isi terjemahan

Terjemahan makna Al-Qur`ān Al-Karīm ke bahasa India oleh Maulana Azizulhaq Al-'Umari. Diedarkan oleh Kompleks King Fahd untuk percetakan Mushaf, cetakan tahun 1433 H.

Tutup