Terjemahan makna Alquran Alkarim - Terjemahan India * - Daftar isi terjemahan

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Terjemahan makna Surah: Surah Yūsuf
Ayah:
 

सूरा यूसुफ़

الٓرۚ تِلۡكَ ءَايَٰتُ ٱلۡكِتَٰبِ ٱلۡمُبِينِ
अलिफ, लाम, रा। ये खुली पुस्तक की आयतें हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
إِنَّآ أَنزَلۡنَٰهُ قُرۡءَٰنًا عَرَبِيّٗا لَّعَلَّكُمۡ تَعۡقِلُونَ
हमने इस क़ुर्आन को अरबी में उतारा है, ताकि तुम समझो[1]।
1. क्योंकि क़ुर्आन के प्रथम संबोधित अरब लोग थे, फिर उन के द्वारा दूसरे साधारण मनुष्यों को संबोधित किया गया है। तो यदि प्रथम संबोधित ही क़ुर्आन नहीं समझ सकते तो दूसरों को कैसे समझा सकते थे?
Tafsir berbahasa Arab:
نَحۡنُ نَقُصُّ عَلَيۡكَ أَحۡسَنَ ٱلۡقَصَصِ بِمَآ أَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡكَ هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانَ وَإِن كُنتَ مِن قَبۡلِهِۦ لَمِنَ ٱلۡغَٰفِلِينَ
(हे नबी!) हम बहुत अच्छी शैली में आपकी ओर इस क़ुर्आन की वह़्यी द्वारा आपसे इस कथा का वर्णन कर रहे हैं। अन्यथा आप (भी) इससे पूर्व (इससे) असूचित थे।
Tafsir berbahasa Arab:
إِذۡ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَـٰٓأَبَتِ إِنِّي رَأَيۡتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوۡكَبٗا وَٱلشَّمۡسَ وَٱلۡقَمَرَ رَأَيۡتُهُمۡ لِي سَٰجِدِينَ
जब यूसुफ़ ने अपने पिता से कहाः हे मेरे पिता! मैंने स्वप्न देखा है कि ग्यारह सितारे, सूर्य तथा चाँद मुझे सज्दा कर रहे हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

قَالَ يَٰبُنَيَّ لَا تَقۡصُصۡ رُءۡيَاكَ عَلَىٰٓ إِخۡوَتِكَ فَيَكِيدُواْ لَكَ كَيۡدًاۖ إِنَّ ٱلشَّيۡطَٰنَ لِلۡإِنسَٰنِ عَدُوّٞ مُّبِينٞ
उसने कहाः हे मेरे पुत्र! अपना स्वप्न अपने भाईयों को न बताना[1], अन्यथा वे तेरे विरुध्द षड्यंत्र रचेंगे। वास्तव में, शैतान मानव का खुला शत्रु है।
1. यूसुफ़ अलैहिस्सलाम की दूसरी माँओं से दस भाई थे। और एक सगा भाई था। याक़ूब अलैहिस्सलाम यह जानते थे कि सौतीले भाई, यूसुफ़ से ईर्ष्या करते हैं। इस लिये उन को सावधान कर दिया कि अपना स्वप्न उन्हें न बतायें।
Tafsir berbahasa Arab:
وَكَذَٰلِكَ يَجۡتَبِيكَ رَبُّكَ وَيُعَلِّمُكَ مِن تَأۡوِيلِ ٱلۡأَحَادِيثِ وَيُتِمُّ نِعۡمَتَهُۥ عَلَيۡكَ وَعَلَىٰٓ ءَالِ يَعۡقُوبَ كَمَآ أَتَمَّهَا عَلَىٰٓ أَبَوَيۡكَ مِن قَبۡلُ إِبۡرَٰهِيمَ وَإِسۡحَٰقَۚ إِنَّ رَبَّكَ عَلِيمٌ حَكِيمٞ
और ऐसा ही होगा, तेरा पालनहार तुझे चुन लेगा तथा तुझे बातों का अर्थ सिखायेगा और तुझपर और याक़ूब के घराने पर अपना पुरस्कार पूरा करेगा[1]। जैसे इससे पहले तेरे पूर्वजों इब्राहीम और इस्ह़ाक़ पर पूरा किया। वास्तव में, तेरा पालनहार बड़ा ज्ञानी तथा गुणी है।
1. यहाँ पुरस्कार से अभिप्राय नबी बनाना है। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)
Tafsir berbahasa Arab:
۞لَّقَدۡ كَانَ فِي يُوسُفَ وَإِخۡوَتِهِۦٓ ءَايَٰتٞ لِّلسَّآئِلِينَ
वास्तव में, यूसुफ़ और उसके भाईयों (की कथा) में पूछने वालों के[1] लिए कई निशानियाँ हैं।
1. यह प्रश्न यहूदियों ने मक्का वासियों के माध्यम से नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से किया था, कि वह कौन से नबी हैं जो शाम में रहते थे, और जब उन का पुत्र मिस्र निकल गया तो उस पर रोते-रोते अंधे हो गये? इस पर यह पूरी सूरह उतरी। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)
Tafsir berbahasa Arab:
إِذۡ قَالُواْ لَيُوسُفُ وَأَخُوهُ أَحَبُّ إِلَىٰٓ أَبِينَا مِنَّا وَنَحۡنُ عُصۡبَةٌ إِنَّ أَبَانَا لَفِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٍ
जब उन (भाईयों) ने कहाः यूसुफ़ और उसका भाई हमारे पिता को, हमसे अधिक प्रिय हैं। जबकि हम एक गिरोह हैं। वास्तव में, हमारे पिता खुली गुमराही में हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱقۡتُلُواْ يُوسُفَ أَوِ ٱطۡرَحُوهُ أَرۡضٗا يَخۡلُ لَكُمۡ وَجۡهُ أَبِيكُمۡ وَتَكُونُواْ مِنۢ بَعۡدِهِۦ قَوۡمٗا صَٰلِحِينَ
यूसुफ़ को वध कर दो या उसे किसी धरती में फेंक दो। इससे तुम्हारे पिता का ध्यान केवल तुम्हारी तरफ हो जायेगा और इसके पश्चात् पवित्र बन जाओ।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ قَآئِلٞ مِّنۡهُمۡ لَا تَقۡتُلُواْ يُوسُفَ وَأَلۡقُوهُ فِي غَيَٰبَتِ ٱلۡجُبِّ يَلۡتَقِطۡهُ بَعۡضُ ٱلسَّيَّارَةِ إِن كُنتُمۡ فَٰعِلِينَ
उनमें से एक ने कहाः यूसुफ़ को वध न करो, उसे किसी अन्धे कुएँ में डाल दो, उसे कोई क़ाफ़िला निकाल ले जायेगा, यदि कुछ करने वाले हो।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا مَا لَكَ لَا تَأۡمَ۬نَّا عَلَىٰ يُوسُفَ وَإِنَّا لَهُۥ لَنَٰصِحُونَ
उन्होंने कहाः हे हमारे पिता! क्या बात है कि यूसुफ़ के विषय में आप हमपर भरोसा नहीं करते? जबकि हम उसके शुभचिन्तक हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
أَرۡسِلۡهُ مَعَنَا غَدٗا يَرۡتَعۡ وَيَلۡعَبۡ وَإِنَّا لَهُۥ لَحَٰفِظُونَ
उसे कल हमारे साथ वन में भेज दें। वह खाये-पिये और खेले-कूदे और हम उसके रक्षक (प्रहरी) हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ إِنِّي لَيَحۡزُنُنِيٓ أَن تَذۡهَبُواْ بِهِۦ وَأَخَافُ أَن يَأۡكُلَهُ ٱلذِّئۡبُ وَأَنتُمۡ عَنۡهُ غَٰفِلُونَ
उस (पिता) ने कहाः मुझे बड़ी चिन्ता इस बात की है कि तुम उसे ले जाओ और मैं डरता हूँ कि उसे भेड़िया न खा जाये और तुम उससे असावधान रह जाओ।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ لَئِنۡ أَكَلَهُ ٱلذِّئۡبُ وَنَحۡنُ عُصۡبَةٌ إِنَّآ إِذٗا لَّخَٰسِرُونَ
सब (भाईयों) ने कहाः यदि उसे भेड़िया खा गया, जबकि हम एक गिरोह हैं, तो वास्तव में, हम बड़े विनाश में हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

فَلَمَّا ذَهَبُواْ بِهِۦ وَأَجۡمَعُوٓاْ أَن يَجۡعَلُوهُ فِي غَيَٰبَتِ ٱلۡجُبِّۚ وَأَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡهِ لَتُنَبِّئَنَّهُم بِأَمۡرِهِمۡ هَٰذَا وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ
फिर जब वे उसे ले गये और निश्चय किया कि उसे अंधे कुएं में डाल दें और हमने उस (यूसुफ़) की ओर वह़्यी की कि तुम अवश्य इन्हें इनका कर्म बताओगे और वे कुछ जानते न होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَجَآءُوٓ أَبَاهُمۡ عِشَآءٗ يَبۡكُونَ
और वे संध्या को रोते हुए अपने पिता के पास आये।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَآ إِنَّا ذَهَبۡنَا نَسۡتَبِقُ وَتَرَكۡنَا يُوسُفَ عِندَ مَتَٰعِنَا فَأَكَلَهُ ٱلذِّئۡبُۖ وَمَآ أَنتَ بِمُؤۡمِنٖ لَّنَا وَلَوۡ كُنَّا صَٰدِقِينَ
सबने कहाः हे पिता! हम आपस में दौड़ करने लगे और यूसुफ को अपने सामान के पास छोड़ दिया और उसे भेड़िया खा गया और आप तो हमारा विश्वास करने वाले नहीं हैं, यद्यपि हम सच ही क्यों न बोल रहे हों।
Tafsir berbahasa Arab:
وَجَآءُو عَلَىٰ قَمِيصِهِۦ بِدَمٖ كَذِبٖۚ قَالَ بَلۡ سَوَّلَتۡ لَكُمۡ أَنفُسُكُمۡ أَمۡرٗاۖ فَصَبۡرٞ جَمِيلٞۖ وَٱللَّهُ ٱلۡمُسۡتَعَانُ عَلَىٰ مَا تَصِفُونَ
और वे यूसुफ़ के कुर्ते पर झूठा रक्त[1] लगाकर लाये। उसने कहाः बल्कि तुम्हारे मन ने तुम्हारे लिए एक सुन्दर बात बना ली है! तो अब धैर्य धारण करना ही उत्तम है और उसके संबन्ध में जो बात तुम बना रहे हो, अल्ला ही से सहायता माँगनी है।
1. भाष्यकारी ने लिखा है कि वे बकरी के बच्चे का रक्त लगा कर लाये थे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَجَآءَتۡ سَيَّارَةٞ فَأَرۡسَلُواْ وَارِدَهُمۡ فَأَدۡلَىٰ دَلۡوَهُۥۖ قَالَ يَٰبُشۡرَىٰ هَٰذَا غُلَٰمٞۚ وَأَسَرُّوهُ بِضَٰعَةٗۚ وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِمَا يَعۡمَلُونَ
और एक क़ाफ़िला आया। उसने अपने पानी भरने वाले को भेजा, उसने अपना डोल डाला, तो पुकाराः शुभ हो! ये तो एक बालक है और उसे व्यपारिक सामग्री समझकर छुपा लिया और अल्लाह भली-भाँति जानने वाला था जो वे कर रहे थे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَشَرَوۡهُ بِثَمَنِۭ بَخۡسٖ دَرَٰهِمَ مَعۡدُودَةٖ وَكَانُواْ فِيهِ مِنَ ٱلزَّـٰهِدِينَ
और उसे तनिक मूल्य; कुछ गिनती के दिरहमों में बेच दिया और वे उसके बारे में कुछ अधिक की इच्छा नहीं रखते थे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ ٱلَّذِي ٱشۡتَرَىٰهُ مِن مِّصۡرَ لِٱمۡرَأَتِهِۦٓ أَكۡرِمِي مَثۡوَىٰهُ عَسَىٰٓ أَن يَنفَعَنَآ أَوۡ نَتَّخِذَهُۥ وَلَدٗاۚ وَكَذَٰلِكَ مَكَّنَّا لِيُوسُفَ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَلِنُعَلِّمَهُۥ مِن تَأۡوِيلِ ٱلۡأَحَادِيثِۚ وَٱللَّهُ غَالِبٌ عَلَىٰٓ أَمۡرِهِۦ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعۡلَمُونَ
और मिस्र के जिस व्यक्ति ने उसे खरीदा, उसने अपनी पत्नी से कहाः इसे आदर-मान से रखो। संभव है ये हमें लाभ पहुँचाये, अथवा हम इसे अपना पुत्र बना लें। इस प्रकार उसे हमने स्थान दिया और ताकि उसे बातों का अर्थ सिखायें और अल्लाह अपना आदेश पूरा करके रहता है। परन्तु अधिक्तर लोग जानते नहीं हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا بَلَغَ أَشُدَّهُۥٓ ءَاتَيۡنَٰهُ حُكۡمٗا وَعِلۡمٗاۚ وَكَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ
और जब वह जवानी को पहुँचा, तो हमने उसे निर्णय करने की शक्ति तथा ज्ञान प्रदान किया और इसी प्रकार हम सदाचारियों को प्रतिफल (बदला) देते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

وَرَٰوَدَتۡهُ ٱلَّتِي هُوَ فِي بَيۡتِهَا عَن نَّفۡسِهِۦ وَغَلَّقَتِ ٱلۡأَبۡوَٰبَ وَقَالَتۡ هَيۡتَ لَكَۚ قَالَ مَعَاذَ ٱللَّهِۖ إِنَّهُۥ رَبِّيٓ أَحۡسَنَ مَثۡوَايَۖ إِنَّهُۥ لَا يُفۡلِحُ ٱلظَّـٰلِمُونَ
और वह जिस स्त्री[1] के घर में था, उसने उसके मन को रिझाया और द्वार बन्द कर लिए और बोलीः "आ जाओ"। उसने कहाः अल्लाह की शरण! वह मेरा स्वामी है। उसने मुझे अच्छा स्थान दिया है। वास्तव में, अत्याचारी सफल नहीं होते।
1. अभिप्रेत मिस्र के राजा (अज़ीज़) की पत्नी है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَقَدۡ هَمَّتۡ بِهِۦۖ وَهَمَّ بِهَا لَوۡلَآ أَن رَّءَا بُرۡهَٰنَ رَبِّهِۦۚ كَذَٰلِكَ لِنَصۡرِفَ عَنۡهُ ٱلسُّوٓءَ وَٱلۡفَحۡشَآءَۚ إِنَّهُۥ مِنۡ عِبَادِنَا ٱلۡمُخۡلَصِينَ
और उस स्त्री ने उसकी इच्छा की और वह (यूसुफ़) भी उसकी इच्छा करते, यदि अपने पालनहार का प्रमाण न देथ लेते[1]। इस प्रकार, हमने (उसे सावधान) किया ताकि उससे बुराई तथा निर्लज्जा को दूर कर दें। वास्तव में, वह हमारे शुध्द भक्तों में था।
1. यूसुफ़ अलैहिस्सलाम कोई फ़रिश्ता नहीं एक मनुष्य थे। इस लिये बुराई का इरादा कर सकते थे, किन्तु उसी समय उन के दिल में यह बात आई कि मैं पाप कर के अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकूँगा। इस प्रकार अल्लाह ने उन्हें बुराई से बचा लिया, जो यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की बहुत बड़ी प्रधानता है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱسۡتَبَقَا ٱلۡبَابَ وَقَدَّتۡ قَمِيصَهُۥ مِن دُبُرٖ وَأَلۡفَيَا سَيِّدَهَا لَدَا ٱلۡبَابِۚ قَالَتۡ مَا جَزَآءُ مَنۡ أَرَادَ بِأَهۡلِكَ سُوٓءًا إِلَّآ أَن يُسۡجَنَ أَوۡ عَذَابٌ أَلِيمٞ
और दोनों द्वार की ओर दौड़े और उस स्त्री ने उसका कुर्ता पीछे से फाड़ दिया और दोनों ने उसके पति को द्वार के पास पाया। उस (स्त्री) ने कहाः जिसने तेरी पत्नी के साथ बुराई का निश्चय किया, उसका दण्ड इसके सिवा क्या है कि उसे बंदी बना दिया जाये अथवा उसे दुःखदायी यातना (दी जाये)?
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ هِيَ رَٰوَدَتۡنِي عَن نَّفۡسِيۚ وَشَهِدَ شَاهِدٞ مِّنۡ أَهۡلِهَآ إِن كَانَ قَمِيصُهُۥ قُدَّ مِن قُبُلٖ فَصَدَقَتۡ وَهُوَ مِنَ ٱلۡكَٰذِبِينَ
उसने कहाः इसीने मुझे रिझाना चाहा था और उस स्त्री के घराने से एक साक्षी ने साक्ष्य दिया कि यदि उसका कुर्ता आगे से फाड़ा गया है, तो वह सच्ची है तथा वह झूठा है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِن كَانَ قَمِيصُهُۥ قُدَّ مِن دُبُرٖ فَكَذَبَتۡ وَهُوَ مِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ
और यदि उसका कुर्ता पीछे से फाड़ा गया है, तो वह झूठी और वह (यूसुफ़) सच्चा है।
Tafsir berbahasa Arab:
فَلَمَّا رَءَا قَمِيصَهُۥ قُدَّ مِن دُبُرٖ قَالَ إِنَّهُۥ مِن كَيۡدِكُنَّۖ إِنَّ كَيۡدَكُنَّ عَظِيمٞ
फिर जब उस (पति) ने देखा कि उसका कुर्ता पाछे से फाड़ा गया है, तो कहाः वास्तव में, ये तुम स्त्रियों की चालें हैं और तुम्हारी चालें बड़ी घोर होती हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
يُوسُفُ أَعۡرِضۡ عَنۡ هَٰذَاۚ وَٱسۡتَغۡفِرِي لِذَنۢبِكِۖ إِنَّكِ كُنتِ مِنَ ٱلۡخَاطِـِٔينَ
हे यूसुफ़! तुम इस बात को जाने दो और (हे स्त्री!) तू अपने पाप की क्षमा माँग, वास्तव में, तू पापियों में से है।
Tafsir berbahasa Arab:
۞وَقَالَ نِسۡوَةٞ فِي ٱلۡمَدِينَةِ ٱمۡرَأَتُ ٱلۡعَزِيزِ تُرَٰوِدُ فَتَىٰهَا عَن نَّفۡسِهِۦۖ قَدۡ شَغَفَهَا حُبًّاۖ إِنَّا لَنَرَىٰهَا فِي ضَلَٰلٖ مُّبِينٖ
नगर की कुछ स्त्रियों ने कहाः अज़ीज़ (प्रमुख अधिकारी) की पत्नी, अपने दास को रिझा रही है! उसे प्रेम ने मुग्ध कर दिया है। हमारे विचार में वह खुली गुमराही में है।
Tafsir berbahasa Arab:

فَلَمَّا سَمِعَتۡ بِمَكۡرِهِنَّ أَرۡسَلَتۡ إِلَيۡهِنَّ وَأَعۡتَدَتۡ لَهُنَّ مُتَّكَـٔٗا وَءَاتَتۡ كُلَّ وَٰحِدَةٖ مِّنۡهُنَّ سِكِّينٗا وَقَالَتِ ٱخۡرُجۡ عَلَيۡهِنَّۖ فَلَمَّا رَأَيۡنَهُۥٓ أَكۡبَرۡنَهُۥ وَقَطَّعۡنَ أَيۡدِيَهُنَّ وَقُلۡنَ حَٰشَ لِلَّهِ مَا هَٰذَا بَشَرًا إِنۡ هَٰذَآ إِلَّا مَلَكٞ كَرِيمٞ
फिर जब उसने उन स्त्रियों की मक्कारी की बात सुनी, तो उन्हें बुला भेजा और उनके (आतिथ्य) के लिए गाव-तकिये लगवाये और प्रत्येक स्त्री को एक छुरी दे दी[1]। उसने (यूसुफ़ से) कहाः इनके समक्ष "निकल आ"। फिर जब उन स्त्रियों ने उसे देखा, तो चकित (दंग) होकर अपने हाथ काट बैठीं तथा पुकार उठीं: अल्लाह पवित्र है! ये मनुष्य नहीं ये तो कोई सम्मानित फ़रिश्ता है।
1. ताकि अतिथि स्त्रियाँ उस से फलों को काट कर खायें जो उन के लिये रखे गये थे।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَتۡ فَذَٰلِكُنَّ ٱلَّذِي لُمۡتُنَّنِي فِيهِۖ وَلَقَدۡ رَٰوَدتُّهُۥ عَن نَّفۡسِهِۦ فَٱسۡتَعۡصَمَۖ وَلَئِن لَّمۡ يَفۡعَلۡ مَآ ءَامُرُهُۥ لَيُسۡجَنَنَّ وَلَيَكُونٗا مِّنَ ٱلصَّـٰغِرِينَ
उसने कहाः यही वह है, जिसके बारे में तुमने मेरी निंदा की है। वास्तव में, मैंने ही उसे रिझाया था। मगर वह बच निकला और यदि, वह मेरी बात न मानेगा, तो अवश्य बंदी बना दिया जायेगा और अपमानितों में हो जायेगा।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ رَبِّ ٱلسِّجۡنُ أَحَبُّ إِلَيَّ مِمَّا يَدۡعُونَنِيٓ إِلَيۡهِۖ وَإِلَّا تَصۡرِفۡ عَنِّي كَيۡدَهُنَّ أَصۡبُ إِلَيۡهِنَّ وَأَكُن مِّنَ ٱلۡجَٰهِلِينَ
यूसुफ़ ने प्रार्थना कीः हे मेरे पालनहार! मुझे क़ैद उससे अधिक प्रिय है, जिसकी ओर ये औरतें मुझे बुला रही हैं और यदि तूने मुझसे इनके छल को दूर नहीं किया, तो मैं इनकी ओर झुक पड़ूँगा और अज्ञानों में से हो जाऊँगा।
Tafsir berbahasa Arab:
فَٱسۡتَجَابَ لَهُۥ رَبُّهُۥ فَصَرَفَ عَنۡهُ كَيۡدَهُنَّۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ
तो उसके पालनहार ने उसकी प्रार्थना स्वीकार कर ली और उससे उनके छल को दूर कर दिया। वास्तव में, वह बड़ा सुनने-जानने वाला है।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ بَدَا لَهُم مِّنۢ بَعۡدِ مَا رَأَوُاْ ٱلۡأٓيَٰتِ لَيَسۡجُنُنَّهُۥ حَتَّىٰ حِينٖ
फिर उन लोगों[1] ने उचित समझा, इसके पश्चात् कि निशानियाँ देख[2] लीं कि उस (यूसुफ़) को एक अवधि तक के लिए बंदी बना दें।
1. अर्थात अज़ीज़ (मिस्र देश का शासक) और उस के साथियों ने। 2. अर्थात् यूसुफ़ के निर्दोष होने की निशानियाँ।
Tafsir berbahasa Arab:
وَدَخَلَ مَعَهُ ٱلسِّجۡنَ فَتَيَانِۖ قَالَ أَحَدُهُمَآ إِنِّيٓ أَرَىٰنِيٓ أَعۡصِرُ خَمۡرٗاۖ وَقَالَ ٱلۡأٓخَرُ إِنِّيٓ أَرَىٰنِيٓ أَحۡمِلُ فَوۡقَ رَأۡسِي خُبۡزٗا تَأۡكُلُ ٱلطَّيۡرُ مِنۡهُۖ نَبِّئۡنَا بِتَأۡوِيلِهِۦٓۖ إِنَّا نَرَىٰكَ مِنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ
और उसके साथ क़ैद में दो युवकों ने प्रवेश किया। उनमें से एक ने कहाः मैंने स्वप्न देखा है कि शराब निचोड़ रहा हूँ और दूसरे ने कहाः मैंने स्वप्न देखा है कि अपने सिर के ऊपर रोटी उठाये हुए हूँ, जिसमें से पक्षी खा रहे हैं। हमें इसका अर्थ (स्वप्नफल) बता दो। हम देख रहे हैं कि तुम सदाचारियों में से हो।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ لَا يَأۡتِيكُمَا طَعَامٞ تُرۡزَقَانِهِۦٓ إِلَّا نَبَّأۡتُكُمَا بِتَأۡوِيلِهِۦ قَبۡلَ أَن يَأۡتِيَكُمَاۚ ذَٰلِكُمَا مِمَّا عَلَّمَنِي رَبِّيٓۚ إِنِّي تَرَكۡتُ مِلَّةَ قَوۡمٖ لَّا يُؤۡمِنُونَ بِٱللَّهِ وَهُم بِٱلۡأٓخِرَةِ هُمۡ كَٰفِرُونَ
यूसुफ़ ने कहाः तुम्हारे पास तुम्हारा वह भोजन नहीं आयेगा, जो तुम दोनों को दिया जाता है, परन्तु मैं तुम दोनों को उसका अर्थ (फल) बता दूँगा; ये उन बातों में से है, जो मेरे पालनहार ने मुझे सिखायी हैं। मैंने उस जाति का धर्म तज दिया है, जो अल्लाह पर ईमान नहीं रखती और वही परलोक को नकारने वाले हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

وَٱتَّبَعۡتُ مِلَّةَ ءَابَآءِيٓ إِبۡرَٰهِيمَ وَإِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَۚ مَا كَانَ لَنَآ أَن نُّشۡرِكَ بِٱللَّهِ مِن شَيۡءٖۚ ذَٰلِكَ مِن فَضۡلِ ٱللَّهِ عَلَيۡنَا وَعَلَى ٱلنَّاسِ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَشۡكُرُونَ
और अपने पूर्वजों; इब्राहीम, इस्ह़ाक़ और याक़ूब के धर्म का अनुसरण किया है। हमारे लिए वैध नहीं कि किसी चीज़ को अल्लाह का साझी बनायें। ये अल्लाह की दया है, हमपर और लोगों पर। परन्तु अधिक्तर लोग कृतज्ञ नहीं होते[1]।
1. अर्थात तौह़ीद और नबियों के धर्म को नहीं मानते जो अल्लाह का उपकार है।
Tafsir berbahasa Arab:
يَٰصَٰحِبَيِ ٱلسِّجۡنِ ءَأَرۡبَابٞ مُّتَفَرِّقُونَ خَيۡرٌ أَمِ ٱللَّهُ ٱلۡوَٰحِدُ ٱلۡقَهَّارُ
हे मेरे क़ैद के दोनों साथियो! क्या विभिन्न पूज्य उत्तम हैं या एक प्रभुत्वशाली अल्लाह??
Tafsir berbahasa Arab:
مَا تَعۡبُدُونَ مِن دُونِهِۦٓ إِلَّآ أَسۡمَآءٗ سَمَّيۡتُمُوهَآ أَنتُمۡ وَءَابَآؤُكُم مَّآ أَنزَلَ ٱللَّهُ بِهَا مِن سُلۡطَٰنٍۚ إِنِ ٱلۡحُكۡمُ إِلَّا لِلَّهِ أَمَرَ أَلَّا تَعۡبُدُوٓاْ إِلَّآ إِيَّاهُۚ ذَٰلِكَ ٱلدِّينُ ٱلۡقَيِّمُ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعۡلَمُونَ
तुम अल्लाह के सिवा जिसकी इबादत (वंदना) करते हो, वे केवल नाम हैं, जो तुमने और तुम्हारे बाप-दादा ने रख लिए हैं। अल्लाह ने उनका कोई प्रमाण नहीं उतारा है। शासन तो केवल अल्लाह का है। उसने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो। यही सीधा धर्म है। परन्तु अधिक्तर लोग नहीं जानते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
يَٰصَٰحِبَيِ ٱلسِّجۡنِ أَمَّآ أَحَدُكُمَا فَيَسۡقِي رَبَّهُۥ خَمۡرٗاۖ وَأَمَّا ٱلۡأٓخَرُ فَيُصۡلَبُ فَتَأۡكُلُ ٱلطَّيۡرُ مِن رَّأۡسِهِۦۚ قُضِيَ ٱلۡأَمۡرُ ٱلَّذِي فِيهِ تَسۡتَفۡتِيَانِ
हे मेरे क़ैद के दोनों साथियो! रहा तुममें से एक, तो वह अपने स्वामि को शराब पिलायेगा तथा दूसरा, तो उसको फाँसी दी जायेगी और पक्षी उसके सिर में से खायेंगे। उसका निर्णय कर दिया गया है, जिसके संबन्ध में तुम दोनों प्रश्न कर रहे थे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ لِلَّذِي ظَنَّ أَنَّهُۥ نَاجٖ مِّنۡهُمَا ٱذۡكُرۡنِي عِندَ رَبِّكَ فَأَنسَىٰهُ ٱلشَّيۡطَٰنُ ذِكۡرَ رَبِّهِۦ فَلَبِثَ فِي ٱلسِّجۡنِ بِضۡعَ سِنِينَ
और उससे कहा, जिसे समझा कि वह उन दोनों में से मुक्त होने वाला हैः मेरी चर्चा अपने स्वामी के पास कर देना। तो शैतान ने उसे अपने स्वामी के पास, उसकी चर्चा करने को भुला दिया। अतः वह (यूसुफ़) कई वर्ष क़ैद में रह गया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ ٱلۡمَلِكُ إِنِّيٓ أَرَىٰ سَبۡعَ بَقَرَٰتٖ سِمَانٖ يَأۡكُلُهُنَّ سَبۡعٌ عِجَافٞ وَسَبۡعَ سُنۢبُلَٰتٍ خُضۡرٖ وَأُخَرَ يَابِسَٰتٖۖ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلۡمَلَأُ أَفۡتُونِي فِي رُءۡيَٰيَ إِن كُنتُمۡ لِلرُّءۡيَا تَعۡبُرُونَ
और (एक दिन) राजा ने कहाः मैं सात मोटी गायों को सपने में देखता हूँ, जिनको सात दुबली गायें खा रही हैं और सात हरी बालियाँ हैं और दूसरी सात सूखी हैं। हे प्रमुखो! मुझे मेरे स्वप्न के सम्बंध में बताओ, यदि तुम स्वप्न-फल बता सकते हो?
Tafsir berbahasa Arab:

قَالُوٓاْ أَضۡغَٰثُ أَحۡلَٰمٖۖ وَمَا نَحۡنُ بِتَأۡوِيلِ ٱلۡأَحۡلَٰمِ بِعَٰلِمِينَ
सबने कहाः ये तो उलझे स्वप्न की बातें हैं और हम ऐसे स्वप्नों का अर्थ (फल) नहीं जानते।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ ٱلَّذِي نَجَا مِنۡهُمَا وَٱدَّكَرَ بَعۡدَ أُمَّةٍ أَنَا۠ أُنَبِّئُكُم بِتَأۡوِيلِهِۦ فَأَرۡسِلُونِ
और उसने कहा, जो दोनों में से मुक्त हुआ था और उसे एक अवधि के पश्चात्, बात याद आयी थीः मैं तुम्हें इसका फल (अर्थ) बता दूँगा, तुम मुझे भेज[1] दो।
1. अर्थात क़ैद ख़ाने में यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के पास।
Tafsir berbahasa Arab:
يُوسُفُ أَيُّهَا ٱلصِّدِّيقُ أَفۡتِنَا فِي سَبۡعِ بَقَرَٰتٖ سِمَانٖ يَأۡكُلُهُنَّ سَبۡعٌ عِجَافٞ وَسَبۡعِ سُنۢبُلَٰتٍ خُضۡرٖ وَأُخَرَ يَابِسَٰتٖ لَّعَلِّيٓ أَرۡجِعُ إِلَى ٱلنَّاسِ لَعَلَّهُمۡ يَعۡلَمُونَ
हे यूसुफ़! हे सत्यवादी! हमें सात मोटी गायों के बारे में बताओ, जिन्हें सात दुबली गायें खा रही हैं और सात हरी बालियाँ हैं और सात सूखी, ताकि लोगों के पास वापस जाऊँ और ताकि वे जान[1] लें।
1. अर्थात आप की प्रतिष्ठा और ज्ञान को।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ تَزۡرَعُونَ سَبۡعَ سِنِينَ دَأَبٗا فَمَا حَصَدتُّمۡ فَذَرُوهُ فِي سُنۢبُلِهِۦٓ إِلَّا قَلِيلٗا مِّمَّا تَأۡكُلُونَ
यूसुफ़ ने कहाः तुम सात वर्ष निरन्तर खेती करते रहोगे। तो जो कुछ काटो, उसे उसकी बाली में छोड़ दो, परन्तु थोड़ा जिसे खाओगे। ( उसे बालियों से निकाल लो।)
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ يَأۡتِي مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ سَبۡعٞ شِدَادٞ يَأۡكُلۡنَ مَا قَدَّمۡتُمۡ لَهُنَّ إِلَّا قَلِيلٗا مِّمَّا تُحۡصِنُونَ
फिर इसके पश्चात् सात कड़े अकाल के वर्ष होंगे, जो उसे खा जायेंगे, जो तुमने उनके लिए पहले से रखा है, परन्तु उसमें से थोड़ा, जिसे तुम सुरक्षित रखोगे।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ يَأۡتِي مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ عَامٞ فِيهِ يُغَاثُ ٱلنَّاسُ وَفِيهِ يَعۡصِرُونَ
फिर इसके पश्चात् एक ऐसा वर्ष आयेगा, जिसमें लोगों पर जल बरसाया जायेगा तथा उसीमें वे (रस) निचोड़ेंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ ٱلۡمَلِكُ ٱئۡتُونِي بِهِۦۖ فَلَمَّا جَآءَهُ ٱلرَّسُولُ قَالَ ٱرۡجِعۡ إِلَىٰ رَبِّكَ فَسۡـَٔلۡهُ مَا بَالُ ٱلنِّسۡوَةِ ٱلَّـٰتِي قَطَّعۡنَ أَيۡدِيَهُنَّۚ إِنَّ رَبِّي بِكَيۡدِهِنَّ عَلِيمٞ
और राजा ने कहाः उसे मेरे पास लाओ और जब यूसुफ़ के पास भेजा हुआ आया, तो आपने उससे कहा कि अपने स्वामी के पास वापस जाओ[1] और उससे पूछो कि उन स्त्रियों की क्या दशा है, जिन्होंने अपने हाथ काट लिए थे? वास्तव में, मेरा पालनहार उन स्त्रियों के छल से भली-भाँति अवगत है।
1. यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को बंदी बनाये जाने से अधिक उस का कारण जानने की चिन्ता थी। वह चाहते थे कि क़ैद से निकलने से पहले यह सिध्द होना चाहिये कि मैं निर्दोष था।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ مَا خَطۡبُكُنَّ إِذۡ رَٰوَدتُّنَّ يُوسُفَ عَن نَّفۡسِهِۦۚ قُلۡنَ حَٰشَ لِلَّهِ مَا عَلِمۡنَا عَلَيۡهِ مِن سُوٓءٖۚ قَالَتِ ٱمۡرَأَتُ ٱلۡعَزِيزِ ٱلۡـَٰٔنَ حَصۡحَصَ ٱلۡحَقُّ أَنَا۠ رَٰوَدتُّهُۥ عَن نَّفۡسِهِۦ وَإِنَّهُۥ لَمِنَ ٱلصَّـٰدِقِينَ
(राजा) ने उन स्त्रियों से पूछाः तुम्हारा क्या अनुभव है, उस समय का, जब तुमने यूसुफ़ के मन को रिझाया था? सबने कहाः अल्लाह पवित्र है! उसपर हमने कोई बुराई का प्रभाव नहीं जाना। तब अज़ीज़ की पत्नी बोल उठीः अब सत्य उजागर हो गया, वास्तव में, मैंने ही उसके मन को रिझाया था और निःसंदेह वह सत्यवादियों में है[1]।
1. यह क़ुर्आन पाक का बड़ा उपकार है कि उस ने रसूलों तथा नबियों पर लगाये गये बहुत से आरोपों का निवारण (खण्डन) कर दिया है। जिसे अह्ले किताब (यहूदी तथा ईसाई) ने यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के विषय में बहुत सी निर्मूल बातें घड़ ली थीं जिन को क़ुर्आन ने आ कर साफ़ कर दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
ذَٰلِكَ لِيَعۡلَمَ أَنِّي لَمۡ أَخُنۡهُ بِٱلۡغَيۡبِ وَأَنَّ ٱللَّهَ لَا يَهۡدِي كَيۡدَ ٱلۡخَآئِنِينَ
ये (यूसुफ़ ने) इसलिए किया, ताकि उसे (अज़ीज़ को) विश्वास हो जाये, कि मैंने गुप्त रूप से उसके साथ विश्वास घात नहीं किया और वस्तुतः, अल्लाह विश्वासघातियों से प्रेम नहीं करता।
Tafsir berbahasa Arab:

۞وَمَآ أُبَرِّئُ نَفۡسِيٓۚ إِنَّ ٱلنَّفۡسَ لَأَمَّارَةُۢ بِٱلسُّوٓءِ إِلَّا مَا رَحِمَ رَبِّيٓۚ إِنَّ رَبِّي غَفُورٞ رَّحِيمٞ
और मैं अपने मन को निर्दोश नहीं कहता, मन तो बुराई पर उभारता है; परन्तु जिसपर मेरा पालनहार दया कर दे। मेरा पालनहार अति क्षमाशील तथा दयावान् है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ ٱلۡمَلِكُ ٱئۡتُونِي بِهِۦٓ أَسۡتَخۡلِصۡهُ لِنَفۡسِيۖ فَلَمَّا كَلَّمَهُۥ قَالَ إِنَّكَ ٱلۡيَوۡمَ لَدَيۡنَا مَكِينٌ أَمِينٞ
राजा ने कहाः उसे मेरे पास लाओ, उसे मैं अपने लिए विशेष कर लूँ और जब (राजा ने) उस (यूसुफ़) से बात की, तो कहाः वस्तुतः तू आज हमारे पास आदर्णीय भरोसा, करने योग्य है।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ ٱجۡعَلۡنِي عَلَىٰ خَزَآئِنِ ٱلۡأَرۡضِۖ إِنِّي حَفِيظٌ عَلِيمٞ
उस (यूसुफ़) ने कहाः मुझे देश का कोषाधिकारी बना दीजिये। वास्तव में मैं, रखवाला, बड़ा ज्ञानी हूँ।
Tafsir berbahasa Arab:
وَكَذَٰلِكَ مَكَّنَّا لِيُوسُفَ فِي ٱلۡأَرۡضِ يَتَبَوَّأُ مِنۡهَا حَيۡثُ يَشَآءُۚ نُصِيبُ بِرَحۡمَتِنَا مَن نَّشَآءُۖ وَلَا نُضِيعُ أَجۡرَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ
और इस प्रकार, हमने यूसुफ को उस धरती (देश) में अधिकार दिया, वह उसमें जहाँ चाहे, रहे। हम अपनी दया जिसे चाहें, प्रदान करते हैं और सदाचारियों का प्रतिफल व्यर्थ नहीं करते।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَأَجۡرُ ٱلۡأٓخِرَةِ خَيۡرٞ لِّلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَكَانُواْ يَتَّقُونَ
और निश्चय परलोक का प्रतिफल उन लोगों के लिए उत्तम है, जो ईमान लाये और अल्लाह से डरते रहे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَجَآءَ إِخۡوَةُ يُوسُفَ فَدَخَلُواْ عَلَيۡهِ فَعَرَفَهُمۡ وَهُمۡ لَهُۥ مُنكِرُونَ
और यूसुफ़ के भाई आये[1] तथा उसके पास उपस्थित हुए और उसने उन्हें पहचान लिया तथा वे उससे अपरिचित रह गये।
1. अर्थात अकाल के युग में अन्न लेने के लिये फिलस्तीन से मिस्र आये थे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا جَهَّزَهُم بِجَهَازِهِمۡ قَالَ ٱئۡتُونِي بِأَخٖ لَّكُم مِّنۡ أَبِيكُمۡۚ أَلَا تَرَوۡنَ أَنِّيٓ أُوفِي ٱلۡكَيۡلَ وَأَنَا۠ خَيۡرُ ٱلۡمُنزِلِينَ
और जब उनका सामान तैयार कर दिया, तो कहाः अपने सौतीले भाई[1] को लाना। क्या तुम नहीं देखते कि मैं पूरा माप देता हूँ तथा उत्तम अतिथि-सत्कार करने वाला हूँ?
1. जो यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का सगा भाई बिनयामीन था।
Tafsir berbahasa Arab:
فَإِن لَّمۡ تَأۡتُونِي بِهِۦ فَلَا كَيۡلَ لَكُمۡ عِندِي وَلَا تَقۡرَبُونِ
फिर यदि, तुम उसे मेरे पास नहीं लाये, तो मेरे यहाँ तुम्हारे लिए कोई माप नहीं और न तुम मेरे समीप होगे।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ سَنُرَٰوِدُ عَنۡهُ أَبَاهُ وَإِنَّا لَفَٰعِلُونَ
वे बोलेः हम उसके पिता को इसकी प्रेरणा देंगे और हम अवश्य ऐसा करने वाले हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ لِفِتۡيَٰنِهِ ٱجۡعَلُواْ بِضَٰعَتَهُمۡ فِي رِحَالِهِمۡ لَعَلَّهُمۡ يَعۡرِفُونَهَآ إِذَا ٱنقَلَبُوٓاْ إِلَىٰٓ أَهۡلِهِمۡ لَعَلَّهُمۡ يَرۡجِعُونَ
और यूसुफ़ ने अपने सेवकों को आदेश दियाः उनका मूलधन[1] उनकी बोरियों में रख दो, संभवतः वे उसे पहचान लें, जब अपने परिजनों में जायें और संभवतः वापस आयें।
1. अर्थात जिस धन से अन्न ख़रीदा है।
Tafsir berbahasa Arab:
فَلَمَّا رَجَعُوٓاْ إِلَىٰٓ أَبِيهِمۡ قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا مُنِعَ مِنَّا ٱلۡكَيۡلُ فَأَرۡسِلۡ مَعَنَآ أَخَانَا نَكۡتَلۡ وَإِنَّا لَهُۥ لَحَٰفِظُونَ
फिर जब अपने पिता के पास लौटकर गये, तो कहाः हमारे पिता! हम से भविष्य में (अन्न) रोक दिया गया है। अतः हमारे साथ हमारे भाई को भेजें कि हम सब अन्न (ग़ल्ला) लायें और (विशवास कीजीए कि) हम उसके रक्षक हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

قَالَ هَلۡ ءَامَنُكُمۡ عَلَيۡهِ إِلَّا كَمَآ أَمِنتُكُمۡ عَلَىٰٓ أَخِيهِ مِن قَبۡلُ فَٱللَّهُ خَيۡرٌ حَٰفِظٗاۖ وَهُوَ أَرۡحَمُ ٱلرَّـٰحِمِينَ
उस (पिता) ने कहाः क्या मैं उसके लिए तुमपर वैसे ही विश्वास कर लूँ, जैसे इसके पहले उसके भाई (यूसुफ़) के बारे में विश्वास कर चुका हूँ? तो अल्लाह ही उत्तम रक्षक और वही सर्वाधिक दयावान् है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا فَتَحُواْ مَتَٰعَهُمۡ وَجَدُواْ بِضَٰعَتَهُمۡ رُدَّتۡ إِلَيۡهِمۡۖ قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا مَا نَبۡغِيۖ هَٰذِهِۦ بِضَٰعَتُنَا رُدَّتۡ إِلَيۡنَاۖ وَنَمِيرُ أَهۡلَنَا وَنَحۡفَظُ أَخَانَا وَنَزۡدَادُ كَيۡلَ بَعِيرٖۖ ذَٰلِكَ كَيۡلٞ يَسِيرٞ
और जब उन्होंने अपना सामान खोला, तो पाया कि उनका मूलधन उन्हें फेर दिया गया है, उन्होंने कहाः हे हमारे पिता! हमें और क्या चाहिए? ये हमारा धन, हमें फेर दिया गया है? हम अपने घराने के लिए ग़ल्ले (अन्न) लायेंगे और एक ऊँट का बोझ अधिक लायेंगे[1], ये माप (अन्न) बहुत थोड़ा है।
1. अर्थात अपने भाई बिनयामीन का जो उन की दूसरी माँ से था।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ لَنۡ أُرۡسِلَهُۥ مَعَكُمۡ حَتَّىٰ تُؤۡتُونِ مَوۡثِقٗا مِّنَ ٱللَّهِ لَتَأۡتُنَّنِي بِهِۦٓ إِلَّآ أَن يُحَاطَ بِكُمۡۖ فَلَمَّآ ءَاتَوۡهُ مَوۡثِقَهُمۡ قَالَ ٱللَّهُ عَلَىٰ مَا نَقُولُ وَكِيلٞ
उस (पिता) ने कहाः मैं कदापि उसे तुम्हारे साथ नहीं भेजूँगा, यहाँ तक कि अल्लाह के नाम पर मुझे दृढ़ वचन दो कि उसे मेरे पास अवश्य लाओगे, परन्तु ये कि तुमको घेर लिया[1] जाये और जब उन्होंने अपना दृढ़ वचन दिया, तो कहा, अल्लाह ही तुम्हारी बात (वचन) का निरीक्षक है।
1. अर्थात विवश कर दिये जाओ।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ يَٰبَنِيَّ لَا تَدۡخُلُواْ مِنۢ بَابٖ وَٰحِدٖ وَٱدۡخُلُواْ مِنۡ أَبۡوَٰبٖ مُّتَفَرِّقَةٖۖ وَمَآ أُغۡنِي عَنكُم مِّنَ ٱللَّهِ مِن شَيۡءٍۖ إِنِ ٱلۡحُكۡمُ إِلَّا لِلَّهِۖ عَلَيۡهِ تَوَكَّلۡتُۖ وَعَلَيۡهِ فَلۡيَتَوَكَّلِ ٱلۡمُتَوَكِّلُونَ
और ( जब वे जाने लगे) तो उस (पिता) ने कहाः हे मेरे पुत्रो! तुम एक द्वार से मिस्र में प्रवेश न करना, बल्कि विभिन्न द्वारों से प्रवेश करना और मैं तुम्हें किसी चीज़ से नहीं बचा सकता, जो अल्लाह की ओर से हो और आदेश तो अल्लाह का चलता है, मैंने उसीपर भरोसा किया तथा उसीपर भरोसा करने वालों को भरोसा करना चाहिए।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا دَخَلُواْ مِنۡ حَيۡثُ أَمَرَهُمۡ أَبُوهُم مَّا كَانَ يُغۡنِي عَنۡهُم مِّنَ ٱللَّهِ مِن شَيۡءٍ إِلَّا حَاجَةٗ فِي نَفۡسِ يَعۡقُوبَ قَضَىٰهَاۚ وَإِنَّهُۥ لَذُو عِلۡمٖ لِّمَا عَلَّمۡنَٰهُ وَلَٰكِنَّ أَكۡثَرَ ٱلنَّاسِ لَا يَعۡلَمُونَ
और जब उन्होंने (मिस्र में) प्रवेश किया, जैसे उनके पिता ने आदेश दिया था, तो ऐसा नहीं हुआ कि वह उन्हें अल्लाह से कुछ बचा सके; परन्तु ये याक़ूब के दिल में एक विचार उत्पन्न हुआ, जिसे उसने पूरा कर लिया[1] और वास्तव में, वह उसका ज्ञानी था, जो ज्ञान हमने उसे दिया था। परन्तु अधिकांश लोग इस (की वास्तविक्ता) का ज्ञान नहीं रखते।
1. अर्थात एक अपना उपाय था।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا دَخَلُواْ عَلَىٰ يُوسُفَ ءَاوَىٰٓ إِلَيۡهِ أَخَاهُۖ قَالَ إِنِّيٓ أَنَا۠ أَخُوكَ فَلَا تَبۡتَئِسۡ بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
और जब वे यूसुफ़ के पास पहुँचे, तो उसने अपने भाई को अपनी शरण में ले लिया (और उससे) कहाः मैं तेरा भाई (यूसुफ़) हूँ। अतः उससे उदासीन न हो, जो (दुरव्यवहार) वे करते आ रहे हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

فَلَمَّا جَهَّزَهُم بِجَهَازِهِمۡ جَعَلَ ٱلسِّقَايَةَ فِي رَحۡلِ أَخِيهِ ثُمَّ أَذَّنَ مُؤَذِّنٌ أَيَّتُهَا ٱلۡعِيرُ إِنَّكُمۡ لَسَٰرِقُونَ
फिर जब उस (यूसुफ़) ने उनका सामान तैयार करा दिया, तो प्याला अपने भाई के सामान में रख दिया। फिर एक पुकारने वाले ने पुकाराः हे क़ाफ़िले वालो! तुम लोग तो चोर हो!
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ وَأَقۡبَلُواْ عَلَيۡهِم مَّاذَا تَفۡقِدُونَ
उन्होंने फिरकर कहाः तुम क्या खो रहे हो?
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ نَفۡقِدُ صُوَاعَ ٱلۡمَلِكِ وَلِمَن جَآءَ بِهِۦ حِمۡلُ بَعِيرٖ وَأَنَا۠ بِهِۦ زَعِيمٞ
उन (कर्मचारियों) ने कहाः हमें राजा का प्याला नहीं मिल रहा है और जो उसे ले आये, उसके लिए एक ऊँट का बोझ है और मैं उसका प्रतिभु[1] हूँ।
1. अर्थात एक ऊँट के बोझ बराबर पुरस्कार देने का भार मुझ पर है।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ تَٱللَّهِ لَقَدۡ عَلِمۡتُم مَّا جِئۡنَا لِنُفۡسِدَ فِي ٱلۡأَرۡضِ وَمَا كُنَّا سَٰرِقِينَ
उन्होंने कहाः तुम जानते हो कि हम इस देश में उपद्रव करने नहीं आये हैं और न हम चोर ही हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ فَمَا جَزَـٰٓؤُهُۥٓ إِن كُنتُمۡ كَٰذِبِينَ
उन लोगों ने कहाः तो यदि तुम झूठे निकले, तो उसका दण्ड क्या होगा[1]?
1. अर्थात चोर का।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ جَزَـٰٓؤُهُۥ مَن وُجِدَ فِي رَحۡلِهِۦ فَهُوَ جَزَـٰٓؤُهُۥۚ كَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلظَّـٰلِمِينَ
उन्होंने कहाः उसका दण्ड! जिसके सामान में (प्याला) पाया जाये, वही उसका दण्ड होगा। इसी प्रकार, हम अत्याचारियों को दण्ड देते हैं[1]।
1. अर्थात याक़ुब अलैहिस्सलाम के धर्म विधान में चोर को दास बना लेने का नियम था। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)
Tafsir berbahasa Arab:
فَبَدَأَ بِأَوۡعِيَتِهِمۡ قَبۡلَ وِعَآءِ أَخِيهِ ثُمَّ ٱسۡتَخۡرَجَهَا مِن وِعَآءِ أَخِيهِۚ كَذَٰلِكَ كِدۡنَا لِيُوسُفَۖ مَا كَانَ لِيَأۡخُذَ أَخَاهُ فِي دِينِ ٱلۡمَلِكِ إِلَّآ أَن يَشَآءَ ٱللَّهُۚ نَرۡفَعُ دَرَجَٰتٖ مَّن نَّشَآءُۗ وَفَوۡقَ كُلِّ ذِي عِلۡمٍ عَلِيمٞ
फिर उसने खोज का आरंभ उस (यूसुफ़) के भाई की बोरी से पहले, उनकी बोरियों से किया। फिर उसे उस (बिनयामीन) की बोरी से निकाल लिया। इस प्रकार, हमने यूसुफ़ के लिए उपाय किया। वह राजा के नियमानुसार अपने भाई को नहीं रख सकता था, परन्तु ये कि अल्लाह चाहता। हम जिसका चाहें मान सम्मान ऊँचा कर देते हैं और प्रत्येक ज्ञानी से ऊपर एक बड़ा ज्ञानी[1] है।
1. अर्थात अल्लाह से बड़ा कोई ज्ञानी नहीं हो सकता। इस लिये किसी को अपने ज्ञान पर गर्व नहीं होना चाहिये।
Tafsir berbahasa Arab:
۞قَالُوٓاْ إِن يَسۡرِقۡ فَقَدۡ سَرَقَ أَخٞ لَّهُۥ مِن قَبۡلُۚ فَأَسَرَّهَا يُوسُفُ فِي نَفۡسِهِۦ وَلَمۡ يُبۡدِهَا لَهُمۡۚ قَالَ أَنتُمۡ شَرّٞ مَّكَانٗاۖ وَٱللَّهُ أَعۡلَمُ بِمَا تَصِفُونَ
उन भाईयों ने कहाः यदि उसने चोरी की है, तो उसका एक भाई भी इससे पहले चोरी कर चुका है। तो यूसुफ़ ने ये बात अपने दिल में छुपा ली और उसे उनके लिए प्रकट नहीं किया। (यूसुफ़ ने) कहाः सबसे बुरा स्थान तुम्हारा है और अल्लाह उसे अधिक जानता है, जो तुम कह रहे हो।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلۡعَزِيزُ إِنَّ لَهُۥٓ أَبٗا شَيۡخٗا كَبِيرٗا فَخُذۡ أَحَدَنَا مَكَانَهُۥٓۖ إِنَّا نَرَىٰكَ مِنَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ
उन्होंने कहाः हे अज़ीज़[1]! उसका पिता बहुत बूढ़ा है। अतः हम में से किसी एक को उसके स्थान पर ले लो। वास्तव में, हम आपको परोपकारी देख रहे हैं।
1. यहाँ "अज़ीज़" का प्रयोग यूसुफ (अलैहिस्सलाम) के लिये किया गया है। क्यों कि उन्हीं के पास सरकार के अधिक्तर अधिकार थे।
Tafsir berbahasa Arab:

قَالَ مَعَاذَ ٱللَّهِ أَن نَّأۡخُذَ إِلَّا مَن وَجَدۡنَا مَتَٰعَنَا عِندَهُۥٓ إِنَّآ إِذٗا لَّظَٰلِمُونَ
उस (यूसुफ) ने कहाः अल्लाह की शरण कि हम (किसी अन्य को) पकड़ लें, उसके सिवा जिसके पास अपना सामान पाया है। (यदि ऐसा न करें) तो हम वास्तव में अत्याचारी होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
فَلَمَّا ٱسۡتَيۡـَٔسُواْ مِنۡهُ خَلَصُواْ نَجِيّٗاۖ قَالَ كَبِيرُهُمۡ أَلَمۡ تَعۡلَمُوٓاْ أَنَّ أَبَاكُمۡ قَدۡ أَخَذَ عَلَيۡكُم مَّوۡثِقٗا مِّنَ ٱللَّهِ وَمِن قَبۡلُ مَا فَرَّطتُمۡ فِي يُوسُفَۖ فَلَنۡ أَبۡرَحَ ٱلۡأَرۡضَ حَتَّىٰ يَأۡذَنَ لِيٓ أَبِيٓ أَوۡ يَحۡكُمَ ٱللَّهُ لِيۖ وَهُوَ خَيۡرُ ٱلۡحَٰكِمِينَ
फिर जब उससे निराश हो गये, तो एकान्त में होकर प्रामर्श करने लगे। उनके बड़े ने कहाः क्या तुम नहीं जानते कि तुम्हारे पिता ने तुमसे अल्लाह को साक्षी बनाकर दृढ़ वचन लिया था? और इससे पहले जो अपराध तुमने यूसुफ के बारे में किया है? तो मैं इस धरती (मिस्र) से नहीं जाऊँगा, जब तक मुझे मेरे पिता अनुमति न दे दें अथवा अल्लाह मेरे लिए निर्णय न कर दे और वही सबसे अच्छा निर्णय करने वाला है।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱرۡجِعُوٓاْ إِلَىٰٓ أَبِيكُمۡ فَقُولُواْ يَـٰٓأَبَانَآ إِنَّ ٱبۡنَكَ سَرَقَ وَمَا شَهِدۡنَآ إِلَّا بِمَا عَلِمۡنَا وَمَا كُنَّا لِلۡغَيۡبِ حَٰفِظِينَ
तुम अपने पिता की ओर लौट जाओ और कहो कि हमारे पिता! आपके पुत्र ने चोरी की है और हमने वही साक्ष्य दिया, जिसे हमने[1] जाना और हम ग़ैब के रखवाले नहीं[2] थे।
1. अर्थात राजा का प्याला उस के सामान से निकलते देखा। 2. अर्थात आप को उस के वापिस लाने का वचन देते समय यह नहीं जानते थे कि वह चोरी करेगा। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)
Tafsir berbahasa Arab:
وَسۡـَٔلِ ٱلۡقَرۡيَةَ ٱلَّتِي كُنَّا فِيهَا وَٱلۡعِيرَ ٱلَّتِيٓ أَقۡبَلۡنَا فِيهَاۖ وَإِنَّا لَصَٰدِقُونَ
आप उस बस्ती वालों से पूछ लें, जिसमें हम थे और उस क़ाफ़िले से जिसमें हम आये हैं और वास्तव में हम सच्चे हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ بَلۡ سَوَّلَتۡ لَكُمۡ أَنفُسُكُمۡ أَمۡرٗاۖ فَصَبۡرٞ جَمِيلٌۖ عَسَى ٱللَّهُ أَن يَأۡتِيَنِي بِهِمۡ جَمِيعًاۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ
उस (पिता) ने कहाः ऐसा नहीं है, बल्कि तुम्हारे दिलों ने एक बात बना ली है। इसलिए अब सहन करना ही उत्तम है, संभव है कि अल्लाह उनसब को मेरे पास वापस ले आए, वास्तव में, वही जानने वाला, तत्वदर्शी है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَتَوَلَّىٰ عَنۡهُمۡ وَقَالَ يَـٰٓأَسَفَىٰ عَلَىٰ يُوسُفَ وَٱبۡيَضَّتۡ عَيۡنَاهُ مِنَ ٱلۡحُزۡنِ فَهُوَ كَظِيمٞ
और उनसे मुँह फेर लिया और कहाः हाय यूसुफ़! और उसकी दोनों आँखें शोक के कारण (रोते-रोते) सफेद हो गयीं और उसका दिल शोक से भर गया।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ تَٱللَّهِ تَفۡتَؤُاْ تَذۡكُرُ يُوسُفَ حَتَّىٰ تَكُونَ حَرَضًا أَوۡ تَكُونَ مِنَ ٱلۡهَٰلِكِينَ
उन (पुत्रों) ने कहाः अल्लाह की शपथ! आप बराबर यूसुफ़ को याद करते रहेंगे, यहाँ तक कि (शोक से) घुल जायें या अपना विनाश कर लें।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ إِنَّمَآ أَشۡكُواْ بَثِّي وَحُزۡنِيٓ إِلَى ٱللَّهِ وَأَعۡلَمُ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ
उसने कहाः मैं अपनी आपदा तथा शोक की शिकायत अल्लाह के सिवा किसी से नहीं करता और अल्लाह की ओर से वह बात जानता हूँ, जो तुम नहीं जानते।
Tafsir berbahasa Arab:

يَٰبَنِيَّ ٱذۡهَبُواْ فَتَحَسَّسُواْ مِن يُوسُفَ وَأَخِيهِ وَلَا تَاْيۡـَٔسُواْ مِن رَّوۡحِ ٱللَّهِۖ إِنَّهُۥ لَا يَاْيۡـَٔسُ مِن رَّوۡحِ ٱللَّهِ إِلَّا ٱلۡقَوۡمُ ٱلۡكَٰفِرُونَ
हे मेरे पुत्र! जाओ और यूसुफ़ और उसके भाई का पता लगाओ और अल्लाह की दया से निराश न हो। वास्तव में, अल्लाह की दया से वही निराश होते हैं, जो काफ़िर हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
فَلَمَّا دَخَلُواْ عَلَيۡهِ قَالُواْ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلۡعَزِيزُ مَسَّنَا وَأَهۡلَنَا ٱلضُّرُّ وَجِئۡنَا بِبِضَٰعَةٖ مُّزۡجَىٰةٖ فَأَوۡفِ لَنَا ٱلۡكَيۡلَ وَتَصَدَّقۡ عَلَيۡنَآۖ إِنَّ ٱللَّهَ يَجۡزِي ٱلۡمُتَصَدِّقِينَ
फिर जब (यूसुफ़ के भाई) उसके पास (मिस्र) गये, तो कहाः हे अज़ीज़! हमपर और गमारे घराने पर आपदा (अकाल) आ पड़ी है और हम थोड़ा धन (मूल्य) लाये हैं, अतः हमें (अन्न का) पूरा माप दें और हम पर दान करें। वास्तव में, अल्लाह दानशीलों को प्रतिफल प्रदान करता है।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ هَلۡ عَلِمۡتُم مَّا فَعَلۡتُم بِيُوسُفَ وَأَخِيهِ إِذۡ أَنتُمۡ جَٰهِلُونَ
उस (यूसुफ़) ने कहाः क्या तुम जानते हो कि तुमने यूसुफ़ तथा उसके भाई के साथ क्या कुछ किया है, जब तुम अज्ञान थे?
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُوٓاْ أَءِنَّكَ لَأَنتَ يُوسُفُۖ قَالَ أَنَا۠ يُوسُفُ وَهَٰذَآ أَخِيۖ قَدۡ مَنَّ ٱللَّهُ عَلَيۡنَآۖ إِنَّهُۥ مَن يَتَّقِ وَيَصۡبِرۡ فَإِنَّ ٱللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجۡرَ ٱلۡمُحۡسِنِينَ
उन्होंने कहाः क्या आप यूसुफ़ हैं? यूसुफ़ ने कहाः मैं यूसुफ़ हूँ और ये मेरा भाई है। अल्लाह ने हमपर उपकार किया है। वास्तव में, जो (अल्लाह से) डरता तथा सहन करता है, तो अल्लाह सदाचारियों का प्रतिफल व्यर्थ नहीं करता।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ تَٱللَّهِ لَقَدۡ ءَاثَرَكَ ٱللَّهُ عَلَيۡنَا وَإِن كُنَّا لَخَٰطِـِٔينَ
उन्होंने कहाः अल्लाह की शपथ! उसने आपको हमपर श्रेष्ठता प्रदान की है। वास्तव में, हम दोषी थे।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ لَا تَثۡرِيبَ عَلَيۡكُمُ ٱلۡيَوۡمَۖ يَغۡفِرُ ٱللَّهُ لَكُمۡۖ وَهُوَ أَرۡحَمُ ٱلرَّـٰحِمِينَ
यूसुफ़ ने कहाः आज तुमपर कोई दोष नहीं, अल्लाह तुम्हें क्षमा कर दे! वही सर्वाधिक दयावान् है।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱذۡهَبُواْ بِقَمِيصِي هَٰذَا فَأَلۡقُوهُ عَلَىٰ وَجۡهِ أَبِي يَأۡتِ بَصِيرٗا وَأۡتُونِي بِأَهۡلِكُمۡ أَجۡمَعِينَ
मेरा ये कुर्ता ले जाओ और मेरे पिता के मुँह पर डाल दो, वह देखने लगेंगे। और अपने पूरे घराने को (मिस्र) ले आओ।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا فَصَلَتِ ٱلۡعِيرُ قَالَ أَبُوهُمۡ إِنِّي لَأَجِدُ رِيحَ يُوسُفَۖ لَوۡلَآ أَن تُفَنِّدُونِ
और जब क़ाफ़िले ने परस्थान किया, तो उनके पिता ने कहाः मुझे यूसुफ़ की सुगन्ध आ रही है, यदि तुम मुझे बहका हुआ बूढ़ा न समझो।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ تَٱللَّهِ إِنَّكَ لَفِي ضَلَٰلِكَ ٱلۡقَدِيمِ
उन लोगों[1] ने कहाः अल्लाह की शपथ! आप तो अपनी पुरानी सनक में पड़े हुए हैं।
1. याक़ूब अलैहिस्सलाम के परिजनों ने जो फ़िलस्तीन में उन के पास थे।
Tafsir berbahasa Arab:

فَلَمَّآ أَن جَآءَ ٱلۡبَشِيرُ أَلۡقَىٰهُ عَلَىٰ وَجۡهِهِۦ فَٱرۡتَدَّ بَصِيرٗاۖ قَالَ أَلَمۡ أَقُل لَّكُمۡ إِنِّيٓ أَعۡلَمُ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ
फिर जब शुभ-सूचक आ गया, तो उसने वह कुर्ता उनके मुख पर डाल दिया और वे तुरन्त देखने लगे। याक़ूब ने कहाः क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि वास्तव में अल्लाह की ओर से जो कुछ मैं जानता हूँ, तुम नहीं जानते?
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا ٱسۡتَغۡفِرۡ لَنَا ذُنُوبَنَآ إِنَّا كُنَّا خَٰطِـِٔينَ
सब (भाईयों) ने कहाः हे हमारे पिता! हमारे लिए हमारे पापों की क्षमा माँगिए, वास्तव में, हम ही दोषी थे।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ سَوۡفَ أَسۡتَغۡفِرُ لَكُمۡ رَبِّيٓۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ
याक़ूब ने कहाः मैं तुम्हारे लिए अपने पालनहार से क्षमा की प्रार्थना करूँगा, वास्तव में, वह अति क्षमी, दयावान् है।
Tafsir berbahasa Arab:
فَلَمَّا دَخَلُواْ عَلَىٰ يُوسُفَ ءَاوَىٰٓ إِلَيۡهِ أَبَوَيۡهِ وَقَالَ ٱدۡخُلُواْ مِصۡرَ إِن شَآءَ ٱللَّهُ ءَامِنِينَ
फिर जब वे यूसुफ़ के पास पहुँचे, तो उसने अपनी माता-पिता को अपनी शरण में ले लिया और कहाः नगर (मिस्र) में प्रवेश कर जाओ, यदि अल्लाह ने चाहा, तो शान्ति से रहोगे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَرَفَعَ أَبَوَيۡهِ عَلَى ٱلۡعَرۡشِ وَخَرُّواْ لَهُۥ سُجَّدٗاۖ وَقَالَ يَـٰٓأَبَتِ هَٰذَا تَأۡوِيلُ رُءۡيَٰيَ مِن قَبۡلُ قَدۡ جَعَلَهَا رَبِّي حَقّٗاۖ وَقَدۡ أَحۡسَنَ بِيٓ إِذۡ أَخۡرَجَنِي مِنَ ٱلسِّجۡنِ وَجَآءَ بِكُم مِّنَ ٱلۡبَدۡوِ مِنۢ بَعۡدِ أَن نَّزَغَ ٱلشَّيۡطَٰنُ بَيۡنِي وَبَيۡنَ إِخۡوَتِيٓۚ إِنَّ رَبِّي لَطِيفٞ لِّمَا يَشَآءُۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ
तथा अपने माता-पिता को उठाकर सिंहासन पर बिठा लिया और सब उसके समक्ष सज्दे में गिर गये और यूसुफ़ ने कहाः हे मेरे पिता! यही मेरे स्वप्न का अर्थ है, जो मैंने पहले देखा था। मेरे पालनहार ने उसे सच कर दिया है तथा मेरे साथ उपकार किया, जब उसने मुझे कारावास से निकाला और आप लोगों को गाँव से मेरे पास (नगर में) ले आया, इसके पश्चात् कि शैतान ने मेरे तथा मेरे भाईयों के बीच विरोध डाल दिया। वास्तव में, मेरा पालनहार जिसके लिए चाहे, उसके लिए उत्तम उपाय करने वाहा है। निश्चय वही अति ज्ञानी, तत्वज्ञ है।
Tafsir berbahasa Arab:
۞رَبِّ قَدۡ ءَاتَيۡتَنِي مِنَ ٱلۡمُلۡكِ وَعَلَّمۡتَنِي مِن تَأۡوِيلِ ٱلۡأَحَادِيثِۚ فَاطِرَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ أَنتَ وَلِيِّۦ فِي ٱلدُّنۡيَا وَٱلۡأٓخِرَةِۖ تَوَفَّنِي مُسۡلِمٗا وَأَلۡحِقۡنِي بِٱلصَّـٰلِحِينَ
हे मेरे पालनहार! तूने मुझे राज प्रदान किया तथा मुझे स्वप्नों का अर्थ सिखाया। हे आकाशों तथा धरती के उत्पत्तिकार! तू लोक तथा परलोक में मेरा रक्षक है। तू मेरा अन्त इस्लाम पर कर और मुझे सदाचारियों में मिला दे।
Tafsir berbahasa Arab:
ذَٰلِكَ مِنۡ أَنۢبَآءِ ٱلۡغَيۡبِ نُوحِيهِ إِلَيۡكَۖ وَمَا كُنتَ لَدَيۡهِمۡ إِذۡ أَجۡمَعُوٓاْ أَمۡرَهُمۡ وَهُمۡ يَمۡكُرُونَ
(हे नबी!) ये (कथा) परोक्ष के समाचारों में से है, जिसकी वह़्यी हम आपकी ओर कर रहे हैं। और आप उन (भाईयों) के पास नहीं थे, जब वे आपस की सहमति से षड्यंत्र रचते रहे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَمَآ أَكۡثَرُ ٱلنَّاسِ وَلَوۡ حَرَصۡتَ بِمُؤۡمِنِينَ
और अधिकांश लोग आप कितनी ही लालसा करें, ईमान लाने वाले नहीं हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

وَمَا تَسۡـَٔلُهُمۡ عَلَيۡهِ مِنۡ أَجۡرٍۚ إِنۡ هُوَ إِلَّا ذِكۡرٞ لِّلۡعَٰلَمِينَ
और आप इस (धर्मप्रचार) पर उनसे कोई पारिश्रमिक (बदला) नहीं माँगते। ये (क़ुर्आन) तो विश्ववासियों के लिए (केवल) एक शिक्षा है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَكَأَيِّن مِّنۡ ءَايَةٖ فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ يَمُرُّونَ عَلَيۡهَا وَهُمۡ عَنۡهَا مُعۡرِضُونَ
तथा आकाशों और धरती में बहुत सी निशानियाँ (लक्षण[1]) हैं, जिनपर से लोग गुज़रते रहते हैं और उनपर ध्यान नहीं देते[2]।
1. अर्थात सहस्त्रों वर्ष की यह कथा इस विवरण के साथ वह़्यी द्वारा ही संभव है, जो आप के अल्लाह के नबी होने तथा क़ुर्आन के अल्लाह की वाणी होने का स्पष्ट प्रमाण है। 2. अर्थात विश्व की प्रत्येक चीज़ अल्लाह के अस्तित्व और उस की शक्ति और सदगुणों की परिचायक है, मात्र सोच विचार की आवश्यक्ता है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَمَا يُؤۡمِنُ أَكۡثَرُهُم بِٱللَّهِ إِلَّا وَهُم مُّشۡرِكُونَ
और उनमें से अधिक्तर अल्लाह को मानते तो हैं, परन्तु (साथ ही) मुश्रिक (मिश्रणवादी)[1] भी हैं।
1. अर्थात अल्लाह के अस्तित्व और गुणों का विश्वास रखते हैं, फिर भी पूजा-अर्चना अन्य की करते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
أَفَأَمِنُوٓاْ أَن تَأۡتِيَهُمۡ غَٰشِيَةٞ مِّنۡ عَذَابِ ٱللَّهِ أَوۡ تَأۡتِيَهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغۡتَةٗ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ
तो क्या वे निर्भय हो गये हैं कि उनपर अल्लाह की यातना छा जाये अथवा उनपर प्रलय अकस्मात आ जाये और वे अचेत रह जायेँ?
Tafsir berbahasa Arab:
قُلۡ هَٰذِهِۦ سَبِيلِيٓ أَدۡعُوٓاْ إِلَى ٱللَّهِۚ عَلَىٰ بَصِيرَةٍ أَنَا۠ وَمَنِ ٱتَّبَعَنِيۖ وَسُبۡحَٰنَ ٱللَّهِ وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ
(हे नबी!) आप कह दें: यही मेरी डगर है, मैं अल्लाह की ओर बुला रहा हूँ। मैं पूरे विश्वास और सत्य पर हूँ और जिसने मेरा अनुसरण किया (वे भी) तथा अल्लाह पवित्र है और मैं मुश्रिकों (मिश्रणवादियों) में से नहीं हूँ।
Tafsir berbahasa Arab:
وَمَآ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ إِلَّا رِجَالٗا نُّوحِيٓ إِلَيۡهِم مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡقُرَىٰٓۗ أَفَلَمۡ يَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَيَنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡۗ وَلَدَارُ ٱلۡأٓخِرَةِ خَيۡرٞ لِّلَّذِينَ ٱتَّقَوۡاْۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
और हमने आपसे पहले मानव[1] पुरुषों ही को नबी बनाकर भेजा, जिनकी ओर प्रकाशना भेजते रहे, नगर वासियों में से, क्या वे धरती में चले फिरे नहीं, ताकि देखते कि उनका परिणाम क्या हुआ, जो इनसे पहले थे? और निश्चय आख़िरत (परलोक) का घर (स्वर्ग) उनके लिए उत्तम है, जो अल्लाह से डरे, तो क्या तुम समझते नहीं हो?
1. क़ुर्आन की अनेक आयतों में आप को यह बात मिलेगी कि रसूलों का अस्वीकार उन की जातियों ने दो ही कारणों से कियाः एक तो यह कि उन के एकेश्वरवाद की शिक्षा उन के बाप दादा के परम्परा के विरुध्द थी, इस लिये सत्य को जानते हुये भी उन्हों ने उस का विरोध किया। दूसरा यह कि उन के दिल में यह बात नहीं उतरी कि कोई मानव पुरुष अल्लाह का रसूल कैसे हो सकता है? रसूल तो किसी फ़रिश्ते को होना चाहनये। फिर यदि रसूलों को किसी जाति ने स्वीकार भी किया तो कुछ युगों के पश्चात उन्हें ईश्वर अथवा ईश्वर का पुत्र बना कर एकेश्वरवाद को आघात पहुँचाया और शिर्क (मिश्रणवाद) का द्वार खोल दिया। इसी लिये क़ुर्आन ने इन दोनों कुविचारों का बार बार खण्डन किया है।
Tafsir berbahasa Arab:
حَتَّىٰٓ إِذَا ٱسۡتَيۡـَٔسَ ٱلرُّسُلُ وَظَنُّوٓاْ أَنَّهُمۡ قَدۡ كُذِبُواْ جَآءَهُمۡ نَصۡرُنَا فَنُجِّيَ مَن نَّشَآءُۖ وَلَا يُرَدُّ بَأۡسُنَا عَنِ ٱلۡقَوۡمِ ٱلۡمُجۡرِمِينَ
(इससे पहले भी रसूलों के साथ यही हुआ।) यहाँ तक कि जब रसूल निराश हो गये और लोगों को विश्वास हो गया कि उनसे झूठ बोला गया है, तो उनके लिए हमारी सहायता आ गई, फिर हम जिसे चाहते हैं, बचा लेते हैं और हमारी यातना अपराधियों से फेरी नहीं जाती।
Tafsir berbahasa Arab:
لَقَدۡ كَانَ فِي قَصَصِهِمۡ عِبۡرَةٞ لِّأُوْلِي ٱلۡأَلۡبَٰبِۗ مَا كَانَ حَدِيثٗا يُفۡتَرَىٰ وَلَٰكِن تَصۡدِيقَ ٱلَّذِي بَيۡنَ يَدَيۡهِ وَتَفۡصِيلَ كُلِّ شَيۡءٖ وَهُدٗى وَرَحۡمَةٗ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ
इन कथाओं में, बुध्दिमानों के लिए बड़ी शिक्षा है, ये (क़ुर्आन) ऐसी बातों का संग्रह नहीं है, जिसे स्वयं बना लिया जाता हो, परन्तु इससे पहले की पुस्तकों की सिध्दि और प्रत्येक वस्तु का विवरण (ब्योरा) है तथा मार्गदर्शन और दया है, उन लोगों के लिए जो ईमान (विश्वास) रखते हों।
Tafsir berbahasa Arab:

 
Terjemahan makna Surah: Surah Yūsuf
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Terjemahan makna Alquran Alkarim - Terjemahan India - Daftar isi terjemahan

Terjemahan makna Al-Qur`ān Al-Karīm ke bahasa India oleh Maulana Azizulhaq Al-'Umari. Diedarkan oleh Kompleks King Fahd untuk percetakan Mushaf, cetakan tahun 1433 H.

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