Terjemahan makna Alquran Alkarim - Terjemahan India * - Daftar isi terjemahan

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Terjemahan makna Surah: Surah Al-Baqarah
Ayah:
 

सूरा अल्-ब-क़-रा

الٓمٓ
अलिफ़, लाम, मीम।
Tafsir berbahasa Arab:
ذَٰلِكَ ٱلۡكِتَٰبُ لَا رَيۡبَۛ فِيهِۛ هُدٗى لِّلۡمُتَّقِينَ
ये पुस्तक है, जिसमें कोई संशय (संदेह) नहीं, उन्हें सीधी डगर दिखाने के लिए है, जो (अल्लाह से) डरते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱلَّذِينَ يُؤۡمِنُونَ بِٱلۡغَيۡبِ وَيُقِيمُونَ ٱلصَّلَوٰةَ وَمِمَّا رَزَقۡنَٰهُمۡ يُنفِقُونَ
जो ग़ैब (परोक्ष)[1] पर ईमान (विश्वास) रखते हैं तथा नमाज़ की स्थापना करते हैं और जो कुछ हमने उन्हें दिया है, उसमें से दान करते हैं।
1. इस्लाम की परिभाषा में, अल्लाह, उस के फ़रिश्तों, उस की पुस्तकों, उस के रसूलों तथा अन्तदिवस (प्रलय) और अच्छे-बुरे भाग्य पर ईमान (विश्वास) को 'ईमान बिल ग़ैब' कहा गया है। (इब्ने कसीर)
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱلَّذِينَ يُؤۡمِنُونَ بِمَآ أُنزِلَ إِلَيۡكَ وَمَآ أُنزِلَ مِن قَبۡلِكَ وَبِٱلۡأٓخِرَةِ هُمۡ يُوقِنُونَ
तथा जो आप (हे नबी!) पर उतारी गयी (पुस्तक क़ुर्आन) तथा आपसे पूर्व उतारी गयी (पुस्तकों)[1] पर ईमान रखते हैं तथा आख़िरत (परलोक)[2] पर भी विश्वास रखते हैं।
1. अर्थात तौरात, इंजील तथा अन्य आकाशीय पुस्तकों पर। 2.आख़िरत पर ईमान का अर्थ हैः प्रलय तथा उस के पश्चात् फिर जीवित किये जाने तथा कर्मों के ह़िसाब एवं स्वर्ग तथा नरक पर विश्वास करना।
Tafsir berbahasa Arab:
أُوْلَـٰٓئِكَ عَلَىٰ هُدٗى مِّن رَّبِّهِمۡۖ وَأُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُفۡلِحُونَ
वही अपने पालनहार की बताई सीधी डगर पर हैं तथा वही सफल होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:

إِنَّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ سَوَآءٌ عَلَيۡهِمۡ ءَأَنذَرۡتَهُمۡ أَمۡ لَمۡ تُنذِرۡهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ
वास्तव[1] में, जो काफ़िर (विश्वासहीन) हो गये, (हे नबी!) उन्हें आप सावधान करें या न करें, वे ईमान नहीं लायेंगे।
1. इस से अभिप्राय वह लोग हैं, जो सत्य को जानते हुए उसे अभिमान के कारण नकार देते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
خَتَمَ ٱللَّهُ عَلَىٰ قُلُوبِهِمۡ وَعَلَىٰ سَمۡعِهِمۡۖ وَعَلَىٰٓ أَبۡصَٰرِهِمۡ غِشَٰوَةٞۖ وَلَهُمۡ عَذَابٌ عَظِيمٞ
अल्लाह ने उनके दिलों तथा कानों पर मुहर लगा दी है और उनकी आंखों पर पर्दे पड़े हैं तथा उन्हीं के लिए घोर यातना है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَمِنَ ٱلنَّاسِ مَن يَقُولُ ءَامَنَّا بِٱللَّهِ وَبِٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِ وَمَا هُم بِمُؤۡمِنِينَ
और[1] कुछ लोग कहते हैं कि हम अल्लाह तथा आख़िरत (परलोक) पर ईमान ले आये, जबकि वे ईमान नहीं रखते।
1. प्रथम आयतों में अल्लाह ने ईमान वालों की स्थिति की चर्चा करने के पश्चात् दो आयतों में काफ़िरों की दशा का वर्णन किया है। और अब उन मुनाफ़िक़ों (दुविधावादियों) की दशा बता रहा है, जो मुख से तो ईमान की बात कहते हैं, लेकिन दिल से अविश्वास रखते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
يُخَٰدِعُونَ ٱللَّهَ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَمَا يَخۡدَعُونَ إِلَّآ أَنفُسَهُمۡ وَمَا يَشۡعُرُونَ
वे अल्लाह तथा जो ईमान लाये, उन्हें धोखा देते हैं। जबकि वे स्वयं अपने-आप को धोखा देते हैं, परन्तु वे इसे समझते नहीं।
Tafsir berbahasa Arab:
فِي قُلُوبِهِم مَّرَضٞ فَزَادَهُمُ ٱللَّهُ مَرَضٗاۖ وَلَهُمۡ عَذَابٌ أَلِيمُۢ بِمَا كَانُواْ يَكۡذِبُونَ
उनके दिलों में रोग (दुविधा) है, जिसे अल्लाह ने और अधिक कर दिया और उनके लिए झूठ बोलने के कारण दुखदायी यातना है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذَا قِيلَ لَهُمۡ لَا تُفۡسِدُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ قَالُوٓاْ إِنَّمَا نَحۡنُ مُصۡلِحُونَ
और जब उनसे कहा जाता है कि धरती में उपद्रव न करो, तो कहते हैं कि हम तो केवल सुधार करने वाले हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
أَلَآ إِنَّهُمۡ هُمُ ٱلۡمُفۡسِدُونَ وَلَٰكِن لَّا يَشۡعُرُونَ
सावधान! वही लोग उपद्रवी हैं, परन्तु उन्हें इसका बोध नहीं।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذَا قِيلَ لَهُمۡ ءَامِنُواْ كَمَآ ءَامَنَ ٱلنَّاسُ قَالُوٓاْ أَنُؤۡمِنُ كَمَآ ءَامَنَ ٱلسُّفَهَآءُۗ أَلَآ إِنَّهُمۡ هُمُ ٱلسُّفَهَآءُ وَلَٰكِن لَّا يَعۡلَمُونَ
और[1] जब उनसे कहा जाता है कि जैसे और लोग ईमान लाये, तुमभी ईमान लाओ, तो कहते हैं कि क्या मूर्खों के समान हमभी विश्वास कर लें? सावधान! वही मूर्ख हैं, परन्तु वे जानते नहीं।
1. यह दशा उन मुनाफ़िक़ों की है, जो अपने स्वार्थ के लिये मुसलमान हो गये, परन्तु दिल से इन्कार करते रहे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذَا لَقُواْ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا وَإِذَا خَلَوۡاْ إِلَىٰ شَيَٰطِينِهِمۡ قَالُوٓاْ إِنَّا مَعَكُمۡ إِنَّمَا نَحۡنُ مُسۡتَهۡزِءُونَ
तथा जब वे ईमान वालों से मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम ईमान लाये और जब अकेले में अपने शैतानों (प्रमुखों) के साथ होते हैं, तो कहते हैं कि हम तुम्हारे साथ हैं। हम तो मात्र परिहास कर रहे हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱللَّهُ يَسۡتَهۡزِئُ بِهِمۡ وَيَمُدُّهُمۡ فِي طُغۡيَٰنِهِمۡ يَعۡمَهُونَ
अल्लाह उनसे परिहास कर रहा है तथा उन्हें, उनके कुकर्मों में बहकने का अवसर दे रहा है।
Tafsir berbahasa Arab:
أُوْلَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ ٱشۡتَرَوُاْ ٱلضَّلَٰلَةَ بِٱلۡهُدَىٰ فَمَا رَبِحَت تِّجَٰرَتُهُمۡ وَمَا كَانُواْ مُهۡتَدِينَ
ये वे लोग हैं, जिन्होंने सीधी डगर (सुपथ) के बदले गुमराही (कुपथ) खरीद ली। परन्तु उनके व्यापार में लाभ नहीं हुआ और न उन्होंने सीधी डगर पायी।
Tafsir berbahasa Arab:

مَثَلُهُمۡ كَمَثَلِ ٱلَّذِي ٱسۡتَوۡقَدَ نَارٗا فَلَمَّآ أَضَآءَتۡ مَا حَوۡلَهُۥ ذَهَبَ ٱللَّهُ بِنُورِهِمۡ وَتَرَكَهُمۡ فِي ظُلُمَٰتٖ لَّا يُبۡصِرُونَ
उनकी[1] दशा उनके जैसी है, जिन्होंने अग्नि सुलगायी और जब उनके आस-पास उजाला हो गया, तो अल्लाह ने उनका उजाला छीन लिया तथा उन्हें ऐसे अन्धेरों में छोड़ दिया, जिनमें उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता।
1. यह दशा उन की है जो संदेह तथा दुविधा में पड़े रह गये। कुछ सत्य को उन्हों ने स्वीकार भी किया, फिर भी अविश्वास के अंधेरों ही में रह गये।
Tafsir berbahasa Arab:
صُمُّۢ بُكۡمٌ عُمۡيٞ فَهُمۡ لَا يَرۡجِعُونَ
वे गूँगे, बहरे, अंधे हैं। अतः अब वे लौटने वाले नहीं।
Tafsir berbahasa Arab:
أَوۡ كَصَيِّبٖ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فِيهِ ظُلُمَٰتٞ وَرَعۡدٞ وَبَرۡقٞ يَجۡعَلُونَ أَصَٰبِعَهُمۡ فِيٓ ءَاذَانِهِم مِّنَ ٱلصَّوَٰعِقِ حَذَرَ ٱلۡمَوۡتِۚ وَٱللَّهُ مُحِيطُۢ بِٱلۡكَٰفِرِينَ
अथवा[1] (उनकी दशा) आकाश की वर्षा के समान है, जिसमें अंधेरे और कड़क तथा विद्धुत हो, वे कड़क के कारण, मृत्यु के भय से, अपने कानों में उंगलियाँ डाल लेते हैं और अल्लाह, काफ़िरों को अपने नियंत्रण में लिए हुए है।
1. यह दुसरी उपमा भी दूसरे प्रकार के मुनाफ़िक़ों की दशा की है।
Tafsir berbahasa Arab:
يَكَادُ ٱلۡبَرۡقُ يَخۡطَفُ أَبۡصَٰرَهُمۡۖ كُلَّمَآ أَضَآءَ لَهُم مَّشَوۡاْ فِيهِ وَإِذَآ أَظۡلَمَ عَلَيۡهِمۡ قَامُواْۚ وَلَوۡ شَآءَ ٱللَّهُ لَذَهَبَ بِسَمۡعِهِمۡ وَأَبۡصَٰرِهِمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ
विद्धुत उनकी आँखों को उचक लेने के समीप हो जाती है। जब उनके लिए चमकती है, तो उसके उजाले में चलने लगते हैं और जब अंधेरा हो जाता है, तो खड़े हो जाते हैं और यदि अल्लाह चाहे, तो उनके कानों को बहरा और उनकी आँखों का अंधा कर दे। निश्चय अल्लाह जो चाहे, कर सकता है।
Tafsir berbahasa Arab:
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلنَّاسُ ٱعۡبُدُواْ رَبَّكُمُ ٱلَّذِي خَلَقَكُمۡ وَٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تَتَّقُونَ
हे लोगो! केवल अपने उस पालनहार की इबादत (वंदना) करो, जिसने तुम्हें तथा तुमसे पहले वाले लोगों को पैदा किया, इसी में तुम्हारा बचाव[1] है।
1. अर्थात संसार में कुकर्मों तथा प्रलोक की यातना से।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱلَّذِي جَعَلَ لَكُمُ ٱلۡأَرۡضَ فِرَٰشٗا وَٱلسَّمَآءَ بِنَآءٗ وَأَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَأَخۡرَجَ بِهِۦ مِنَ ٱلثَّمَرَٰتِ رِزۡقٗا لَّكُمۡۖ فَلَا تَجۡعَلُواْ لِلَّهِ أَندَادٗا وَأَنتُمۡ تَعۡلَمُونَ
जिसने धरती को तुम्हारे लिए बिछौना तथा गगन को छत बनाया और आकाश से जल बरसाया, फिर उससे तुम्हारे लिए प्रत्येक प्रकार के खाद्य पदार्थ उपजाये, अतः, जानते हुए[1] भी उसके साझी न बनाओ।
1. अर्थात जब यह जानते हो कि तुम्हारा उत्पत्तिकार तथा पालनहार अल्लाह के सिवा कोई नहीं, तो वंदना भी उसी एक की करो, जो उत्पत्तिकार तथा पूरे विश्व का व्यवस्थापक है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِن كُنتُمۡ فِي رَيۡبٖ مِّمَّا نَزَّلۡنَا عَلَىٰ عَبۡدِنَا فَأۡتُواْ بِسُورَةٖ مِّن مِّثۡلِهِۦ وَٱدۡعُواْ شُهَدَآءَكُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
और यदि तुम्हें उसमें कुछ संदेह हो, जो (अथवा क़ुर्आन) हमने अपने भक्त पर उतारा है, तो उसके समान कोई सूरह ले आओ? और अपने समर्थकों को भी, जो अल्लाह के सिवा हों, बुला लो, यदि तुम सच्चे[1] हो।
1. आयत का भावार्थ यह है कि नबी के सत्य होने का प्रमाण आप पर उतारा गया क़ुर्आन है। यह उन की अपनी बनाई बात नहीं है। क़ुर्आन ने ऐसी चुनौती अन्य आयतों में भी दी है। (देखियेः सूरह क़सस, आयतः49, इस्रा, आयतः88, हूद, आयतः13, और यूनुस, आयतः38)
Tafsir berbahasa Arab:
فَإِن لَّمۡ تَفۡعَلُواْ وَلَن تَفۡعَلُواْ فَٱتَّقُواْ ٱلنَّارَ ٱلَّتِي وَقُودُهَا ٱلنَّاسُ وَٱلۡحِجَارَةُۖ أُعِدَّتۡ لِلۡكَٰفِرِينَ
और यदि ये न कर सको तथा कर भी नहीं सकोगे, तो उस अग्नि (नरक) से बचो, जिसका ईंधन मानव तथा पत्थर होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:

وَبَشِّرِ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ أَنَّ لَهُمۡ جَنَّـٰتٖ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُۖ كُلَّمَا رُزِقُواْ مِنۡهَا مِن ثَمَرَةٖ رِّزۡقٗا قَالُواْ هَٰذَا ٱلَّذِي رُزِقۡنَا مِن قَبۡلُۖ وَأُتُواْ بِهِۦ مُتَشَٰبِهٗاۖ وَلَهُمۡ فِيهَآ أَزۡوَٰجٞ مُّطَهَّرَةٞۖ وَهُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ
(हे नबी!) उन लोगों को शुभ सूचना दो, जो ईमान लाये तथा सदाचार किये कि उनके लिए ऐसे स्वर्ग हैं, जिनमें नहरें बह रही होंगी। जब उनका कोई भी फल उन्हें दिया जायेगा, तो कहेंगेः ये तो वही है, जो इससे पहले हमें दिया गया और उन्हें समरूप फल दिये जायेंगे तथा उनके लिए उनमें निर्मल पत्नियाँ होंगी और वे उनमें सदावासी होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
۞إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَسۡتَحۡيِۦٓ أَن يَضۡرِبَ مَثَلٗا مَّا بَعُوضَةٗ فَمَا فَوۡقَهَاۚ فَأَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ فَيَعۡلَمُونَ أَنَّهُ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّهِمۡۖ وَأَمَّا ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فَيَقُولُونَ مَاذَآ أَرَادَ ٱللَّهُ بِهَٰذَا مَثَلٗاۘ يُضِلُّ بِهِۦ كَثِيرٗا وَيَهۡدِي بِهِۦ كَثِيرٗاۚ وَمَا يُضِلُّ بِهِۦٓ إِلَّا ٱلۡفَٰسِقِينَ
अल्लाह,[1] मच्छर अथवा उससे तुच्छ चीज़ से उपमा (मिसाल) देने से नहीं लज्जाता। जो ईमान लाये, वे जानते हैं कि ये उनके पालनहार की ओर से उचित है और जो काफ़िर (विश्वासहीन) हो गये, वे कहते हैं कि अल्लाह ने इससे उपमा देकर क्या निश्चय किया है? अल्लाह इससे बहुतों को गुमराह (कुपथ) करता है और बहुतों को मार्गदर्शन देता है तथा जो अवज्ञाकारी हैं, उन्हीं को कुपथ करता है।
1. जब अल्लाह ने मुनाफ़िक़ों की दो उपमा दी, तो उन्हों ने कहा कि अल्लाह ऐसी तुच्छ उपमा कैसे दे सकता है? इसी पर यह आयत उतरी। (देखिये तफ़्सीर इब्ने कसीर)
Tafsir berbahasa Arab:
ٱلَّذِينَ يَنقُضُونَ عَهۡدَ ٱللَّهِ مِنۢ بَعۡدِ مِيثَٰقِهِۦ وَيَقۡطَعُونَ مَآ أَمَرَ ٱللَّهُ بِهِۦٓ أَن يُوصَلَ وَيُفۡسِدُونَ فِي ٱلۡأَرۡضِۚ أُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ
जो अल्लाह से पक्का वचन करने के बाद उसे भंग कर देते हैं तथा जिसे अल्लाह ने जोड़ने का आदेश दिया, उसे तोड़ते हैं और धरती में उपद्रव करते हैं, वही लोग क्षति में पड़ेंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
كَيۡفَ تَكۡفُرُونَ بِٱللَّهِ وَكُنتُمۡ أَمۡوَٰتٗا فَأَحۡيَٰكُمۡۖ ثُمَّ يُمِيتُكُمۡ ثُمَّ يُحۡيِيكُمۡ ثُمَّ إِلَيۡهِ تُرۡجَعُونَ
तुम अल्लाह का इन्कार कैसे करते हो? जबकि पहले तुम निर्जीव थे, फिर उसने तुम्हें जीवन दिया, फिर तुम्हें मौत देगा, फिर तुम्हें (परलोक में) जीवन प्रदान करेगा, फिर तुम उसी की ओर लौटाये[1] जाओगे!
1. अर्थात परलोक में अपने कर्मों का फल भोगने के लिये।
Tafsir berbahasa Arab:
هُوَ ٱلَّذِي خَلَقَ لَكُم مَّا فِي ٱلۡأَرۡضِ جَمِيعٗا ثُمَّ ٱسۡتَوَىٰٓ إِلَى ٱلسَّمَآءِ فَسَوَّىٰهُنَّ سَبۡعَ سَمَٰوَٰتٖۚ وَهُوَ بِكُلِّ شَيۡءٍ عَلِيمٞ
वही है, जिसने धरती में जो भी है, सबको तुम्हारे लिए उत्पन्न किया, फिर आकाश की ओर आकृष्ट हुआ, तो बराबर सात आकाश बना दिये और वह प्रत्येक चीज़ का जानकार है।
Tafsir berbahasa Arab:

وَإِذۡ قَالَ رَبُّكَ لِلۡمَلَـٰٓئِكَةِ إِنِّي جَاعِلٞ فِي ٱلۡأَرۡضِ خَلِيفَةٗۖ قَالُوٓاْ أَتَجۡعَلُ فِيهَا مَن يُفۡسِدُ فِيهَا وَيَسۡفِكُ ٱلدِّمَآءَ وَنَحۡنُ نُسَبِّحُ بِحَمۡدِكَ وَنُقَدِّسُ لَكَۖ قَالَ إِنِّيٓ أَعۡلَمُ مَا لَا تَعۡلَمُونَ
और (हे नबी! याद करो) जब आपके पालनहार ने फ़रिश्तों से कहा कि मैं धरती में एक ख़लीफ़ा[1] बनाने जा रहा हूँ। वे बोलेः क्या तू उसमें उसे बनायेग, जो उसमें उपद्रव करेगा तथा रक्त बहायेगा? जबकि हम तेरी प्रशंसा के साथ तेरे गुण और पवित्रता का गान करते हैं! (अल्लाह) ने कहाः जो मैं जानता हूँ, वह तुम नहीं जानते।
1. ख़लीफ़ा का अर्थ हैः स्थानापन्न, अर्थात ऐसा जीव जिस का वंश हो और एक दूसरे का स्थान ग्रहण करे। (तफ़्सीर इब्ने कसीर)
Tafsir berbahasa Arab:
وَعَلَّمَ ءَادَمَ ٱلۡأَسۡمَآءَ كُلَّهَا ثُمَّ عَرَضَهُمۡ عَلَى ٱلۡمَلَـٰٓئِكَةِ فَقَالَ أَنۢبِـُٔونِي بِأَسۡمَآءِ هَـٰٓؤُلَآءِ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
और उसने आदम[1] को सभी नाम सिखा दिये, फिर उन्हें फ़रिश्तों के समक्ष प्रस्तुत किया और कहाः मुझे इनके नाम बताओ, यदि तुम सच्चे हो!
1. आदम प्रथम मनु का नाम।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ سُبۡحَٰنَكَ لَا عِلۡمَ لَنَآ إِلَّا مَا عَلَّمۡتَنَآۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ
सबने कहाः तू पवित्र है। हम तो उतना ही जानते हैं, जितना तूने हमें सिखाया है। वास्तव में, तू अति ज्ञानी तत्वज्ञ[1] है।
1. तत्वज्ञः अर्थात जो भेद तथा रहस्य को जानता हो।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ يَـٰٓـَٔادَمُ أَنۢبِئۡهُم بِأَسۡمَآئِهِمۡۖ فَلَمَّآ أَنۢبَأَهُم بِأَسۡمَآئِهِمۡ قَالَ أَلَمۡ أَقُل لَّكُمۡ إِنِّيٓ أَعۡلَمُ غَيۡبَ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ وَأَعۡلَمُ مَا تُبۡدُونَ وَمَا كُنتُمۡ تَكۡتُمُونَ
(अल्लाह ने) कहाः हे आदम! इन्हें इनके नाम बताओ और आदम ने जब उनके नाम बता दिये, तो (अल्लाह ने) कहाःक्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि मैं आकाशों तथा धरती की क्षिप्त बातों को जानता हूँ तथा तुम जो बोलते और मन में रखते हो, सब जानता हूँ?
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قُلۡنَا لِلۡمَلَـٰٓئِكَةِ ٱسۡجُدُواْ لِأٓدَمَ فَسَجَدُوٓاْ إِلَّآ إِبۡلِيسَ أَبَىٰ وَٱسۡتَكۡبَرَ وَكَانَ مِنَ ٱلۡكَٰفِرِينَ
और जब हमने फ़रिश्तों से कहाः आदम को सज्दा करो, तो इब्लीस के सिवा सबने सज्दा किया, उसने इन्कार तथा अभिमान किया और काफ़िरों में से हो गया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقُلۡنَا يَـٰٓـَٔادَمُ ٱسۡكُنۡ أَنتَ وَزَوۡجُكَ ٱلۡجَنَّةَ وَكُلَا مِنۡهَا رَغَدًا حَيۡثُ شِئۡتُمَا وَلَا تَقۡرَبَا هَٰذِهِ ٱلشَّجَرَةَ فَتَكُونَا مِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ
और हमने कहाः हे आदम! तुम और तुम्हारी पत्नी स्वर्ग में रहो तथा इसमें से जिस स्थान से चाहो, मनमानी खाओ और इस वृक्ष के समीप न जाना, अन्यथा अत्याचारियों में से हो जाओगे।
Tafsir berbahasa Arab:
فَأَزَلَّهُمَا ٱلشَّيۡطَٰنُ عَنۡهَا فَأَخۡرَجَهُمَا مِمَّا كَانَا فِيهِۖ وَقُلۡنَا ٱهۡبِطُواْ بَعۡضُكُمۡ لِبَعۡضٍ عَدُوّٞۖ وَلَكُمۡ فِي ٱلۡأَرۡضِ مُسۡتَقَرّٞ وَمَتَٰعٌ إِلَىٰ حِينٖ
तो शैतान ने दोनों को उससे भटका दिया और जिस (सुख) में थे, उससे उन्हें निकाल दिया और हमने कहाः तुम सब उससे उतरो, तुम एक-दूसरे के शत्रु हो और तुम्हारे लिए धरती में रहना तथा एक निश्चित अवधि[1] तक उपभोग्य है।
1. अर्थात अपनी निश्चित आयु तक सांसारिक जीवन के संसाधन से लाभान्वित होना है।
Tafsir berbahasa Arab:
فَتَلَقَّىٰٓ ءَادَمُ مِن رَّبِّهِۦ كَلِمَٰتٖ فَتَابَ عَلَيۡهِۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلتَّوَّابُ ٱلرَّحِيمُ
फिर आदम ने अपने पालनहार से कुछ शब्द सीखे, तो उसने उसे क्षमा कर दिया। वह बड़ा क्षमी दयावान्[1] है।
1. आयत का भावार्थ यह है कि आदम ने कुछ शब्द सीखे और उन के द्वारा क्षमा याचना की, तो अल्लाह ने उसे क्षमा कर दिया। आदम के उन शब्दों की व्याख्या भाष्यकारों ने इन शब्दों से की हैः "आदम तथा ह़व्वा दोनों ने कहाः हे हमारे पालनहार! हम ने अपने प्राणों पर अत्याचार कर लिया और यदि तू ने हमें क्षमा और हम पर दया नहीं की, तो हम क्षतिग्रस्तों में हो जायेंगे।" (सूरह आराफ, आयतः23)
Tafsir berbahasa Arab:

قُلۡنَا ٱهۡبِطُواْ مِنۡهَا جَمِيعٗاۖ فَإِمَّا يَأۡتِيَنَّكُم مِّنِّي هُدٗى فَمَن تَبِعَ هُدَايَ فَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ
हमने कहाः इससे सब उतरो, फिर यदि तुम्हारे पास मेरा मार्गदर्शन आये, तो जो मेरे मार्गदर्शन का अनुसरण करेंगे, उनके लिए कोई डर नहीं होगा और न वे उदासीन होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱلَّذِينَ كَفَرُواْ وَكَذَّبُواْ بِـَٔايَٰتِنَآ أُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ
तथा जो अस्वीकार करेंगे और हमारी आयतों को मिथ्या कहेंगे, तो वही नारकी हैं और वही उसमें सदावासी होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
يَٰبَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَتِيَ ٱلَّتِيٓ أَنۡعَمۡتُ عَلَيۡكُمۡ وَأَوۡفُواْ بِعَهۡدِيٓ أُوفِ بِعَهۡدِكُمۡ وَإِيَّـٰيَ فَٱرۡهَبُونِ
हे बनी इस्राईल![1] मेरे उस पुरस्कार को याद करो, जो मैंने तुमपर किया तथा मुझसे किया गया वचन पूरा करो, मैं तुम्हें अपना दिया वचन पूरा करूँगा तथा मुझी से डरो।[2]
1. इस्राईल आदरणीय इब्राहीम अलैहिस्सलाम के पौत्र याक़ूब अलैहिस्सलाम की उपाधि है। इस लिये उन की संतान को बनी इस्राईल कहा गया है। यहाँ उन्हें यह प्रेरणा दी जा रही है कि क़ुर्आन तथा अन्तिम नबी को मान लें, जिस का वचन उन की पुस्तक "तौरात" में लिया गया है। यहाँ यह ज्ञातव्य है कि इब्राहीम अलैहिस्सलाम के दो पुत्र इस्माईल तथा इस्ह़ाक़ हैं। इस्ह़ाक़ की संतान से बहुत से नबी आये, परन्तु इस्माईल अलैहिस्सलाम के गोत्र से केवल अन्तिम नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम आये। 2. अर्थात वचन भंग करने से।
Tafsir berbahasa Arab:
وَءَامِنُواْ بِمَآ أَنزَلۡتُ مُصَدِّقٗا لِّمَا مَعَكُمۡ وَلَا تَكُونُوٓاْ أَوَّلَ كَافِرِۭ بِهِۦۖ وَلَا تَشۡتَرُواْ بِـَٔايَٰتِي ثَمَنٗا قَلِيلٗا وَإِيَّـٰيَ فَٱتَّقُونِ
तथा उस (क़ुर्आन) पर ईमान लाओ, जो मैंने उतारा है, वह उसका प्रमाणकारी है, जो तुम्हारे पास[1] है और तुम, सबसे पहले इसके निवर्ती न बन जाओ तथा मेरी आयतों को तनिक मूल्य पर न बेचो और केवल मुझी से डरो।
1. अर्थात धर्म-पुस्तक तौरात।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَا تَلۡبِسُواْ ٱلۡحَقَّ بِٱلۡبَٰطِلِ وَتَكۡتُمُواْ ٱلۡحَقَّ وَأَنتُمۡ تَعۡلَمُونَ
तथा सत्य को असत्य से न मिलाओ और न सत्य को जानते हुए छुपाओ।[1]
1. अर्थात अन्तिम नबी के गुणों को, जो तुम्हारी पुस्तकों में वर्णित किये गये हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
وَأَقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتُواْ ٱلزَّكَوٰةَ وَٱرۡكَعُواْ مَعَ ٱلرَّـٰكِعِينَ
तथा नमाज़ की स्थापना करो और ज़कात दो तथा झुकने वालों के साथ झुको (रुकू करो)
Tafsir berbahasa Arab:
۞أَتَأۡمُرُونَ ٱلنَّاسَ بِٱلۡبِرِّ وَتَنسَوۡنَ أَنفُسَكُمۡ وَأَنتُمۡ تَتۡلُونَ ٱلۡكِتَٰبَۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
क्या तुम, लोगों को सदाचार का आदेश देते हो और अपने-आपको भूल जाते हो? जबकि तुम पुस्तक (तौरात) का अध्ययन करते हो! क्या तुम समझ नहीं रखते?[1]
1. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की एक ह़दीस (कथन) में इस का दुष्परिणाम यह बताया गया है कि प्रलय के दिन एक व्यक्ति को लाया जायेगा, और नरक में फेंक दिया जायेगा। उस की अंतड़ियाँ निकल जायेंगी, और वह उन को ले कर नरक में ऐसे फिरेगा, जैसे गधा चक्की के साथ फिरता है। तो नारकी उस के पास जायेंगे तथा कहेंगे कि तुम पर यह क्या आपदा आ पड़ी है? तुम तो हमें सदाचार का आदेश देते, तथा दुराचार से रोकते थे! वह कहेगा कि मैं तुम्हें सदाचार का आदेश देता था, परन्तु स्वयं नहीं करता था। तथा दुराचार से रोकता था और स्वयं नहीं रुकता था। (सह़ीह़ बुखारी, ह़दीस संख्याः3267)
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱسۡتَعِينُواْ بِٱلصَّبۡرِ وَٱلصَّلَوٰةِۚ وَإِنَّهَا لَكَبِيرَةٌ إِلَّا عَلَى ٱلۡخَٰشِعِينَ
तथा धैर्य और नमाज़ का सहारा लो, निश्चय नमाज़ भारी है, परन्तु विनीतों पर (भारी नहीं)।[1]
1. भावार्थ यह है कि धैर्य तथा नमाज़ से अल्लाह की आज्ञा के अनुपालन तथा सदाचार की भावना उत्पन्न होती है।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱلَّذِينَ يَظُنُّونَ أَنَّهُم مُّلَٰقُواْ رَبِّهِمۡ وَأَنَّهُمۡ إِلَيۡهِ رَٰجِعُونَ
जो समझते हैं कि उन्हें अपने पालनहार से मिलना है और उन्हें फिर उसी की ओर (अपने कर्मों का फल भोगने के लिए) जाना है।
Tafsir berbahasa Arab:
يَٰبَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَتِيَ ٱلَّتِيٓ أَنۡعَمۡتُ عَلَيۡكُمۡ وَأَنِّي فَضَّلۡتُكُمۡ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ
हे बनी इस्राईल! मेरे उस पुरस्कार को याद करो, जो मैंने तुमपर किया और ये कि तुम्हें संसार वासियों पर प्रधानता दी थी।
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱتَّقُواْ يَوۡمٗا لَّا تَجۡزِي نَفۡسٌ عَن نَّفۡسٖ شَيۡـٔٗا وَلَا يُقۡبَلُ مِنۡهَا شَفَٰعَةٞ وَلَا يُؤۡخَذُ مِنۡهَا عَدۡلٞ وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ
तथा उस दिन से डरो, जिस दिन कोई किसी के कुछ काम नहीं आयेगा और न उसकी कोई अनुशंसा (सिफ़ारिश) मानी जायेगी और न उससे कोई अर्थदण्ड लिया जायेगा और न उन्हें कोई सहायता मिल सकेगी।
Tafsir berbahasa Arab:

وَإِذۡ نَجَّيۡنَٰكُم مِّنۡ ءَالِ فِرۡعَوۡنَ يَسُومُونَكُمۡ سُوٓءَ ٱلۡعَذَابِ يُذَبِّحُونَ أَبۡنَآءَكُمۡ وَيَسۡتَحۡيُونَ نِسَآءَكُمۡۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَآءٞ مِّن رَّبِّكُمۡ عَظِيمٞ
तथा (वह समय याद करो) जब हमने तुम्हें फ़िरऔनियों[1] से मुक्ति दिलाई। वे तुम्हें कड़ी यातना दे रहे थे; वे तुम्हारे पुत्रों को वध कर रहे थे तथा तुम्हारी नारियों को जीवित रहने देते थे। इसमें तुम्हारे पालनहार की ओर से कड़ी परीक्षा थी।
1. फ़िरऔन मिस्र के शासकों की उपाधि होती थी।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ فَرَقۡنَا بِكُمُ ٱلۡبَحۡرَ فَأَنجَيۡنَٰكُمۡ وَأَغۡرَقۡنَآ ءَالَ فِرۡعَوۡنَ وَأَنتُمۡ تَنظُرُونَ
तथा (याद करो) जब हमने तुम्हारे लिए सागर को फाड़ दिया, फिर तुम्हें बचा लिया और तुम्हारे देखते-देखते फ़िरऔनियों को डुबो दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ وَٰعَدۡنَا مُوسَىٰٓ أَرۡبَعِينَ لَيۡلَةٗ ثُمَّ ٱتَّخَذۡتُمُ ٱلۡعِجۡلَ مِنۢ بَعۡدِهِۦ وَأَنتُمۡ ظَٰلِمُونَ
तथा (याद करो) जब हमने मूसा को (तौरात प्रदान करने के लिए) चालीस रात्रि का वचन दिया, फिर उनके पीछे तुमने बछड़े को (पूज्य) बना लिया और तुम अत्याचारी थे।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ عَفَوۡنَا عَنكُم مِّنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ
फिर हमने इसके पश्चात् तुम्हें क्षमा कर दिया, ताकि तुम कृतज्ञ बनो।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡفُرۡقَانَ لَعَلَّكُمۡ تَهۡتَدُونَ
तथा (याद करो) जब हमने मूसा को पुस्तक (तौरात) तथा फ़ुर्क़ान[1] प्रदान किया, ताकि तुम सीधी डगर पा सको।
1. फ़ुरक़ान का अर्थ विवेककारी है, अर्थात जिस के द्वारा सत्योसत्य में अन्तर और विवेक किया जाये।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِۦ يَٰقَوۡمِ إِنَّكُمۡ ظَلَمۡتُمۡ أَنفُسَكُم بِٱتِّخَاذِكُمُ ٱلۡعِجۡلَ فَتُوبُوٓاْ إِلَىٰ بَارِئِكُمۡ فَٱقۡتُلُوٓاْ أَنفُسَكُمۡ ذَٰلِكُمۡ خَيۡرٞ لَّكُمۡ عِندَ بَارِئِكُمۡ فَتَابَ عَلَيۡكُمۡۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلتَّوَّابُ ٱلرَّحِيمُ
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति से कहाः तुमने बछड़े को पूज्य बनाकर अपने ऊपर अत्याचार किया है, अतः तुम अपने उत्पत्तिकार के आगे क्षमा याचना करो, वो ये कि आपस में एक-दूसरे[1] को वध करो। इसी में तुम्हारे उत्पत्तिकार के समीप तुम्हारी भलाई है। फिर उसने तुम्हारी तौबा स्वीकार कर ली। वास्तव में, वह बड़ा क्षमाशील, दयावान् है।
1. अर्थात जिस ने बछड़े की पूजा की है, उसे, जो निर्दोष हो वह हत करे। यही दोषी के लिये क्षमा है। (तफ़्सीर इब्ने कसीर)
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قُلۡتُمۡ يَٰمُوسَىٰ لَن نُّؤۡمِنَ لَكَ حَتَّىٰ نَرَى ٱللَّهَ جَهۡرَةٗ فَأَخَذَتۡكُمُ ٱلصَّـٰعِقَةُ وَأَنتُمۡ تَنظُرُونَ
तथा (याद करो) जब तुमने मूसा से कहाः हम तुम्हारा विश्वास नहीं करेंगे, जब तक हम अल्लाह को आँखों से देख नहीं लेंगे, फिर तुम्हारे देखते-देखते तुम्हें कड़क ने धर लिया (जिससे सब निर्जीव हो कर गिर गये)।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ بَعَثۡنَٰكُم مِّنۢ بَعۡدِ مَوۡتِكُمۡ لَعَلَّكُمۡ تَشۡكُرُونَ
फिर (निर्जीव होने के पश्चात्) हमने तुम्हें जीवित कर दिया, ताकि तुम हमारा उपकार मानो।
Tafsir berbahasa Arab:
وَظَلَّلۡنَا عَلَيۡكُمُ ٱلۡغَمَامَ وَأَنزَلۡنَا عَلَيۡكُمُ ٱلۡمَنَّ وَٱلسَّلۡوَىٰۖ كُلُواْ مِن طَيِّبَٰتِ مَا رَزَقۡنَٰكُمۡۚ وَمَا ظَلَمُونَا وَلَٰكِن كَانُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ يَظۡلِمُونَ
और हमने तुमपर बादलों की छाँव[1] की तथा तुमपर 'मन्न'[2] और 'सलवा' उतारा, तो उन स्वच्छ चीज़ों में से, जो हमने तुम्हें प्रदान की हैं, खाओ और उन्होंने हमपर अत्याचार नहीं किया, परन्तु वे स्वयं अपने ऊपर ही अत्याचार कर रहे थे।
1. अधिकांश भाष्यकारों ने इसे "तीह" के क्षेत्र से संबंधित माना है। (देखियेः तफ़्सीरे क़ुर्तुबी) 2.भाष्यकारों ने लिखा है कि "मन्न" एक प्रकार का अति मीठा स्वादिष्ट गोंद था, जो ओस के समान रात्रि के समय आकाश से गिरता था। तथा "सलवा" एक प्रकार के पक्षी थे, जो संध्या के समय सेना के पास हज़ारों की संख्या में एकत्र हो जाते, जिन्हें बनी इस्राईल पकड़ कर खाते थे।
Tafsir berbahasa Arab:

وَإِذۡ قُلۡنَا ٱدۡخُلُواْ هَٰذِهِ ٱلۡقَرۡيَةَ فَكُلُواْ مِنۡهَا حَيۡثُ شِئۡتُمۡ رَغَدٗا وَٱدۡخُلُواْ ٱلۡبَابَ سُجَّدٗا وَقُولُواْ حِطَّةٞ نَّغۡفِرۡ لَكُمۡ خَطَٰيَٰكُمۡۚ وَسَنَزِيدُ ٱلۡمُحۡسِنِينَ
और (याद करो) जब हमने कहा कि इस बस्ती[1] में प्रवेश करो, फिर इसमें से जहाँ से चाहो, मनमानी खाओ और उसके द्वार में सज्दा करते (सिर झुकाये) हुए प्रवेश करो और क्षमा-क्षमा कहते जाओ, हम तुम्हारे पापों को क्षमा कर देंगे तथा सुकर्मियों को अधिक प्रदान करेंगे।
1. साधारण भाष्यकारों ने इस बस्ती को "बैतुल मुक़द्दस" माना है।
Tafsir berbahasa Arab:
فَبَدَّلَ ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ قَوۡلًا غَيۡرَ ٱلَّذِي قِيلَ لَهُمۡ فَأَنزَلۡنَا عَلَى ٱلَّذِينَ ظَلَمُواْ رِجۡزٗا مِّنَ ٱلسَّمَآءِ بِمَا كَانُواْ يَفۡسُقُونَ
फिर इन अत्याचारियों ने जो बात इनसे कही गयी थी, उसे दूसरी बात से बदल दिया। तो हमने इन अत्याचारियों पर आकाश से इनकी अवज्ञा के कारण प्रकोप उतार दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
۞وَإِذِ ٱسۡتَسۡقَىٰ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِۦ فَقُلۡنَا ٱضۡرِب بِّعَصَاكَ ٱلۡحَجَرَۖ فَٱنفَجَرَتۡ مِنۡهُ ٱثۡنَتَا عَشۡرَةَ عَيۡنٗاۖ قَدۡ عَلِمَ كُلُّ أُنَاسٖ مَّشۡرَبَهُمۡۖ كُلُواْ وَٱشۡرَبُواْ مِن رِّزۡقِ ٱللَّهِ وَلَا تَعۡثَوۡاْ فِي ٱلۡأَرۡضِ مُفۡسِدِينَ
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति के लिए जल की प्रार्थना की, तो हमने कहाः अपनी लाठी पत्थर पर मारो। तो उससे बारह[1] सोते फूट पड़े और प्रत्येक परिवार ने अपने पीने के स्थान को पहचान लिया। अल्लाह का दिया खाओ और पिओ और धरती में उपद्रव करते न फिरो।
1. इस्राईल वंश के बारह क़बीले थे। अल्लाह ने प्रत्येक क़बीले के लिये अलग-अलग सोते निकाल दिये, ताकी उन के बीच पानी के लिये झगड़ा न हो। (देखियेः तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قُلۡتُمۡ يَٰمُوسَىٰ لَن نَّصۡبِرَ عَلَىٰ طَعَامٖ وَٰحِدٖ فَٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ يُخۡرِجۡ لَنَا مِمَّا تُنۢبِتُ ٱلۡأَرۡضُ مِنۢ بَقۡلِهَا وَقِثَّآئِهَا وَفُومِهَا وَعَدَسِهَا وَبَصَلِهَاۖ قَالَ أَتَسۡتَبۡدِلُونَ ٱلَّذِي هُوَ أَدۡنَىٰ بِٱلَّذِي هُوَ خَيۡرٌۚ ٱهۡبِطُواْ مِصۡرٗا فَإِنَّ لَكُم مَّا سَأَلۡتُمۡۗ وَضُرِبَتۡ عَلَيۡهِمُ ٱلذِّلَّةُ وَٱلۡمَسۡكَنَةُ وَبَآءُو بِغَضَبٖ مِّنَ ٱللَّهِۚ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمۡ كَانُواْ يَكۡفُرُونَ بِـَٔايَٰتِ ٱللَّهِ وَيَقۡتُلُونَ ٱلنَّبِيِّـۧنَ بِغَيۡرِ ٱلۡحَقِّۚ ذَٰلِكَ بِمَا عَصَواْ وَّكَانُواْ يَعۡتَدُونَ
तथा (याद करो) जब तुमने कहाः हे मूसा! हम एक प्रकार का खाना सहन नहीं करेंगे। तुम अपने पालनहार से प्रार्थना करो कि हमारे लिए धरती की उपज; साग, ककड़ी, लहसुन, प्याज़, दाल आदि निकाले। (मूसा ने) कहाः क्या तुम उत्तम के बदले तुच्छ मांगते हो? तो किसी नगर में उतर पड़ो, जो तुमने मांगा है, वहाँ वह मिलेगा! और उनपर अपमान तथा दरिद्रता थोप दी गयी और वे अल्लाह के प्रकोप के साथ फिरे। ये इसलिए कि वे अल्लाह की आयतों के साथ कुफ़्र कर रहे थे और नबियों की अकारण हत्या कर रहे थे। ये इसलिए कि उन्होंने अवज्ञा की तथा (धर्म की) सीमा का उल्लंघन किया।
Tafsir berbahasa Arab:

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَٱلَّذِينَ هَادُواْ وَٱلنَّصَٰرَىٰ وَٱلصَّـٰبِـِٔينَ مَنۡ ءَامَنَ بِٱللَّهِ وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِ وَعَمِلَ صَٰلِحٗا فَلَهُمۡ أَجۡرُهُمۡ عِندَ رَبِّهِمۡ وَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ
वस्तुतः, जो ईमान लाये तथा जो यहूदी हुए और नसारा (ईसाई) तथा साबी, जो भी अल्लाह तथा अन्तिम दिन (प्रलय) पर ईमान लायेगा और सत्कर्म करेगा, उनका प्रतिफल उनके पालनहार के पास है और उन्हें कोई डर नहीं होगा और न ही वे उदासीन होंगे।[1]
1. इस आयत में यहूदियों के इस भ्रम का खण्डन किया गया है कि मुक्ति केवल उन्हीं के गिरोह के लिये है। आयत का भावार्थ यह है कि इन सभी धर्मों के अनुयायी अपने समय में सत्य आस्था एवं सत्कर्म के कारण मुक्ति के योग्य थे, परन्तु अब नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के आगमन के पश्चात् आप पर ईमान लाना तथा आप की शिक्षाओं को मानना मुक्ति के लिये अनिवार्य है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَكُمۡ وَرَفَعۡنَا فَوۡقَكُمُ ٱلطُّورَ خُذُواْ مَآ ءَاتَيۡنَٰكُم بِقُوَّةٖ وَٱذۡكُرُواْ مَا فِيهِ لَعَلَّكُمۡ تَتَّقُونَ
और (याद करो) जब हमने तूर (पर्वत) को तुम्हारे ऊपर करके तुमसे वचन लिया कि जो हमने तुम्हें दिया है, उसे दृढ़ता से पकड़ लो और उसमें जो (आदेश-निर्देश) हैं, उन्हें याद रखो; ताकि तुम यातना से बच सको।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ تَوَلَّيۡتُم مِّنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَۖ فَلَوۡلَا فَضۡلُ ٱللَّهِ عَلَيۡكُمۡ وَرَحۡمَتُهُۥ لَكُنتُم مِّنَ ٱلۡخَٰسِرِينَ
फिर उसके बाद तुम मुकर गये, तो यदि तुमपर अल्लाह की अनुग्रह और दया न होती, तो तुम क्षतिग्रस्तों में हो जाते।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَقَدۡ عَلِمۡتُمُ ٱلَّذِينَ ٱعۡتَدَوۡاْ مِنكُمۡ فِي ٱلسَّبۡتِ فَقُلۡنَا لَهُمۡ كُونُواْ قِرَدَةً خَٰسِـِٔينَ
और तुम उन्हें जानते ही हो, जिन्होंने शनिवार के बारे में (धर्म की) सीमा का उल्लंघन किया, तो हमने कहा कि तुम तिरस्कृत बंदर[1] हो जाओ।
1. यहूदियों के लिये यह नियम है कि वे शनिवार का आदर करें। और इस दिन कोई संसारिक कार्य न करें, तथा उपासना करें। परन्तु उन्हों ने इस का उल्लंघन किया और उन पर यह प्रकोप आया।
Tafsir berbahasa Arab:
فَجَعَلۡنَٰهَا نَكَٰلٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهَا وَمَا خَلۡفَهَا وَمَوۡعِظَةٗ لِّلۡمُتَّقِينَ
फिर हमने उसे, उस समय के तथा बाद के लोगों के लिए चेतावनी और अल्लाह से डरने वालों के लिए शिक्षा बना दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قَالَ مُوسَىٰ لِقَوۡمِهِۦٓ إِنَّ ٱللَّهَ يَأۡمُرُكُمۡ أَن تَذۡبَحُواْ بَقَرَةٗۖ قَالُوٓاْ أَتَتَّخِذُنَا هُزُوٗاۖ قَالَ أَعُوذُ بِٱللَّهِ أَنۡ أَكُونَ مِنَ ٱلۡجَٰهِلِينَ
तथा (याद करो) जब मूसा ने अपनी जाति से कहाः अल्लाह तुम्हें एक गाय वध करने का आदेश देता है। उन्होंने कहाः क्या तुम हमसे उपहास कर रहे हो? (मूसा ने) कहाः मैं अल्लाह की शरण माँगता हूँ कि मूर्खों में से हो जाऊँ।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ ٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا هِيَۚ قَالَ إِنَّهُۥ يَقُولُ إِنَّهَا بَقَرَةٞ لَّا فَارِضٞ وَلَا بِكۡرٌ عَوَانُۢ بَيۡنَ ذَٰلِكَۖ فَٱفۡعَلُواْ مَا تُؤۡمَرُونَ
वह बोले कि अपने पालनहार से हमारे लिए निवेदन करो कि हमें बता दे कि वह गाय कैसी हो? (मूसा ने) कहाः वह (अर्थातःअल्लाह) कहता है कि वह न बूढ़ी हो और न बछिया हो, इसके बीच आयु की हो। अतः जो आदेश तुम्हें दिया जा रहा है, उसे पूरा करो।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالُواْ ٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا لَوۡنُهَاۚ قَالَ إِنَّهُۥ يَقُولُ إِنَّهَا بَقَرَةٞ صَفۡرَآءُ فَاقِعٞ لَّوۡنُهَا تَسُرُّ ٱلنَّـٰظِرِينَ
वे बोले कि अपने पालनहार से हमारे लिए निवेदन करो कि हमें उसका रंग बता दे। (मूसा ने) कहाः वह कहता है कि पीले गहरे रंग की गाय हो, जो देखने वालों को प्रसन्न कर दे।
Tafsir berbahasa Arab:

قَالُواْ ٱدۡعُ لَنَا رَبَّكَ يُبَيِّن لَّنَا مَا هِيَ إِنَّ ٱلۡبَقَرَ تَشَٰبَهَ عَلَيۡنَا وَإِنَّآ إِن شَآءَ ٱللَّهُ لَمُهۡتَدُونَ
वे बोले कि अपने पालनहार से हमारे लिए निवेदन करो कि हमें बताये कि वह किस प्रकार की हो? वास्तव में, हम गाय के बारे में दुविधा में पड़ गये हैं और यदि अल्लाह ने चाहा तो हम (उस गाय का) पता लगा लेंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
قَالَ إِنَّهُۥ يَقُولُ إِنَّهَا بَقَرَةٞ لَّا ذَلُولٞ تُثِيرُ ٱلۡأَرۡضَ وَلَا تَسۡقِي ٱلۡحَرۡثَ مُسَلَّمَةٞ لَّا شِيَةَ فِيهَاۚ قَالُواْ ٱلۡـَٰٔنَ جِئۡتَ بِٱلۡحَقِّۚ فَذَبَحُوهَا وَمَا كَادُواْ يَفۡعَلُونَ
मूसा बोलेः वह कहता है कि वह ऐसी गाय हो, जो सेवा कार्य न करती हो, न खेत (भूमि) जोतती हो और न खेत सींचती हो, वह स्वस्थ हो और उसमें कोई धब्बा न हो। वे बोलेः अब तुमने उचित बात बताई है। फिर उन्होंने उसे वध कर दिया। जबकि वे समीप थे कि ये काम न करें।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قَتَلۡتُمۡ نَفۡسٗا فَٱدَّـٰرَ ٰٔتُمۡ فِيهَاۖ وَٱللَّهُ مُخۡرِجٞ مَّا كُنتُمۡ تَكۡتُمُونَ
और (याद करो) जब तुमने एक व्यक्ति की हत्या कर दी तथा एक-दूसरे पर (दोष) थोपने लगे और अल्लाह को उसे व्यक्त करना था, जिसे तुम छुपा रहे थे।
Tafsir berbahasa Arab:
فَقُلۡنَا ٱضۡرِبُوهُ بِبَعۡضِهَاۚ كَذَٰلِكَ يُحۡيِ ٱللَّهُ ٱلۡمَوۡتَىٰ وَيُرِيكُمۡ ءَايَٰتِهِۦ لَعَلَّكُمۡ تَعۡقِلُونَ
अतः हमने कहा कि उसे (निहत व्यक्ति के शव को) उस (गाय) के किसी भाग से मारो।[1] इसी प्रकार अल्लाह मुर्दों को जीवित करेगा और वह तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाता है; ताकि तुम समझो।
1. भाष्यकारों ने लिखा है कि इस प्रकार निहत व्यक्ति जीवित हो गया। और उस ने अपने हत्यारे को बताया, और फिर मर गया। इस हत्या के कारण ही बनी इस्राईल को गाय की बलि देने हा आदेश दिया गया था। अगर वह चाहते तो किसी भी गाय की बलि दे देते, परन्तु उन्हों ने टाल मटोल से काम लिया, इस लिये अल्लाह ने उस गाय के विषय में कठोर आदेश दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ قَسَتۡ قُلُوبُكُم مِّنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ فَهِيَ كَٱلۡحِجَارَةِ أَوۡ أَشَدُّ قَسۡوَةٗۚ وَإِنَّ مِنَ ٱلۡحِجَارَةِ لَمَا يَتَفَجَّرُ مِنۡهُ ٱلۡأَنۡهَٰرُۚ وَإِنَّ مِنۡهَا لَمَا يَشَّقَّقُ فَيَخۡرُجُ مِنۡهُ ٱلۡمَآءُۚ وَإِنَّ مِنۡهَا لَمَا يَهۡبِطُ مِنۡ خَشۡيَةِ ٱللَّهِۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ
फिर ये (निशानियाँ देखने) के बाद तुम्हारे दिल पत्थरों के समान या उनसे भी अधिक कठोर हो गये; क्योंकि पत्थरों में कुछ ऐसे होते हैं, जिनसे नहरें फूट पड़ती हैं और कुछ फट जाते हैं और उनसे पानी निकल आता है और कुछ अल्लाह के डर से गिर पड़ते हैं और अल्लाह तुम्हारे करतूतों से निश्चेत नहीं है।
Tafsir berbahasa Arab:
۞أَفَتَطۡمَعُونَ أَن يُؤۡمِنُواْ لَكُمۡ وَقَدۡ كَانَ فَرِيقٞ مِّنۡهُمۡ يَسۡمَعُونَ كَلَٰمَ ٱللَّهِ ثُمَّ يُحَرِّفُونَهُۥ مِنۢ بَعۡدِ مَا عَقَلُوهُ وَهُمۡ يَعۡلَمُونَ
क्या तुम आशा रखते हो कि (यहूदी) तुम्हारी बात मान लेंगे, जबकि उनमें एक गिरोह ऐसा था, जो अल्लाह की वाणी (तौरात) को सुनता था और समझ जाने के बाद जान-बूझ कर उसमें परिवर्तण कर देता था?
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذَا لَقُواْ ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ قَالُوٓاْ ءَامَنَّا وَإِذَا خَلَا بَعۡضُهُمۡ إِلَىٰ بَعۡضٖ قَالُوٓاْ أَتُحَدِّثُونَهُم بِمَا فَتَحَ ٱللَّهُ عَلَيۡكُمۡ لِيُحَآجُّوكُم بِهِۦ عِندَ رَبِّكُمۡۚ أَفَلَا تَعۡقِلُونَ
तथा जब वे ईमान वालों से मिलते हैं, तो कहते हैं कि हम भी ईमान लाये और जब एकान्त में आपस में एक-दूसरे से मिलते हैं, तो कहते हैं कि तुम उन्हें वो बातें क्यों बताते हो, जो अल्लाह ने तुमपर खोली[1] हैं? इसलिए कि प्रलय के दिन तुम्हारे पालनहार के पास इसे तुम्हारे विरुध्द प्रमाण बनायें? क्या तुम समझते नहीं हो?
1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर। 2. अर्थात अन्तिम नबी के विषय में तौरात में बताई है।
Tafsir berbahasa Arab:

أَوَلَا يَعۡلَمُونَ أَنَّ ٱللَّهَ يَعۡلَمُ مَا يُسِرُّونَ وَمَا يُعۡلِنُونَ
क्या वे नहीं जानते कि वे जो कुछ छुपाते तथा व्यक्त करते हैं, वो सब अल्लाह जानता है?
Tafsir berbahasa Arab:
وَمِنۡهُمۡ أُمِّيُّونَ لَا يَعۡلَمُونَ ٱلۡكِتَٰبَ إِلَّآ أَمَانِيَّ وَإِنۡ هُمۡ إِلَّا يَظُنُّونَ
तथा उनमें कुछ अनपढ़ हैं, वे पुस्तक (तौरात) का ज्ञान नहीं रखते, परन्तु निराधार कामनायें करते तथा केवल अनुमान लगाते हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
فَوَيۡلٞ لِّلَّذِينَ يَكۡتُبُونَ ٱلۡكِتَٰبَ بِأَيۡدِيهِمۡ ثُمَّ يَقُولُونَ هَٰذَا مِنۡ عِندِ ٱللَّهِ لِيَشۡتَرُواْ بِهِۦ ثَمَنٗا قَلِيلٗاۖ فَوَيۡلٞ لَّهُم مِّمَّا كَتَبَتۡ أَيۡدِيهِمۡ وَوَيۡلٞ لَّهُم مِّمَّا يَكۡسِبُونَ
तो विनाश है उनके लिए[1] जो अपने हाथों से पुस्तक लिखते हैं, फिर कहते हैं कि ये अल्लाह की ओर से है, ताकि उसके द्वारा तनिक मूल्य खरीदें! तो विनाश है उनके अपने हाथों के लेख के कारण! और विनाश है उनकी कमाई के कारण!
1. इस में यहूदी विद्वानों के कुकर्मों को बताया गया है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالُواْ لَن تَمَسَّنَا ٱلنَّارُ إِلَّآ أَيَّامٗا مَّعۡدُودَةٗۚ قُلۡ أَتَّخَذۡتُمۡ عِندَ ٱللَّهِ عَهۡدٗا فَلَن يُخۡلِفَ ٱللَّهُ عَهۡدَهُۥٓۖ أَمۡ تَقُولُونَ عَلَى ٱللَّهِ مَا لَا تَعۡلَمُونَ
तथा उन्होंने कहा कि हमें नरक की अग्नि गिनती के कुछ दिनों के सिवा स्पर्श नहीं करेगी। (हे नबी!) उनसे कहो कि क्या तुमने अल्लाह से कोई वचन ले लिया है कि अल्लाह अपना वचन भंग नहीं करेगा? बल्कि तुम अल्लाह के बारे में ऐसी बातें करते हो, जिनका तुम्हें ज्ञान नहीं।
Tafsir berbahasa Arab:
بَلَىٰۚ مَن كَسَبَ سَيِّئَةٗ وَأَحَٰطَتۡ بِهِۦ خَطِيٓـَٔتُهُۥ فَأُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ
क्यों[1] नहीं, जो भी बुराई कमायेगा तथा उसका पाप उसे घेर लेगा, तो वही नारकीय हैं और वही उसमें सदावासी होंगे।
1. यहाँ यहूदियों के दावे का खण्डन तथा नरक और स्वर्ग में प्रवेश के नियम का वर्णन है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّـٰلِحَٰتِ أُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلۡجَنَّةِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ
तथा जो ईमान लायें और सत्कर्म करें, वही स्वर्गीय हैं और वे उसमें सदावासी होंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَ بَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ لَا تَعۡبُدُونَ إِلَّا ٱللَّهَ وَبِٱلۡوَٰلِدَيۡنِ إِحۡسَانٗا وَذِي ٱلۡقُرۡبَىٰ وَٱلۡيَتَٰمَىٰ وَٱلۡمَسَٰكِينِ وَقُولُواْ لِلنَّاسِ حُسۡنٗا وَأَقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتُواْ ٱلزَّكَوٰةَ ثُمَّ تَوَلَّيۡتُمۡ إِلَّا قَلِيلٗا مِّنكُمۡ وَأَنتُم مُّعۡرِضُونَ
और (याद करो) जब हमने बनी इस्राईल से दृढ़ वचन लिया कि अल्लाह के सिवा किसी की इबादत (वंदना) नहीं करोगे तथा माता-पिता के साथ उपकार करोगे और समीपवर्ती संबंधियों, अनाथों, दीन-दुखियों के साथ और लोगों से भली बात बोलोगे तथा नमाज़ की स्थापना करोगे और ज़कात दोगे, फिर तुममें से थोड़े के सिवा सबने मुँह फेर लिया और तुम (अभी भी) मुँह फेरे हुए हो।
Tafsir berbahasa Arab:

وَإِذۡ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَكُمۡ لَا تَسۡفِكُونَ دِمَآءَكُمۡ وَلَا تُخۡرِجُونَ أَنفُسَكُم مِّن دِيَٰرِكُمۡ ثُمَّ أَقۡرَرۡتُمۡ وَأَنتُمۡ تَشۡهَدُونَ
तथा (याद करो) जब हमने तुमसे दृढ़ वचन लिया कि आपस में रक्तपात नहीं करोगे और न अपनों को अपने घरों से निकालोगे। फिर तुमने स्वीकार किया और तुम उसके साक्षी हो।
Tafsir berbahasa Arab:
ثُمَّ أَنتُمۡ هَـٰٓؤُلَآءِ تَقۡتُلُونَ أَنفُسَكُمۡ وَتُخۡرِجُونَ فَرِيقٗا مِّنكُم مِّن دِيَٰرِهِمۡ تَظَٰهَرُونَ عَلَيۡهِم بِٱلۡإِثۡمِ وَٱلۡعُدۡوَٰنِ وَإِن يَأۡتُوكُمۡ أُسَٰرَىٰ تُفَٰدُوهُمۡ وَهُوَ مُحَرَّمٌ عَلَيۡكُمۡ إِخۡرَاجُهُمۡۚ أَفَتُؤۡمِنُونَ بِبَعۡضِ ٱلۡكِتَٰبِ وَتَكۡفُرُونَ بِبَعۡضٖۚ فَمَا جَزَآءُ مَن يَفۡعَلُ ذَٰلِكَ مِنكُمۡ إِلَّا خِزۡيٞ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَاۖ وَيَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ يُرَدُّونَ إِلَىٰٓ أَشَدِّ ٱلۡعَذَابِۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ
फिर[1] तुम वही हो, जो अपनों की हत्या कर रहे हो तथा अपनों में से एक गिरोह को उनके घरों से निकाल रहे हो और पाप तथा अत्याचार के साथ उनके विरुध्द सहायता करते हो और यदि वे बंदी होकर तुम्हारे पास आयें, तो उनका अर्थदण्ड चुकाते हो, जबकि उन्हें निकालना ही तुमपर ह़राम (अवैध) था, तो क्या तुम पुस्तक के कुछ भाग पर ईमान रखते हो और कुछ का इन्कार करते हो? फिर तुममें से जो ऐसा करते हों, तो उनका दण्ड क्या है, इसके सिवा कि सांसारिक जीवन में अपमान तथा प्रलय के दिन अति कड़ी यातना की ओर फेरे जायें? और अल्लाह तुम्हारे करतूतों से निश्चेत नहीं है!
1. मदीने में यहूदियों के तीन क़बीलों में बनी क़ैनुक़ाअ और बनी नज़ीर मदीने के अरब क़बीले ख़ज़रज के सहयोगी थे। और बनी क़ुरैज़ा औस क़बीले के सहयोगी थे। जब इन दोनों क़बीलों में युध्द होता तो यहूदी क़बीले अपने पक्ष के साथ दूसरे पक्ष के साथी यहूदी की हत्या करते। और उसे बे घर कर देते थे। और युध्द विराम के बाद पराजित पक्ष के बंदी यहूदी का अर्थदण्ड दे कर, ये कहते हुये मुक्त करा देते कि हमारी पुस्तक तौरात का यही आदेश है। इसी का वर्णन अल्लाह ने इस आयत में किया है। (तफ़्सीर इब्ने कसीर)
Tafsir berbahasa Arab:
أُوْلَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ ٱشۡتَرَوُاْ ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَا بِٱلۡأٓخِرَةِۖ فَلَا يُخَفَّفُ عَنۡهُمُ ٱلۡعَذَابُ وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ
उन्होंने ही आख़िरत (परलोक) के बदले सांसारिक जीवन ख़रीद लिया। अतः उनसे यातना मंद नहीं की जायेगी और न उनकी सहायता की जायेगी।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَقَدۡ ءَاتَيۡنَا مُوسَى ٱلۡكِتَٰبَ وَقَفَّيۡنَا مِنۢ بَعۡدِهِۦ بِٱلرُّسُلِۖ وَءَاتَيۡنَا عِيسَى ٱبۡنَ مَرۡيَمَ ٱلۡبَيِّنَٰتِ وَأَيَّدۡنَٰهُ بِرُوحِ ٱلۡقُدُسِۗ أَفَكُلَّمَا جَآءَكُمۡ رَسُولُۢ بِمَا لَا تَهۡوَىٰٓ أَنفُسُكُمُ ٱسۡتَكۡبَرۡتُمۡ فَفَرِيقٗا كَذَّبۡتُمۡ وَفَرِيقٗا تَقۡتُلُونَ
तथा हमने मूसा को पुस्तक (तौरात) प्रदान की और उसके पश्चात् निरन्तर रसूल भेजे और हमने मर्यम के पुत्र ईसा को खुली निशानियाँ दीं और रूह़ुल क़ुदुस[1] द्वारा उसे समर्थन दिया, तो क्या जब भी कोई रसूल तुम्हारी अपनी मनमानी के विरुध्द कोई बात तुम्हारे पास लेकर आया, तो तुम अकड़ गये, अतः कुछ नबियों को झुठला दिया और कुछ की हत्या करने लगे?
1. रूह़ुल क़ुदुस से अभिप्रेत फ़रिश्ता जिब्रील अलैहिस्सलाम हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالُواْ قُلُوبُنَا غُلۡفُۢۚ بَل لَّعَنَهُمُ ٱللَّهُ بِكُفۡرِهِمۡ فَقَلِيلٗا مَّا يُؤۡمِنُونَ
तथा उन्होंने कहा कि हमारे दिल तो बंद[1] हैं। बल्कि उनके कुफ़्र (इन्कार) के कारण अल्लाह ने उन्हें धिक्कार दिया है। इसीलिए उनमें से बहुत थोड़े ही ईमान लाते हैं।
1. अर्थात नबी की बातों का हमारे दिलों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता।
Tafsir berbahasa Arab:

وَلَمَّا جَآءَهُمۡ كِتَٰبٞ مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِ مُصَدِّقٞ لِّمَا مَعَهُمۡ وَكَانُواْ مِن قَبۡلُ يَسۡتَفۡتِحُونَ عَلَى ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ فَلَمَّا جَآءَهُم مَّا عَرَفُواْ كَفَرُواْ بِهِۦۚ فَلَعۡنَةُ ٱللَّهِ عَلَى ٱلۡكَٰفِرِينَ
और जब उनके पास अल्लाह की ओर से एक पुस्तक (क़ुर्आन) आ गयी, जो उनके साथ की पुस्तक का प्रमाणकारी है, जबकि इससे पूर्व वे स्वयं काफ़िरों पर विजय की प्रार्थना कर रहे थे, तो जब उनके पास वह चीज़ आ गयी, जिसे वे पहचान भी गये, फिर भी उसका इन्कार कर[1] दिया, तो काफ़िरों पर अल्लाह की धिक्कार है।
1. आयत का भावार्थ यह कि मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के इस पुस्तक (क़ुर्आन) के साथ आने से पहले वह काफ़िरों से युध्द करते थे, तो उन पर विजय की प्रार्थना करते और बड़ी व्याकुलता के साथ आप के आगमन की प्रतीक्षा कर रहे थे। जिस की भविष्यवाणि उन के नबियों ने की थी, और प्रार्थनायें किया करते थे कि आप शीघ्र आयें, ताकि काफ़िरों का प्रभुत्व समाप्त हो, और हमारे उत्थान के युग का शुभारंभ हो। परन्तु जब आप आ गये तो उन्हों ने आप के नबी होने का इन्कार कर दिया, क्यों कि आप बनी इस्राईल में नहीं पैदा हुये। फिर भी आप इब्राहीम अलैहिस्सलाम ही के पुत्र इस्माईल अलैहिस्सलाम के वंश से हैं, जैसे बनी इस्राईल उन के पुत्र इस्राईल की संतान हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
بِئۡسَمَا ٱشۡتَرَوۡاْ بِهِۦٓ أَنفُسَهُمۡ أَن يَكۡفُرُواْ بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ بَغۡيًا أَن يُنَزِّلَ ٱللَّهُ مِن فَضۡلِهِۦ عَلَىٰ مَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦۖ فَبَآءُو بِغَضَبٍ عَلَىٰ غَضَبٖۚ وَلِلۡكَٰفِرِينَ عَذَابٞ مُّهِينٞ
अल्लाह की उतारी हुई (पुस्तक)[1] का इन्कार करके बुरे बदले पर इन्होंने अपने प्राणों को बेच दिया, इस द्वेष के कारण कि अल्लाह ने अपना प्रदान (प्रकाशना), अपने जिस भक्त[1] पर चाहा, उतार दिया। अतः वे प्रकोप पर प्रकोप के अधिकारी बन गये और ऐसे काफ़िरों के लिए अपमानकारी यातना है।
1. अर्थात क़ुर्आन। 2. भक्त अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को नबी बना दिया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذَا قِيلَ لَهُمۡ ءَامِنُواْ بِمَآ أَنزَلَ ٱللَّهُ قَالُواْ نُؤۡمِنُ بِمَآ أُنزِلَ عَلَيۡنَا وَيَكۡفُرُونَ بِمَا وَرَآءَهُۥ وَهُوَ ٱلۡحَقُّ مُصَدِّقٗا لِّمَا مَعَهُمۡۗ قُلۡ فَلِمَ تَقۡتُلُونَ أَنۢبِيَآءَ ٱللَّهِ مِن قَبۡلُ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ
और जब उनसे कहा जाता है कि अल्लाह ने जो उतारा[1] है, उसपर ईमन लाओ, तो कहते हैं: हम तो उसीपर ईमान रखते हैं, जो हमपर उतरा है और इसके सिवा जो कुछ है, उसका इन्कार करते हैं। जबकि वह सत्य है और उसका प्रमाण्कारी है, जो उनके पास है। कहो कि फिर इससे पूर्व अल्लाह के नबियों की हत्या क्यों करते थे, यदि तुम ईमान वाले थे तो?
1. अर्थात क़ुर्आन पर।
Tafsir berbahasa Arab:
۞وَلَقَدۡ جَآءَكُم مُّوسَىٰ بِٱلۡبَيِّنَٰتِ ثُمَّ ٱتَّخَذۡتُمُ ٱلۡعِجۡلَ مِنۢ بَعۡدِهِۦ وَأَنتُمۡ ظَٰلِمُونَ
तथा मूसा तुम्हारे पास खुली निशानियाँ लेकर आये। फिर तुमने अत्याचार करते हुए बछड़े को पूज्य बना लिया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ أَخَذۡنَا مِيثَٰقَكُمۡ وَرَفَعۡنَا فَوۡقَكُمُ ٱلطُّورَ خُذُواْ مَآ ءَاتَيۡنَٰكُم بِقُوَّةٖ وَٱسۡمَعُواْۖ قَالُواْ سَمِعۡنَا وَعَصَيۡنَا وَأُشۡرِبُواْ فِي قُلُوبِهِمُ ٱلۡعِجۡلَ بِكُفۡرِهِمۡۚ قُلۡ بِئۡسَمَا يَأۡمُرُكُم بِهِۦٓ إِيمَٰنُكُمۡ إِن كُنتُم مُّؤۡمِنِينَ
फिर उस दृढ़ वचन को याद करो, जो हमने तुम्हारे ऊपर तूर (पर्वत) को उठाकर लिया। (हमने कहाः) पकड़ लो, जो हमने दिया है तुम्हें दृढ़ता से और सुनो। तो उन्होंने कहाः हमने सुना और अवज्ञा की। और उनके दिलों में बछड़े का प्रेम पिला दिया गया, उनकी अवज्ञा के कारण। (हे नबी!) आप कह दीजियेः बुरा है वह जिसका आदेश दे रहा है तुम्हें तुम्हारा ईमान, यदि तुम ईमान वाले हो।
Tafsir berbahasa Arab:

قُلۡ إِن كَانَتۡ لَكُمُ ٱلدَّارُ ٱلۡأٓخِرَةُ عِندَ ٱللَّهِ خَالِصَةٗ مِّن دُونِ ٱلنَّاسِ فَتَمَنَّوُاْ ٱلۡمَوۡتَ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
(हे नबी!) आप कह दीजियेः यदि तुम्हारे लिये विशेष है परलोक का घर सारे लोगों को छोड़कर, तो तुम कामना करो मौत की, यदि तुम सत्यवादी हो।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَن يَتَمَنَّوۡهُ أَبَدَۢا بِمَا قَدَّمَتۡ أَيۡدِيهِمۡۚ وَٱللَّهُ عَلِيمُۢ بِٱلظَّـٰلِمِينَ
और वे कदापि उसकी कामना नहीं करेंगे, उनके कर्तूतों के कारण और अल्लाह अत्याचारियों से अधिक सूचित है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَتَجِدَنَّهُمۡ أَحۡرَصَ ٱلنَّاسِ عَلَىٰ حَيَوٰةٖ وَمِنَ ٱلَّذِينَ أَشۡرَكُواْۚ يَوَدُّ أَحَدُهُمۡ لَوۡ يُعَمَّرُ أَلۡفَ سَنَةٖ وَمَا هُوَ بِمُزَحۡزِحِهِۦ مِنَ ٱلۡعَذَابِ أَن يُعَمَّرَۗ وَٱللَّهُ بَصِيرُۢ بِمَا يَعۡمَلُونَ
तुम इन्हें, सबसे बढ़कर जीने का लोभी पाओगे और मिश्रणवादियों से (भी)। इनमें से प्रत्येक व्यक्ति चाहता है कि उसे एक-एक हज़ार वर्ष की आयु मिल जाये। ह़ालाँकि ये (लम्बी) आयु भी उसे यातना से बचा नहीं सकती और अल्लाह देखने वाला है जो वे कर रहे हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
قُلۡ مَن كَانَ عَدُوّٗا لِّـجِبۡرِيلَ فَإِنَّهُۥ نَزَّلَهُۥ عَلَىٰ قَلۡبِكَ بِإِذۡنِ ٱللَّهِ مُصَدِّقٗا لِّمَا بَيۡنَ يَدَيۡهِ وَهُدٗى وَبُشۡرَىٰ لِلۡمُؤۡمِنِينَ
(हे नबी!)[1] कह दो कि जो व्यक्ति जिब्रील का शत्रु है, (तो रहे)। उसने तो अल्लाह की अनुमति से इस संदेश (क़ुर्आन) को आपके दिल पर उतारा है, जो इससे पूर्व की सभी पुस्तकों का प्रमाणकारी तथा ईमान वालों के लिए मार्गदर्शन एवं (सफलता) का शुभ समाचार है।
1. यहूदी केवल रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और आप के अनुयायियों ही को बुरा नहीं कहते थे, वे अल्लाह के फ़रिश्ते जिब्रील को भी गालियाँ देते थे कि वह दया का नहीं, प्रकोप का फ़रिश्ता है। और कहते थे कि हमारा मित्र मीकाईल है।
Tafsir berbahasa Arab:
مَن كَانَ عَدُوّٗا لِّلَّهِ وَمَلَـٰٓئِكَتِهِۦ وَرُسُلِهِۦ وَجِبۡرِيلَ وَمِيكَىٰلَ فَإِنَّ ٱللَّهَ عَدُوّٞ لِّلۡكَٰفِرِينَ
जो अल्लाह तथा उसके फ़रिश्तों और उसके रसूलों और जिब्रील तथा मीकाईल का शत्रु हो, तो अल्लाह (उन) काफ़िरों का शत्रु है।[1]
1. आयत का भावार्थ यह है कि जिस ने अल्लाह के किसी रसूल -चाहे वह फ़रिश्ता हो या इंसान- से बैर रखा, तो वह सभी रसूलों का शत्रु तथा कुकर्मी है। (इब्ने कसीर)
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَقَدۡ أَنزَلۡنَآ إِلَيۡكَ ءَايَٰتِۭ بَيِّنَٰتٖۖ وَمَا يَكۡفُرُ بِهَآ إِلَّا ٱلۡفَٰسِقُونَ
और (हे नबी!) हमने आप पर खुली आयतें उतारी हैं और इनका इन्कार केवल वही लोग[1] करेंगे, जो कुकर्मी हैं।
1. इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा कहते हैं कि यहूदियों के विद्वान इब्ने सूरिया ने कहाः हे मुह़म्मद! (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) आप हमारे पास कोई ऐसी चीज़ नहीं लाये जिसे हम पहचानते हों, और न आप पर कोई खुली आयत उतारी गई कि हम आप का अनुसरण करें। इस पर यह आयत उतरी। (इब्ने जरीर)
Tafsir berbahasa Arab:
أَوَكُلَّمَا عَٰهَدُواْ عَهۡدٗا نَّبَذَهُۥ فَرِيقٞ مِّنۡهُمۚ بَلۡ أَكۡثَرُهُمۡ لَا يُؤۡمِنُونَ
क्या ऐसा नहीं हुआ है कि जब कभी उन्होंने कोई वचन दिया, तो उनके एक गिरोह ने उसे भंग कर दिया? बल्कि इनमें बहुतेरे ऐसे हैं, जो ईमान नहीं रखते।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَمَّا جَآءَهُمۡ رَسُولٞ مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِ مُصَدِّقٞ لِّمَا مَعَهُمۡ نَبَذَ فَرِيقٞ مِّنَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ كِتَٰبَ ٱللَّهِ وَرَآءَ ظُهُورِهِمۡ كَأَنَّهُمۡ لَا يَعۡلَمُونَ
तथा जब उनके पास अल्लाह की ओर से एक रसूल, उस पुस्तक का समर्थन करते हुए, जो उनके पास है, आ गया,[1] तो उनके एक समुदाय ने जिनहें पुस्तक दी गयी, अल्लाह की पुस्तक को ऐसे पीछे डाल दिया, जैसे वे कुछ जानते ही न हों।
1. अर्थात मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम क़ुर्आन के साथ आ गये।
Tafsir berbahasa Arab:

وَٱتَّبَعُواْ مَا تَتۡلُواْ ٱلشَّيَٰطِينُ عَلَىٰ مُلۡكِ سُلَيۡمَٰنَۖ وَمَا كَفَرَ سُلَيۡمَٰنُ وَلَٰكِنَّ ٱلشَّيَٰطِينَ كَفَرُواْ يُعَلِّمُونَ ٱلنَّاسَ ٱلسِّحۡرَ وَمَآ أُنزِلَ عَلَى ٱلۡمَلَكَيۡنِ بِبَابِلَ هَٰرُوتَ وَمَٰرُوتَۚ وَمَا يُعَلِّمَانِ مِنۡ أَحَدٍ حَتَّىٰ يَقُولَآ إِنَّمَا نَحۡنُ فِتۡنَةٞ فَلَا تَكۡفُرۡۖ فَيَتَعَلَّمُونَ مِنۡهُمَا مَا يُفَرِّقُونَ بِهِۦ بَيۡنَ ٱلۡمَرۡءِ وَزَوۡجِهِۦۚ وَمَا هُم بِضَآرِّينَ بِهِۦ مِنۡ أَحَدٍ إِلَّا بِإِذۡنِ ٱللَّهِۚ وَيَتَعَلَّمُونَ مَا يَضُرُّهُمۡ وَلَا يَنفَعُهُمۡۚ وَلَقَدۡ عَلِمُواْ لَمَنِ ٱشۡتَرَىٰهُ مَا لَهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ مِنۡ خَلَٰقٖۚ وَلَبِئۡسَ مَا شَرَوۡاْ بِهِۦٓ أَنفُسَهُمۡۚ لَوۡ كَانُواْ يَعۡلَمُونَ
तथा सुलैमान के राज्य में शैतान जो मिथ्या बातें बना रहे थे, उनका अनुसरण करने लगे। जबकि सुलैमान ने कभी कुफ़्र (जादू) नहीं किया, परन्तु कुफ़्र तो शैतानों ने किया, जो लोगों को जादू सिखा रहे थे तथा वे उन बातों का (अनुसरण करने लगे) जो बाबिल (नगर) के दो फ़रिश्तों; हारूत और मारूत पर उतारी गयीं, जबकि वे दोनों किसी को जादू नहीं सिखाते, जब तक ये न कह देते कि हम केवल एक परीक्षा हैं, अतः, तू कुफ़्र में न पड़। फिर भी वे उन दोनों से वो चीज़ सीखते, जिसके द्वारा वे पति और पत्नी के बीच जुदाई डाल दें और वे अल्लाह की अनुमति बिना इसके द्वारा किसी को कोई हानि नहीं पहुँचा सकते थे, परन्तु फिर भी ऐसी बातें सीखते थे, जो उनके लिए हानिकारक हों और लाभकारी न हों और वे भली-भाँति जानते थे कि जो इसका ख़रीदार बना, परलोक में उसका कोई भाग नहीं तथा कितना बुरा उपभोग्य है, जिसके बदले वे अपने प्राणों का सौदा कर रहे हैं[1], यदि वे जानते होते!
1. इस आयत का दूसरा अर्थ यह भी किया गया है कि सुलैमान ने कुफ़्र नहीं किया, परन्तु शैतानों ने कुफ़्र किया, वह मानव को जादू सिखाते थे। और न दो फ़रिशतों पर जादू उतारा गया, उन शैतानों या मानव में से हारूत तथा मारूत जादू सिखाते थे। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी) ।जिस ने प्रथम अनुवाद किया है, उस का यह विचार है कि मानव के रूप में दो फ़रिश्तों को उन की परीक्षा के लिये भेजा गया था। सुलैमान अलैहिस्सलाम एक नबी और राजा हुये हैं। आप दावूद अलैहिस्सलाम के पुत्र थे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَوۡ أَنَّهُمۡ ءَامَنُواْ وَٱتَّقَوۡاْ لَمَثُوبَةٞ مِّنۡ عِندِ ٱللَّهِ خَيۡرٞۚ لَّوۡ كَانُواْ يَعۡلَمُونَ
और यदि वे ईमान लाते और अल्लाह से डरते, तो अल्लाह के पास इसका जो प्रतिकार (बदला) मिलता, वह उनके लिए उत्तम होता, यदि वे जानते होते।
Tafsir berbahasa Arab:
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ لَا تَقُولُواْ رَٰعِنَا وَقُولُواْ ٱنظُرۡنَا وَٱسۡمَعُواْۗ وَلِلۡكَٰفِرِينَ عَذَابٌ أَلِيمٞ
हे ईमान वालो! तुम 'राइना'[1] न कहो, 'उन्ज़ुरना' कहो और ध्यान से बात सुनो तथा काफ़िरों के लिए दुखदायी यातना है।
1. इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु अन्हुमा कहते हैं कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सभा में यहूदी भी आ जाते थे। और मुसलमानों को आप से कोई बात समझनी होती तो "राइना" कहते, अर्थात हम पर ध्यान दीजिये, या हमारी बात सुनिये। इब्रानी भाषा में इस का बुरा अर्थ भी निकलता था, जिस से यहूही प्रसन्न होते थे, इस लिये मुसलमानों को आदेश दिया गया कि इस के स्थान पर तुम "उन्ज़ुरना" कहा करो। अर्थात हमारी ओर देखिये। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)
Tafsir berbahasa Arab:
مَّا يَوَدُّ ٱلَّذِينَ كَفَرُواْ مِنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ وَلَا ٱلۡمُشۡرِكِينَ أَن يُنَزَّلَ عَلَيۡكُم مِّنۡ خَيۡرٖ مِّن رَّبِّكُمۡۚ وَٱللَّهُ يَخۡتَصُّ بِرَحۡمَتِهِۦ مَن يَشَآءُۚ وَٱللَّهُ ذُو ٱلۡفَضۡلِ ٱلۡعَظِيمِ
अह्ले किताब में से जो काफ़िर हो गये तथा जो मिश्रणवादी हो गये, वे नहीं चाहते कि तुम्हारे पालनहार की ओर से तुमपर कोई भलाई उतारी जाये और अल्लाह जिसपर चाहे, अपनी विशेष दया करता है और अल्लाह बड़ा दानशील है।
Tafsir berbahasa Arab:

۞مَا نَنسَخۡ مِنۡ ءَايَةٍ أَوۡ نُنسِهَا نَأۡتِ بِخَيۡرٖ مِّنۡهَآ أَوۡ مِثۡلِهَآۗ أَلَمۡ تَعۡلَمۡ أَنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ
हम अपनी कोई आयत निरस्त कर देते अथवा भुला देते हैं, तो उससे उत्तम अथवा उसके समान लाते हैं। क्या तुम नहीं जानते कि अल्लाह जो चाहे[1], कर सकता है?
1. इस आयत में यहूदियों के तौरात के आदेशों के निरस्त किये जाने तथा ईसा अलैहिस्सलाम और मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की नुबुव्वत के इन्कार का खण्डन किया गया है।
Tafsir berbahasa Arab:
أَلَمۡ تَعۡلَمۡ أَنَّ ٱللَّهَ لَهُۥ مُلۡكُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۗ وَمَا لَكُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ مِن وَلِيّٖ وَلَا نَصِيرٍ
क्या तुम ये नहीं जानते कि आकाशों तथा धरती का राज्य अल्लाह ही के लिए है और उसके सिवा तुम्हारा कोई रक्षक और सहायक नहीं है?
Tafsir berbahasa Arab:
أَمۡ تُرِيدُونَ أَن تَسۡـَٔلُواْ رَسُولَكُمۡ كَمَا سُئِلَ مُوسَىٰ مِن قَبۡلُۗ وَمَن يَتَبَدَّلِ ٱلۡكُفۡرَ بِٱلۡإِيمَٰنِ فَقَدۡ ضَلَّ سَوَآءَ ٱلسَّبِيلِ
क्या तुम चाहते हो कि अपने रसुल से उसी प्रकार प्रश्न करो, जैसे मूसा से प्रश्न किये जाते रहे? और जो व्यक्ति ईमान की नीति को कुफ़्र से बदल लेगा, तो वह सीधी डगर से विचलित हो गया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَدَّ كَثِيرٞ مِّنۡ أَهۡلِ ٱلۡكِتَٰبِ لَوۡ يَرُدُّونَكُم مِّنۢ بَعۡدِ إِيمَٰنِكُمۡ كُفَّارًا حَسَدٗا مِّنۡ عِندِ أَنفُسِهِم مِّنۢ بَعۡدِ مَا تَبَيَّنَ لَهُمُ ٱلۡحَقُّۖ فَٱعۡفُواْ وَٱصۡفَحُواْ حَتَّىٰ يَأۡتِيَ ٱللَّهُ بِأَمۡرِهِۦٓۗ إِنَّ ٱللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٞ
अहले किताब में से बहुत-से चाहते हैं कि तुम्हारे ईमान लाने के पश्चात् अपने द्वेष के कारण तुम्हें कुफ़्र की ओर फेंक दें। जबकि सत्य उनके लिए उजागर हो गया। फिर भी तुम क्षमा से काम लो और जाने दो। यहाँ तक कि अल्लाह अपना निर्णय कर दे। निश्चय अल्लाह जो चाहे, कर सकता है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَأَقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَءَاتُواْ ٱلزَّكَوٰةَۚ وَمَا تُقَدِّمُواْ لِأَنفُسِكُم مِّنۡ خَيۡرٖ تَجِدُوهُ عِندَ ٱللَّهِۗ إِنَّ ٱللَّهَ بِمَا تَعۡمَلُونَ بَصِيرٞ
तथा तुम नमाज़ की स्थापना करो और ज़कात दो और जो भी भलाई अपने लिए किये रहोगे, उसे अल्लाह के यहाँ पाओगे। तुम जो कुछ कर रहे हो, अल्लाह उसे देख रहा है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالُواْ لَن يَدۡخُلَ ٱلۡجَنَّةَ إِلَّا مَن كَانَ هُودًا أَوۡ نَصَٰرَىٰۗ تِلۡكَ أَمَانِيُّهُمۡۗ قُلۡ هَاتُواْ بُرۡهَٰنَكُمۡ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
तथा उन्होंने कहा कि कोई स्वर्ग में कदापि नहीं जायेगा, जब तक यहूदी अथवा नसारा[1] (ईसाई) न हो। ये उनकी कामनायें हैं। उनसे कहो कि यदि तुम सत्यवादी हो, तो कोई प्रमाण प्रस्तुत करो।
1. अर्थात यहूदियों ने कहा कि केवल यहूदी जायेंगे और ईसाईयों ने कहा कि केवल ईसाई जायेंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
بَلَىٰۚ مَنۡ أَسۡلَمَ وَجۡهَهُۥ لِلَّهِ وَهُوَ مُحۡسِنٞ فَلَهُۥٓ أَجۡرُهُۥ عِندَ رَبِّهِۦ وَلَا خَوۡفٌ عَلَيۡهِمۡ وَلَا هُمۡ يَحۡزَنُونَ
क्यों नहीं?[1] जो भी स्वयं को अल्लाह की आज्ञा पालन के लिए समर्पित कर देगा तथा सदाचारी होगा, तो उसके पालनहार के पास उसका प्रतिफल है और उनपर कोई भय नहीं होगा और न वे उदासीन होंगे।
1. स्वर्ग में प्रवेश का साधारण नियम अर्थात मुक्ति एकेश्वरवाद तथा सदाचार पर आधारित है, किसी जाति अथवा गिरोह पर नहीं।
Tafsir berbahasa Arab:

وَقَالَتِ ٱلۡيَهُودُ لَيۡسَتِ ٱلنَّصَٰرَىٰ عَلَىٰ شَيۡءٖ وَقَالَتِ ٱلنَّصَٰرَىٰ لَيۡسَتِ ٱلۡيَهُودُ عَلَىٰ شَيۡءٖ وَهُمۡ يَتۡلُونَ ٱلۡكِتَٰبَۗ كَذَٰلِكَ قَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَعۡلَمُونَ مِثۡلَ قَوۡلِهِمۡۚ فَٱللَّهُ يَحۡكُمُ بَيۡنَهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ فِيمَا كَانُواْ فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ
तथा यहूदियों ने कहा कि ईसाईयों के पास कुछ नहीं और ईसाईयों ने कहा कि यहूदियों के पास कुछ नहीं है। जबकि वे धर्म पुस्तक[1] पढ़ते हैं। इसी जैसी बात उन्होंने भी कही, जिनके पास धर्म पुस्तक का कोई ज्ञान[2] नहीं। ये जिस विषय में विभेद कर रहे हैं, उसका निर्णय अल्लाह प्रलय के दिन उनके बीच कर देगा।
1. अर्थात तौरात तथा इंजील जिस में सब नबियों पर ईमान लाने का आदेश दिया गया है। 2. धर्म पुस्तक से अज्ञान अरब थे, जो यह कहते थे कि मुह़म्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास कुछ नहीं है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّن مَّنَعَ مَسَٰجِدَ ٱللَّهِ أَن يُذۡكَرَ فِيهَا ٱسۡمُهُۥ وَسَعَىٰ فِي خَرَابِهَآۚ أُوْلَـٰٓئِكَ مَا كَانَ لَهُمۡ أَن يَدۡخُلُوهَآ إِلَّا خَآئِفِينَۚ لَهُمۡ فِي ٱلدُّنۡيَا خِزۡيٞ وَلَهُمۡ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ عَذَابٌ عَظِيمٞ
और उससे बड़ा अत्याचारी कौन होगा, जो अल्लाह की मस्जिदों में उसके नाम का वर्णन करने से रोके और उन्हें उजाड़ने का प्रयत्न करे?[1] उन्हीं के लिए योग्य है कि उसमें डरते हुए प्रवेश करें, उन्हीं के लिए संसार में अपमान है और उन्हीं के लिए आख़िरत (परलोक) में घोर यातना है।
1. जैसे मक्का वासियों ने आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और आप के साथियों को सन् 6 हिजरी में काबा में आने से रोक दिया। या ईसाईयों ने बैतुल मुक़द्दस् को ढाने में बुख़्त नस्सर (राजा) की सहायता की।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلِلَّهِ ٱلۡمَشۡرِقُ وَٱلۡمَغۡرِبُۚ فَأَيۡنَمَا تُوَلُّواْ فَثَمَّ وَجۡهُ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ وَٰسِعٌ عَلِيمٞ
तथा पूर्व और पश्चिम अल्लाह ही के हैं; तुम जिधर भी मुख करो[1], उधर ही अल्लाह का मुख है और अल्लाह विशाल अति ज्ञानी है।
1. अर्थात अल्लाह के आदेशानुसार तुम जिधर भी रुख करोगे, तुम्हें अल्लाह की प्रसन्नता प्राप्त होगी।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالُواْ ٱتَّخَذَ ٱللَّهُ وَلَدٗاۗ سُبۡحَٰنَهُۥۖ بَل لَّهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ كُلّٞ لَّهُۥ قَٰنِتُونَ
तथा उन्होंने कहा[1] कि अल्लाह ने कोई संतान बना ली। वह इससे पवित्र है। आकाशों तथा धरती में जो भी है, वह उसी का है और सब उसी के आज्ञाकारी हैं।
1. अर्थात यहूद और नसारा तथा मिश्रणवादियों ने।
Tafsir berbahasa Arab:
بَدِيعُ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۖ وَإِذَا قَضَىٰٓ أَمۡرٗا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُۥ كُن فَيَكُونُ
वह आकाशों तथा धरती का अविष्कारक है। जब वह किसी बात का निर्णय कर लेता है, तो उसके लिए बस ये आदेश देता है कि "हो जा।" और वह हो जाती है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَقَالَ ٱلَّذِينَ لَا يَعۡلَمُونَ لَوۡلَا يُكَلِّمُنَا ٱللَّهُ أَوۡ تَأۡتِينَآ ءَايَةٞۗ كَذَٰلِكَ قَالَ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِم مِّثۡلَ قَوۡلِهِمۡۘ تَشَٰبَهَتۡ قُلُوبُهُمۡۗ قَدۡ بَيَّنَّا ٱلۡأٓيَٰتِ لِقَوۡمٖ يُوقِنُونَ
तथा उन्होंने कहा जो ज्ञान[1] नहीं रखते कि अल्लाह हमसे बात क्यों नहीं करता या हमारे पास कोई आयत क्यों नहीं आती? इसी प्रकार की बात इनसे पूर्व के लोगों ने कही थी। इनके दिल एक समान हो गये। हमने उनके लिए निशानियाँ उजागर कर दी हैं, जो विश्वास रखते हैं।
1. अर्थात अरब के मिश्रणवादियों ने।
Tafsir berbahasa Arab:
إِنَّآ أَرۡسَلۡنَٰكَ بِٱلۡحَقِّ بَشِيرٗا وَنَذِيرٗاۖ وَلَا تُسۡـَٔلُ عَنۡ أَصۡحَٰبِ ٱلۡجَحِيمِ
(हे नबी!) हमने आपको सत्य के साथ शुभ सूचना देने तथा सावधान[1] करने वाला बनाकर भेजा है और आपसे नारकियों के विषय में प्रश्न नहीं किया जायेगा।
1. अर्थात सत्य ज्ञान के अनुपालन पर स्वर्ग की सूचना देने, तथा इन्कार पर नरक से सावधान करने के लिये। इस के पश्चात् भी कोई न माने तो आप उस के उत्तरदायी नहीं हैं।
Tafsir berbahasa Arab:

وَلَن تَرۡضَىٰ عَنكَ ٱلۡيَهُودُ وَلَا ٱلنَّصَٰرَىٰ حَتَّىٰ تَتَّبِعَ مِلَّتَهُمۡۗ قُلۡ إِنَّ هُدَى ٱللَّهِ هُوَ ٱلۡهُدَىٰۗ وَلَئِنِ ٱتَّبَعۡتَ أَهۡوَآءَهُم بَعۡدَ ٱلَّذِي جَآءَكَ مِنَ ٱلۡعِلۡمِ مَا لَكَ مِنَ ٱللَّهِ مِن وَلِيّٖ وَلَا نَصِيرٍ
(हे नबी!) आपसे यहूदी तथा ईसाई सहमत (प्रसन्न) नहीं होंगे, जब तक आप उनकी रीति पर न चलें। कह दो कि सीधी डगर वही है, जो अल्लाह ने बताई है और यदि आपने उनकी आकांक्षाओं का अनुसरण किया, इसके पश्चात कि आपके पास ज्ञान आ गया, तो अल्लाह (की पकड़) से आपका कोई रक्षक और सहायक नहीं होगा।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱلَّذِينَ ءَاتَيۡنَٰهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ يَتۡلُونَهُۥ حَقَّ تِلَاوَتِهِۦٓ أُوْلَـٰٓئِكَ يُؤۡمِنُونَ بِهِۦۗ وَمَن يَكۡفُرۡ بِهِۦ فَأُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡخَٰسِرُونَ
और हमने जिन्हें पुस्तक प्रदान की है और उसे वैसे पढ़ते हैं, जैसे पढ़ना चाहिये, वही उसपर ईमान रखते हैं और जो उसे नकारते हैं, वही क्षतिग्रस्तों में से हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
يَٰبَنِيٓ إِسۡرَـٰٓءِيلَ ٱذۡكُرُواْ نِعۡمَتِيَ ٱلَّتِيٓ أَنۡعَمۡتُ عَلَيۡكُمۡ وَأَنِّي فَضَّلۡتُكُمۡ عَلَى ٱلۡعَٰلَمِينَ
हे बनी इस्राईल! मेरे उस पुरस्कार को याद करो, जो मैंने तुमपर किया है और ये कि तुम्हें (अपने युग के) संसार-वसियों पर प्रधानता दी थी।
Tafsir berbahasa Arab:
وَٱتَّقُواْ يَوۡمٗا لَّا تَجۡزِي نَفۡسٌ عَن نَّفۡسٖ شَيۡـٔٗا وَلَا يُقۡبَلُ مِنۡهَا عَدۡلٞ وَلَا تَنفَعُهَا شَفَٰعَةٞ وَلَا هُمۡ يُنصَرُونَ
तथा उस दिन से डरो, जब कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति के कुछ काम नहीं आयेगा और न उससे कोई अर्थदण्ड स्वीकार किया जायेगा और न उसे कोई अनुशंसा (सिफ़ारिश) लाभ पहुँचायेगी और न उनकी कोई सहायता की जायेगी।
Tafsir berbahasa Arab:
۞وَإِذِ ٱبۡتَلَىٰٓ إِبۡرَٰهِـۧمَ رَبُّهُۥ بِكَلِمَٰتٖ فَأَتَمَّهُنَّۖ قَالَ إِنِّي جَاعِلُكَ لِلنَّاسِ إِمَامٗاۖ قَالَ وَمِن ذُرِّيَّتِيۖ قَالَ لَا يَنَالُ عَهۡدِي ٱلظَّـٰلِمِينَ
और (याद करो) जब इब्राहीम की उसके पालनहार ने कुछ बातों से परीक्षा ली और वह उसमें पूरा उतरा, तो उसने कहा कि मैं तुम्हें सब इन्सानों का इमाम (धर्मगुरु) बनाने वाला हूँ। (इब्राहीम ने) कहाः तथा मेरी संतान से भी। (अल्लाह ने कहाः) मेरा वचन उनके लिए नहीं, जो अत्याचारी[1] हैं।
1. आयत में अत्याचार से अभिप्रेत केवल मानव पर अत्याचार नहीं, बल्कि सत्य को नकारना तथा शिर्क करना भी अत्याचार में सम्मिलित है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ جَعَلۡنَا ٱلۡبَيۡتَ مَثَابَةٗ لِّلنَّاسِ وَأَمۡنٗا وَٱتَّخِذُواْ مِن مَّقَامِ إِبۡرَٰهِـۧمَ مُصَلّٗىۖ وَعَهِدۡنَآ إِلَىٰٓ إِبۡرَٰهِـۧمَ وَإِسۡمَٰعِيلَ أَن طَهِّرَا بَيۡتِيَ لِلطَّآئِفِينَ وَٱلۡعَٰكِفِينَ وَٱلرُّكَّعِ ٱلسُّجُودِ
और (याद करो) जब हमने इस घर (अर्थातःकाबा) को लोगों के लिए बार-बार आने का केंद्र तथा शांति स्थल निर्धारित कर दिया तथा ये आदेश दे दिया कि 'मक़ामे इब्राहीम' को नमाज़ का स्थान[1] बना लो तथा इब्राहीम और इस्माईल को आदेश दिया कि मेरे घर को तवाफ़ (परिक्रमा) तथा एतिकाफ़[2] करने वालों और सज्दा तथा रुकू करने वालों के लिए पवित्र रखो।
1. "मक़ामे इब्राहीम" से तात्पर्य वह पत्थर है, जिस पर खड़े हो कर उन्हों ने काबा का निर्माण किया। जिस पर उन के पदचिन्ह आज भी सुरक्षित हैं। तथा तवाफ़ के पश्चात् वहाँ दो रकअत नमाज़ पढ़नी सुन्नत है। 2. "एतिकाफ़" का अर्थ किसी मस्जिद में एकांत में हो कर अल्लाह की इबादत करना है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَإِذۡ قَالَ إِبۡرَٰهِـۧمُ رَبِّ ٱجۡعَلۡ هَٰذَا بَلَدًا ءَامِنٗا وَٱرۡزُقۡ أَهۡلَهُۥ مِنَ ٱلثَّمَرَٰتِ مَنۡ ءَامَنَ مِنۡهُم بِٱللَّهِ وَٱلۡيَوۡمِ ٱلۡأٓخِرِۚ قَالَ وَمَن كَفَرَ فَأُمَتِّعُهُۥ قَلِيلٗا ثُمَّ أَضۡطَرُّهُۥٓ إِلَىٰ عَذَابِ ٱلنَّارِۖ وَبِئۡسَ ٱلۡمَصِيرُ
और (याद करो) जब इब्राहीम ने अपने पालनहार से प्रार्थना कीः हे मेरे पालनहार! इस छेत्र को शांति का नगर बना दे तथा इसके वासियों को, जो उनमें से अल्लाह और अंतिम दिन (प्रलय) पर ईमान रखे, विभिन्न प्रकार की उपज (फलों) से आजीविका प्रदान कर। (अल्लाह ने) कहाः तथा जो काफ़िर है, उसे भी मैं थोड़ा लाभ दूंगा, फिर उसे नरक की यातना की ओर बाध्य कर दूँगा और वह बहुत बुरा स्थान है।
Tafsir berbahasa Arab:

وَإِذۡ يَرۡفَعُ إِبۡرَٰهِـۧمُ ٱلۡقَوَاعِدَ مِنَ ٱلۡبَيۡتِ وَإِسۡمَٰعِيلُ رَبَّنَا تَقَبَّلۡ مِنَّآۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ
और (याद करो) जब इब्राहीम और इस्माईल इस घर की नींव ऊँची कर रहे थे तथा प्रार्थना कर रहे थेः हे हमारे पालनहार! हमसे ये सेवा स्वीकार कर ले। तू ही सब कुछ सुनता और जानता है।
Tafsir berbahasa Arab:
رَبَّنَا وَٱجۡعَلۡنَا مُسۡلِمَيۡنِ لَكَ وَمِن ذُرِّيَّتِنَآ أُمَّةٗ مُّسۡلِمَةٗ لَّكَ وَأَرِنَا مَنَاسِكَنَا وَتُبۡ عَلَيۡنَآۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلتَّوَّابُ ٱلرَّحِيمُ
हे हमारे पालनहार! हम दोनों को अपना आज्ञाकारी बना तथा हमारी संतान से एक ऐसा समुदाय बना दे, जो तेरा आज्ञाकारी हो और हमें हमारे (हज्ज की) विधियाँ बता दे तथा हमें क्षमा कर। वास्तव में, तू अति क्षमी, दयावान् है।
Tafsir berbahasa Arab:
رَبَّنَا وَٱبۡعَثۡ فِيهِمۡ رَسُولٗا مِّنۡهُمۡ يَتۡلُواْ عَلَيۡهِمۡ ءَايَٰتِكَ وَيُعَلِّمُهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ وَٱلۡحِكۡمَةَ وَيُزَكِّيهِمۡۖ إِنَّكَ أَنتَ ٱلۡعَزِيزُ ٱلۡحَكِيمُ
हे हमारे पालनहार! उनके बीच उन्हीं में से एक रसूल भेज, जो उन्हें तेरी आयतें सुनाये और उन्हें पुस्तक (क़ुर्आन) तथा ह़िक्मत (सुन्नत) की शिक्षा दे और उन्हें शुध्द तथा आज्ञाकारी बना दे। वास्तव में, तू ही प्रभुत्वशाली तत्वज्ञ[1] है।
1. यह इब्राहीम तथा इस्माईल अलैहिमस्सलाम की प्रार्थना का अंत है। एकरसूल से अभिप्रेत मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं। क्यों कि इस्माईल अलैहिस्सलाम की संतान में आप के सिवा कोई दूसरा रसूल नहीं हुआ। ह़दीस में है कि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमायाः मैं अपने पिता इब्राहीम की प्रार्थना, ईसा की शुभ सूचना, तथा अपनी माता का स्वप्न हूँ। आप की माता आमिना ने गर्भ अवस्था में एक स्वप्न देखा कि मुझ से एक प्रकाश निकला, जिस से शाम (देश) के भवन प्रकाशमान हो गये। (देखियेः ह़ाकिमः2600) इस को उन्हों ने सह़ीह़ कहा है। और इमान ज़हबी ने इस की पुष्टि की है।
Tafsir berbahasa Arab:
وَمَن يَرۡغَبُ عَن مِّلَّةِ إِبۡرَٰهِـۧمَ إِلَّا مَن سَفِهَ نَفۡسَهُۥۚ وَلَقَدِ ٱصۡطَفَيۡنَٰهُ فِي ٱلدُّنۡيَاۖ وَإِنَّهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ
तथा कौन होगा, जो ईब्राहीम के धर्म से विमुख हो जाये, परन्तु वही जो स्वयं को मूर्ख बना ले? जबकि हमने उसे संसार में चुन[1] लिया तथा आख़िरत (परलोक) में उसकी गणना सदाचारियों में होगी।
1. अर्थात मार्गदर्शन देने तथा नबी बनाने के लिये निर्वाचित कर लिया।
Tafsir berbahasa Arab:
إِذۡ قَالَ لَهُۥ رَبُّهُۥٓ أَسۡلِمۡۖ قَالَ أَسۡلَمۡتُ لِرَبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
तथा (याद करो) जब उसके पालनहार ने उससे कहाः मेरा आज्ञाकारी हो जा। तो उसने तुरन्त कहाः मैं विश्व के पालनहार का आज्ञाकारी हो गया।
Tafsir berbahasa Arab:
وَوَصَّىٰ بِهَآ إِبۡرَٰهِـۧمُ بَنِيهِ وَيَعۡقُوبُ يَٰبَنِيَّ إِنَّ ٱللَّهَ ٱصۡطَفَىٰ لَكُمُ ٱلدِّينَ فَلَا تَمُوتُنَّ إِلَّا وَأَنتُم مُّسۡلِمُونَ
तथा इब्राहीम ने अपने पुत्रों को तथा याक़ूब ने, इसी बात पर बल दिया कि हे मेरे पुत्रो! अल्लाह ने तुम्हारे लिए ये धर्म (इस्लाम) निर्वाचित कर दिया है। अतः मरते समय तक तुम इसी पर स्थिर रहना।
Tafsir berbahasa Arab:
أَمۡ كُنتُمۡ شُهَدَآءَ إِذۡ حَضَرَ يَعۡقُوبَ ٱلۡمَوۡتُ إِذۡ قَالَ لِبَنِيهِ مَا تَعۡبُدُونَ مِنۢ بَعۡدِيۖ قَالُواْ نَعۡبُدُ إِلَٰهَكَ وَإِلَٰهَ ءَابَآئِكَ إِبۡرَٰهِـۧمَ وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِسۡحَٰقَ إِلَٰهٗا وَٰحِدٗا وَنَحۡنُ لَهُۥ مُسۡلِمُونَ
क्या तुम याक़ूब के मरने के समय उपस्थित थे; जब याक़ूब ने अपने पुत्रों से कहाः मेरी मृत्यु के पश्चात् तुम किसकी इबादत (वंदना) करोगे? उन्होंने कहाः हम तेरे तथा तेरे पिता इब्राहीम और इस्माईल तथा इस्ह़ाक़ के एकमात्र पूज्य की इबादत (वंदना) करेंगे और उसी के आज्ञाकारी रहेंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
تِلۡكَ أُمَّةٞ قَدۡ خَلَتۡۖ لَهَا مَا كَسَبَتۡ وَلَكُم مَّا كَسَبۡتُمۡۖ وَلَا تُسۡـَٔلُونَ عَمَّا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
ये एक समुदाय था, जो जा चुका। उन्होंने जो कर्म किये, वे उनके लिए हैं तथा जो तुमने किये, वे तुम्हारे लिए और उनके किये का प्रश्न तुमसे नहीं किया जायेगा।
Tafsir berbahasa Arab:

وَقَالُواْ كُونُواْ هُودًا أَوۡ نَصَٰرَىٰ تَهۡتَدُواْۗ قُلۡ بَلۡ مِلَّةَ إِبۡرَٰهِـۧمَ حَنِيفٗاۖ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ
और वे कहते हैं कि यहूदी हो जाओ अथवा ईसाई हो जाओ, तुम्हें मार्गदर्शन मिल जायेगा। आप कह दें, नहीं! हम तो एकेश्वरवादी इब्राहीम के धर्म पर हैं और वह मिश्रणवादियों में से नहीं था।
Tafsir berbahasa Arab:
قُولُوٓاْ ءَامَنَّا بِٱللَّهِ وَمَآ أُنزِلَ إِلَيۡنَا وَمَآ أُنزِلَ إِلَىٰٓ إِبۡرَٰهِـۧمَ وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَ وَٱلۡأَسۡبَاطِ وَمَآ أُوتِيَ مُوسَىٰ وَعِيسَىٰ وَمَآ أُوتِيَ ٱلنَّبِيُّونَ مِن رَّبِّهِمۡ لَا نُفَرِّقُ بَيۡنَ أَحَدٖ مِّنۡهُمۡ وَنَحۡنُ لَهُۥ مُسۡلِمُونَ
(हे मुसलमानो!) तुम सब कहो कि हम अल्लाह पर ईमान लाये तथा उसपर जो (क़ुर्आन) हमारी ओर उतारा गया और उसपर जो इब्राहीम, इस्माईल, इस्ह़ाक़, याक़ूब तथा उनकी संतान की ओर उतारा गया और जो मूसा तथा ईसा को दिया गया तथा जो दूसरे नबियों को, उनके पालनहार की ओर से दिया गया। हम इनमें से किसी के बीच अन्तर नहीं करते और हम उसी के आज्ञाकारी हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
فَإِنۡ ءَامَنُواْ بِمِثۡلِ مَآ ءَامَنتُم بِهِۦ فَقَدِ ٱهۡتَدَواْۖ وَّإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّمَا هُمۡ فِي شِقَاقٖۖ فَسَيَكۡفِيكَهُمُ ٱللَّهُۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ
तो यदि वे तुम्हारे ही समान ईमान ले आयें, तो वे मार्गदर्शन पा लेंगे और यदि विमुख हों, तो वे विरोध में लीन हैं। उनके विरुध्द तुम्हारे लिए अल्लाह बस है और वह सब सुनने वाला और जानने वाला है।
Tafsir berbahasa Arab:
صِبۡغَةَ ٱللَّهِ وَمَنۡ أَحۡسَنُ مِنَ ٱللَّهِ صِبۡغَةٗۖ وَنَحۡنُ لَهُۥ عَٰبِدُونَ
तुम सब अल्लाह के रंग[1] (स्वभाविक धर्म) को ग्रहण कर लो और अल्लाह के रंग से अच्छा किसका रंग होगा? हम तो उसी की इबादत (वंदना) करते हैं।
1. इस में ईसाई धर्म की (बैप्टिज़म) की परम्परा का खण्डन है। ईसाईयों ने पीले रंग का जल बना रखा था। जब कोई ईसाई होता या उन के यहाँ कोई शिशु जन्म लेता तो उस में स्नान करा के ईसाई बनाते थे। अल्लाह के रंग से अभिप्राय एकेश्वरवाद पर आधारित स्वभाविक धर्म इस्लाम है। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)
Tafsir berbahasa Arab:
قُلۡ أَتُحَآجُّونَنَا فِي ٱللَّهِ وَهُوَ رَبُّنَا وَرَبُّكُمۡ وَلَنَآ أَعۡمَٰلُنَا وَلَكُمۡ أَعۡمَٰلُكُمۡ وَنَحۡنُ لَهُۥ مُخۡلِصُونَ
(हे नबी!) कह दो कि क्या तुम हमसे अल्लाह के (एक होने के) विषय में झगड़ते हो, जबकि वही हमारा तथा तुम्हारा पालनहार है?[1] फिर हमारे लिए हमारा कर्म है और तुम्हारे लिए तुम्हारा कर्म है और हम तो बस उसी की इबादत (वंदना) करने वाले हैं।
1. फिर वंदनीय भी केवल वही है।
Tafsir berbahasa Arab:
أَمۡ تَقُولُونَ إِنَّ إِبۡرَٰهِـۧمَ وَإِسۡمَٰعِيلَ وَإِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَ وَٱلۡأَسۡبَاطَ كَانُواْ هُودًا أَوۡ نَصَٰرَىٰۗ قُلۡ ءَأَنتُمۡ أَعۡلَمُ أَمِ ٱللَّهُۗ وَمَنۡ أَظۡلَمُ مِمَّن كَتَمَ شَهَٰدَةً عِندَهُۥ مِنَ ٱللَّهِۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ
(हे अह्ले किताब!) क्या तुम कहते हो कि इब्राहीम, इस्माईल, इस्ह़ाक़, याक़ूब तथा उनकी संतान यहूदी या ईसाई थी? उनसे कह दो कि तुम अधिक जानते हो अथवा अल्लाह? और उससे बड़ा अत्याचारी कौन होगा, जिसके पास अल्लाह का साक्ष्य हो और उसे छुपा दे? और अल्लाह तुम्हारे करतूतों से अचेत तो नहीं है[1]।
1. इस में यहूदियों तथा ईसाईयों के इस दावे का खण्डन किया गया है कि इब्राहीम अलैहिस्सलाम आदि नबी यहूदी अथवा ईसाई थे।
Tafsir berbahasa Arab:
تِلۡكَ أُمَّةٞ قَدۡ خَلَتۡۖ لَهَا مَا كَسَبَتۡ وَلَكُم مَّا كَسَبۡتُمۡۖ وَلَا تُسۡـَٔلُونَ عَمَّا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
ये एक समुदाय था, जो जा चुका। उनके लिए उनका कर्म है तथा तुम्हारे लिए तुम्हारा कर्म है। तुमसे उनके कर्मों के बारे में प्रश्न नहीं किया जायेगा[1]।
1. अर्थात तुहारे पूर्वजों के सदाचारों से तुम्हें कोई लाभ नहीं होगा, और न उन के पापों के विषय में तुम से प्रश्न किया जायेगा। अतः अपने कर्मों पर ध्यान दो।
Tafsir berbahasa Arab:

۞سَيَقُولُ ٱلسُّفَهَآءُ مِنَ ٱلنَّاسِ مَا وَلَّىٰهُمۡ عَن قِبۡلَتِهِمُ ٱلَّتِي كَانُواْ عَلَيۡهَاۚ قُل لِّلَّهِ ٱلۡمَشۡرِقُ وَٱلۡمَغۡرِبُۚ يَهۡدِي مَن يَشَآءُ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ
शीघ्र ही मूर्ख लोग कहेंगे कि उन्हें जिस क़िबले[1] पर वे थे, उससे किस बात ने फेर दिया? (हे नबी!) उन्हें बता दो कि पूर्व और पश्चिम सब अल्लाह के हैं। वह जिसे चाहे, सीधी राह पर लगा देता है।
1. नमाज़ में मुख करने की दिशा।
Tafsir berbahasa Arab:
وَكَذَٰلِكَ جَعَلۡنَٰكُمۡ أُمَّةٗ وَسَطٗا لِّتَكُونُواْ شُهَدَآءَ عَلَى ٱلنَّاسِ وَيَكُونَ ٱلرَّسُولُ عَلَيۡكُمۡ شَهِيدٗاۗ وَمَا جَعَلۡنَا ٱلۡقِبۡلَةَ ٱلَّتِي كُنتَ عَلَيۡهَآ إِلَّا لِنَعۡلَمَ مَن يَتَّبِعُ ٱلرَّسُولَ مِمَّن يَنقَلِبُ عَلَىٰ عَقِبَيۡهِۚ وَإِن كَانَتۡ لَكَبِيرَةً إِلَّا عَلَى ٱلَّذِينَ هَدَى ٱللَّهُۗ وَمَا كَانَ ٱللَّهُ لِيُضِيعَ إِيمَٰنَكُمۡۚ إِنَّ ٱللَّهَ بِٱلنَّاسِ لَرَءُوفٞ رَّحِيمٞ
और इसी प्रकार हमने तुम्हें मध्यवर्ती उम्मत (समुदाय) बना दिया; ताकि तुम, सबपर साक्षी[1] बनो और रसूल तुमपर साक्षी हों और हमने वह क़िबला जिसपर तुम थे, इसीलिए बनाया था, ताकि ये बात खोल दें कि कौन (अपने धर्म से) फिर जाता है और ये बात बड़ी भारी थी, परन्तु उनके लिए नहीं, जिन्हें अल्लाह ने मार्गदर्शन दे दिया है और अल्लाह ऐसा नहीं कि तुम्हारे ईमान (अर्थात बैतुल मक़्दिस की दिशा में नमाज़ पढ़ने) को व्यर्थ कर दे[2], वास्तव में अल्लाह लोगों के लिए अत्यंत करुणामय तथा दयावान् है।
1. साक्षी होने का अर्थ जैसा कि ह़दीस में आया है यह है कि प्रलय के दिन नूह़ अलैहिस्सलाम को बुलाया जायेगा और उन से प्रश्न किया जायेगा कि क्या तुमने अपनी जाति को संदेश पहुँचाया? वह कहेंगेः हाँ। फिर उन की जाति से प्रश्न किया जायेगा, तो वे कहेंगे कि हमारे पास सावधान करने के लिये कोई नहीं आया। तो अल्लाह तआला नूह़ अलैहिस्सलाम से कहेगा कि तुम्हारा साक्षी कौन है? वह कहेंगेः मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और उन की उम्मत। फिर आप की उम्मत साक्ष्य देगी कि नूह़ ने अल्लाह का संदेश पहुँचाया है। और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम तुम पर अर्थात मुसलमानों पर साक्षी होंगे। (सह़ीह़ बुख़ारीः4486) 2.अर्थात उस का फल परदान करेगा।
Tafsir berbahasa Arab:
قَدۡ نَرَىٰ تَقَلُّبَ وَجۡهِكَ فِي ٱلسَّمَآءِۖ فَلَنُوَلِّيَنَّكَ قِبۡلَةٗ تَرۡضَىٰهَاۚ فَوَلِّ وَجۡهَكَ شَطۡرَ ٱلۡمَسۡجِدِ ٱلۡحَرَامِۚ وَحَيۡثُ مَا كُنتُمۡ فَوَلُّواْ وُجُوهَكُمۡ شَطۡرَهُۥۗ وَإِنَّ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ لَيَعۡلَمُونَ أَنَّهُ ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّهِمۡۗ وَمَا ٱللَّهُ بِغَٰفِلٍ عَمَّا يَعۡمَلُونَ
(हे नबी!) हम आपके मुख को बार-बार आकाश की ओर फिरते देख रहे हैं। तो हम अवश्य आपको उस क़िबले (काबा) की ओर फेर देंगे, जिससे आप प्रसन्न हो जायें। तो (अब) अपने मुख मस्जिदे ह़राम की ओर फेर लो[1] तथा (हे मुसलमानों!) तुम भी जहाँ रहो, उसी की ओर मुख किया करो और निश्चय अह्ले किताब जानते हैं कि ये उनके पालनहार की ओर से सत्य है[2] और अल्लाह उनके कर्मों से असूचित नहीं है।
1. नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम मक्का से मदीना परस्थान करने के पश्चात्, बैतुल मक़्दिस की ओर मुख कर के नमाज़ पढ़ते रहे। फिर आप को काबा की ओर मुख कर के नमाज़ पढ़ने का आदेश दिया गया। 2. क्योंकि अन्तिम नबी के गुणों में उन की पुस्तकों में बताया गया है कि वह क़िबला बदल देंगे।
Tafsir berbahasa Arab:
وَلَئِنۡ أَتَيۡتَ ٱلَّذِينَ أُوتُواْ ٱلۡكِتَٰبَ بِكُلِّ ءَايَةٖ مَّا تَبِعُواْ قِبۡلَتَكَۚ وَمَآ أَنتَ بِتَابِعٖ قِبۡلَتَهُمۡۚ وَمَا بَعۡضُهُم بِتَابِعٖ قِبۡلَةَ بَعۡضٖۚ وَلَئِنِ ٱتَّبَعۡتَ أَهۡوَآءَهُم مِّنۢ بَعۡدِ مَا جَآءَكَ مِنَ ٱلۡعِلۡمِ إِنَّكَ إِذٗا لَّمِنَ ٱلظَّـٰلِمِينَ
और यदि आप अह्ले किताब के पास प्रत्येक प्रकार की निशानी ला दें, तब भी वे आपके क़िबले का अनुसरण नहीं करेंगे और न आप उनके क़िबले का अनुसरण करेंगे और न उनमें से कोई दूसरे के क़िबले का अनुसरण करेगा और यदि ज्ञान आने के पश्चात् आपने उनकी आकांक्षाओं का अनुसरण किया, तो आप अत्याचारियों में से हो जायेंगे।
Tafsir berbahasa Arab:

ٱلَّذِينَ ءَاتَيۡنَٰهُمُ ٱلۡكِتَٰبَ يَعۡرِفُونَهُۥ كَمَا يَعۡرِفُونَ أَبۡنَآءَهُمۡۖ وَإِنَّ فَرِيقٗا مِّنۡهُمۡ لَيَكۡتُمُونَ ٱلۡحَقَّ وَهُمۡ يَعۡلَمُونَ
जिन्हें हमने पुस्तक दी है, वे आपको ऐसे ही[1] पहचानते हैं, जैसे अपने पुत्रों को पहचानते हैं और उनका एक समुदाय जानते हुए भी सत्य को छुपा रहा है।
1. आप के उन गुणों के कारण जो उन की पुस्तकों में अंतिम नबी के विषय में वर्णित किये गये हैं।
Tafsir berbahasa Arab:
ٱلۡحَقُّ مِن رَّبِّكَ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلۡمُمۡتَرِينَ
सत्य वही है, जो आपके पालनहार की ओर से उतारा गया। अतः, आप कदापि संदेह करने वालों में न हों।