పవిత్ర ఖురాన్ యొక్క భావార్థాల అనువాదం - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم * - అనువాదాల విషయసూచిక


భావార్ధాల అనువాదం వచనం: (92) సూరహ్: సూరహ్ ఆలె ఇమ్రాన్
لَنْ تَنَالُوا الْبِرَّ حَتّٰی تُنْفِقُوْا مِمَّا تُحِبُّوْنَ ؕ۬— وَمَا تُنْفِقُوْا مِنْ شَیْءٍ فَاِنَّ اللّٰهَ بِهٖ عَلِیْمٌ ۟
(ऐ ईमान वालो!) तुम नेक लोगों का पुण्य और उनका स्थान हरगिज़ नहीं प्राप्त कर सकते, जब तक तुम अपने प्रिय धन से अल्लाह के मार्ग में खर्च न करो। और तुम जो कुछ भी खर्च करोगे, चाहे कम हो या अधिक, अल्लाह तुम्हारे इरादों और कामों को भली-भाँति जानता है, और वह हर एक को उसके कार्य का बदला देगा।
అరబీ భాషలోని ఖుర్ఆన్ వ్యాఖ్యానాలు:
ఈ పేజీలోని వచనాల ద్వారా లభించే ప్రయోజనాలు:
• كَذِبُ اليهود على الله تعالى وأنبيائه، ومن كذبهم زعمهم أن تحريم يعقوب عليه السلام لبعض الأطعمة نزلت به التوراة.
• यहूदियों का अल्लाह और उसके नबियों पर झूठ मढ़ना। उनका एक झूठ उनका यह दावा था कि याक़ूब अलैहिस्सलाम ने जिन खाद्य पदार्थों को हराम ठहरा लिया था, वे तौरात में अवतिरत हुए थे।

• أعظم أماكن العبادة وأشرفها البيت الحرام، فهو أول بيت وضع لعبادة الله، وفيه من الخصائص ما ليس في سواه.
• इबादत का सबसे महान एवं सबसे प्रतिष्ठित स्थान अल्लाह का पवित्र घर काबा शरीफ है। यह अल्लाह की इबादत के लिए बनाया जानेवाला प्रथम घर है। इसकी कुछ ऐसी विशिष्टताएँ हैं जो इसके अलावा में नहीं हैं।

• ذَكَرَ الله وجوب الحج بأوكد ألفاظ الوجوب تأكيدًا لوجوبه.
• अल्लाह ने हज्ज की अनिवार्यता का उल्लेख, अनिवार्यता को बताने वाले अत्यंत पुष्टिकारक शब्दों के साथ उसकी अनिवार्यता की पुष्टि करने के लिए किया है।

 
భావార్ధాల అనువాదం వచనం: (92) సూరహ్: సూరహ్ ఆలె ఇమ్రాన్
సూరాల విషయసూచిక పేజీ నెంబరు
 
పవిత్ర ఖురాన్ యొక్క భావార్థాల అనువాదం - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم - అనువాదాల విషయసూచిక

الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم، صادر عن مركز تفسير للدراسات القرآنية.

మూసివేయటం