Traducción de los significados del Sagrado Corán - Traducción India * - Índice de traducciones

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Traducción de significados Capítulo: Sura Ash-Sharh
Versículo:
 

सूरा अश्-शर्ह़

أَلَمۡ نَشۡرَحۡ لَكَ صَدۡرَكَ
(हे नबी!) क्या हमने तुम्हारे लिए तुम्हारा वक्ष (सीना) नहीं खोल दिया?
Las Exégesis Árabes:
وَوَضَعۡنَا عَنكَ وِزۡرَكَ
और तुम्हारा बोझ नहीं उतार दिया?
Las Exégesis Árabes:

ٱلَّذِيٓ أَنقَضَ ظَهۡرَكَ
जिसने तुम्हारी पीठ तोड़ दी थी।
Las Exégesis Árabes:
وَرَفَعۡنَا لَكَ ذِكۡرَكَ
और तुम्हारी चर्चा को ऊँचा कर दिया।[1]
1. (1-4) इन का भावार्थ यह है कि हम ने आप पर तीन ऐसे उपकार किये हैं जिन के होते आप को निराश होने की आवश्यक्ता नहीं। एक यह कि आप के वक्ष को खोल दिया, अर्थात आप में स्थितियों का सामना करने का साहस पैदा कर दिया। दूसरा यह कि नबी होने से पहले जो आप के दिल में अपनी जाति की मूर्ति पूजा और सामाजिक अन्याय को देख कर चिन्ता और शोक का बोझ था जिस के कारण आप दुःखित रहा करते थे। इस्लमा का सत्य मार्ग दिखा कर उस बोझ को उतार दिया। क्योंकि यही चिन्ता आप की कमर तोड़ रही थी। और तीसरा विशेष उपकार यह कि आप का नाम ऊँचा कर दिया। जिस से अधिक तो क्या आप के बराबर भी किसी का नाम इस संसार में नहीं लिया जा रहा है। यह भविष्यवाणी क़ुर्आन शरीफ़ ने उस समय की जब एव व्यक्ति का विरोध उस की पूरी जाति और समाज तथा उस का परिवार तक कर रहा था। और यह सोचा भी नहीं जा सकता था कि वह इतना बड़ा विश्व विख्यात व्यक्ति हो सकता है। परन्तु समस्त मानव संसार क़ुर्आन की इस भविष्यवाणी के सत्य होने का साक्षी है। और इस संसार का कोई क्षण ऐसा नहीं गुज़रता जब इस संसार के किसी देश और क्षेत्र में अज़ानों में "अश्हदु अन्न मुह़म्मदर रसूलुल्लाह" की आवाज़ न गूँज रही हो। इस के सिवा भी पूरे विश्व में जितना आप का नाम लिया जा रहा है और जितना क़ुर्आन का अध्ययन किया जा रहा है वह किसी व्यक्ति और किसी धर्म पुस्तक को प्राप्त नहीं, और यही अन्तिम नबी और क़ुर्आन के सत्य होने का साक्ष्य है। जिस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिये।
Las Exégesis Árabes:
فَإِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرًا
निश्चय कठिनाई के साथ आसानी भी है।
Las Exégesis Árabes:
إِنَّ مَعَ ٱلۡعُسۡرِ يُسۡرٗا
निश्चय कठिनाई के साथ आसानी भी है।[1]
1. (5-6) इन आयतों में विश्व का पालनहार अपने भक्त (मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को विश्वास दिला रहा है कि उलझनों का यह समय देर तक नहीं रहेगा इसी के साथ सरलता तथा सुविधा का समय भी लगा आ रहा है। अर्थात आप का आगामी युग व्यतीत युग से उत्तम होगा जैसा कि "सूरह ज़ुह़ा" में कहा गया है।
Las Exégesis Árabes:
فَإِذَا فَرَغۡتَ فَٱنصَبۡ
अतः, जब अवसर मिले, जो आराधना में प्रयास करो।
Las Exégesis Árabes:
وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرۡغَب
और अपने पालनहार की ओर ध्यानमग्न हो जाओ।[1]
1. (7.8) इन अन्तिम आयतों में आप को निर्देश दिया गया है कि जब अवसर मिले तो अल्लाह की उपासना में लग जाओ, और उसी में ध्यान मग्न हो जाओ, यही सफलता का मार्ग है।
Las Exégesis Árabes:

 
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Traducción de los significados del Sagrado Corán al idioma Indio, Traducida por Maulana Azizul-Haqq Al-Umary, y publicada por el Complejo del Rey Fahd para la impresión del Sagrado Corán en Medina. Año de impresión: 1433 H.

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