Traduction des sens du Noble Coran - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم * - Lexique des traductions


Traduction des sens Verset: (17) Sourate: AL-FOURQÂN
وَیَوْمَ یَحْشُرُهُمْ وَمَا یَعْبُدُوْنَ مِنْ دُوْنِ اللّٰهِ فَیَقُوْلُ ءَاَنْتُمْ اَضْلَلْتُمْ عِبَادِیْ هٰۤؤُلَآءِ اَمْ هُمْ ضَلُّوا السَّبِیْلَ ۟ؕ
जिस दिन अल्लाह झुठलाने वाले मुश्रिकों को एकत्र करेगा, तथा उन्हें भी एकत्र करेगा जिनकी वे अल्लाह के सिवा पूजा करते थे। फिर अल्लाह पूज्यों से, उनके पूजकों को फटकार लगाने हेतु, कहेगा : क्या तुमने मेरे बंदों को उन्हें अपनी पूजा का आदेश देकर पथभ्रष्ट किया था, या वे अपने आप भटक गए थे?!
Les exégèses en arabe:
Parmi les bénéfices ( méditations ) des versets de cette page:
• الجمع بين الترهيب من عذاب الله والترغيب في ثوابه.
• अल्लाह की यातना से डराने के साथ-साथ उसके सवाब की प्रेरणा देना।

• متع الدنيا مُنْسِية لذكر الله.
• दुनिया की समृद्धि अल्लाह की याद को भुलाने वाली है।

• بشرية الرسل نعمة من الله للناس لسهولة التعامل معهم.
• रसूलों का इनसान होना अल्लाह की ओर से लोगों के लिए एक नेमत है, क्योंकि उनके साथ व्यवहार करना आसान होता है।

• تفاوت الناس في النعم والنقم اختبار إلهي لعباده.
• लोगों का नेमतों और निक़मतों (सज़ाओं) में अलग-अलग होना, अल्लाह की ओर से उसके बंदों के लिए एक परीक्षण है।

 
Traduction des sens Verset: (17) Sourate: AL-FOURQÂN
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الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم، صادر عن مركز تفسير للدراسات القرآنية.

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