अरबी भाषा - अल-मुख़तर फ़ी तफ़सीर अल-क़ुरआन अल-करीम * - अनुवादों की सूची


आयत: (12) सूरा: सूरा अस्-सज्दा
وَلَوۡ تَرَىٰٓ إِذِ ٱلۡمُجۡرِمُونَ نَاكِسُواْ رُءُوسِهِمۡ عِندَ رَبِّهِمۡ رَبَّنَآ أَبۡصَرۡنَا وَسَمِعۡنَا فَٱرۡجِعۡنَا نَعۡمَلۡ صَٰلِحًا إِنَّا مُوقِنُونَ
سوف يظهر المجرمون يوم القيامة وهم أذلاء يخفضون رؤوسهم بسبب كفرهم بالبعث، يشعرون بالخزي ويقولون: ربنا أَبْصَرنا ما كنا نكذب به من البعث، وسمعنا مصداق ما جاءت به الرسل من عندك، فارجعنا إلى الحياة الدنيا نعمل عملًا صالحًا يرضيك عنا، إنا موقنون الآن بالبعث وبصدق ما جاءت به الرسل، لو رأيت المجرمين على تلك الحال رأيت أمرًا عظيمًا.
अरबी तफ़सीरें:
इस पृष्ठ की आयतों से प्राप्त कुछ बिंदु:
• إيمان الكفار يوم القيامة لا ينفعهم؛ لأنها دار جزاء لا دار عمل.

• خطر الغفلة عن لقاء الله يوم القيامة.

• مِن هدي المؤمنين قيام الليل.

 
आयत: (12) सूरा: सूरा अस्-सज्दा
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अरबी भाषा - अल-मुख़तर फ़ी तफ़सीर अल-क़ुरआन अल-करीम - अनुवादों की सूची

अल-मुख़तसर फ़ी तफ़सीर अल-क़ुरआन अल-करीम। अरबी भाषा में। मरकज़ तफ़सीर लिद-दिरासात अल-इस्लामिय्यह की ओर से निर्गत।

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