अरबी भाषा - अल-मुख़तर फ़ी तफ़सीर अल-क़ुरआन अल-करीम * - अनुवादों की सूची


आयत: (19) सूरा: सूरा अस्-सज्दा
أَمَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ وَعَمِلُواْ ٱلصَّٰلِحَٰتِ فَلَهُمۡ جَنَّٰتُ ٱلۡمَأۡوَىٰ نُزُلَۢا بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
أما الذين آمنوا بالله وعملوا الأعمال الصالحات، فجزاؤهم المعدّ لهم جنات يستقرون فيها كرامة من الله لهم، جزاءً على ما كانوا يعملونه في الدنيا من الأعمال الصالحات.
अरबी तफ़सीरें:
इस पृष्ठ की आयतों से प्राप्त कुछ बिंदु:
• إيمان الكفار يوم القيامة لا ينفعهم؛ لأنها دار جزاء لا دار عمل.

• خطر الغفلة عن لقاء الله يوم القيامة.

• مِن هدي المؤمنين قيام الليل.

 
आयत: (19) सूरा: सूरा अस्-सज्दा
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अरबी भाषा - अल-मुख़तर फ़ी तफ़सीर अल-क़ुरआन अल-करीम - अनुवादों की सूची

अल-मुख़तसर फ़ी तफ़सीर अल-क़ुरआन अल-करीम। अरबी भाषा में। मरकज़ तफ़सीर लिद-दिरासात अल-इस्लामिय्यह की ओर से निर्गत।

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