क़ुरआन के अर्थों का अनुवाद - الترجمة الهندية للمختصر في تفسير القرآن الكريم * - अनुवादों की सूची


अर्थों का अनुवाद आयत: (18) सूरा: सूरा लुक़्मान
وَلَا تُصَعِّرْ خَدَّكَ لِلنَّاسِ وَلَا تَمْشِ فِی الْاَرْضِ مَرَحًا ؕ— اِنَّ اللّٰهَ لَا یُحِبُّ كُلَّ مُخْتَالٍ فَخُوْرٍ ۟ۚ
और अहंकार के कारण लोगों से अपना मुँह न फेर तथा धरती पर अकड़कर और खुशी से खुद को निहारते हुए न चल। निश्चय अल्लाह अकड़कर चलने वाले और मिली हुई नेमतों पर गर्व करने वाले से प्रेम नहीं करता, जो उनके कारण लोगों के सामने गर्व करता हैं और उनपर अल्लाह का शुक्रिया अदा नहीं करता है।
अरबी तफ़सीरें:
इस पृष्ठ की आयतों से प्राप्त कुछ बिंदु:
• لما فصَّل سبحانه ما يصيب الأم من جهد الحمل والوضع دلّ على مزيد برّها.
• जब अल्लाह ने गर्भावस्था और प्रसव से माँ को पहुँचने वाली कठिनाइयों का विस्तृत उल्लेख किया, तो इससे पता चला कि उसके साथ अधिक सद्व्यवहार करना चाहिए।

• نفع الطاعة وضرر المعصية عائد على العبد.
• आज्ञाकारिता का लाभ और अवज्ञा का नुक़सान बंदे ही पर लौटने वाला है।

• وجوب تعاهد الأبناء بالتربية والتعليم.
• बच्चों की शिक्षा और प्रशिक्षण पर ध्यान देने की अनिवार्यता।

• شمول الآداب في الإسلام للسلوك الفردي والجماعي.
• इस्लाम में शिष्टाचार का व्यक्तिगत और सामूहिक व्यवहार को शामिल होना।

 
अर्थों का अनुवाद आयत: (18) सूरा: सूरा लुक़्मान
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