क़ुरआन के अर्थों का अनुवाद - कज़ाख अनुवाद - खलीफ़ा अलताय * - अनुवादों की सूची


अर्थों का अनुवाद आयत: (100) सूरा: सूरा यूसुफ़
وَرَفَعَ أَبَوَيۡهِ عَلَى ٱلۡعَرۡشِ وَخَرُّواْ لَهُۥ سُجَّدٗاۖ وَقَالَ يَٰٓأَبَتِ هَٰذَا تَأۡوِيلُ رُءۡيَٰيَ مِن قَبۡلُ قَدۡ جَعَلَهَا رَبِّي حَقّٗاۖ وَقَدۡ أَحۡسَنَ بِيٓ إِذۡ أَخۡرَجَنِي مِنَ ٱلسِّجۡنِ وَجَآءَ بِكُم مِّنَ ٱلۡبَدۡوِ مِنۢ بَعۡدِ أَن نَّزَغَ ٱلشَّيۡطَٰنُ بَيۡنِي وَبَيۡنَ إِخۡوَتِيٓۚ إِنَّ رَبِّي لَطِيفٞ لِّمَا يَشَآءُۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡعَلِيمُ ٱلۡحَكِيمُ
Әке-шешесін таққа көтерді. Барлығы Алла үшін сәждеге жығылды. (Юсып Ғ.С.): “Әй әкетайым! Міне бұрыңғы көрген түсімнің жоруы. Рас оны Раббым хақиқатқа шығарды. Сондай-ақ шайтан туыстарым мен менің арамды бұзғаннан кейін, мені абақтыдан шығарып, сахарадан сендерді келтіріп, маған рас игілік етті. Күдіксіз Раббым қалағанына өте мейірімді. Ол толық білуші, хикмет иесі.”
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पवित्र क़ुरआन के अर्थों का कज़ाख़ अनुवाद, अनुवादक : ख़लीफ़ा अलताय। संशोधन का काम रुव्वाद अनुवाद केंद्र की निगरानी में संपन्न हुआ। मूल अनुवाद सुझाव प्राप्त करने तथा मूल्यांकन एवं निरंतर उन्नयन हेतु उपलब्ध है।

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