क़ुरआन के अर्थों का अनुवाद - पश्तो अनुवाद * - अनुवादों की सूची


अर्थों का अनुवाद आयत: (28) सूरा: सूरा अल्-कह्फ़
وَاصْبِرْ نَفْسَكَ مَعَ الَّذِیْنَ یَدْعُوْنَ رَبَّهُمْ بِالْغَدٰوةِ وَالْعَشِیِّ یُرِیْدُوْنَ وَجْهَهٗ وَلَا تَعْدُ عَیْنٰكَ عَنْهُمْ ۚ— تُرِیْدُ زِیْنَةَ الْحَیٰوةِ الدُّنْیَا ۚ— وَلَا تُطِعْ مَنْ اَغْفَلْنَا قَلْبَهٗ عَنْ ذِكْرِنَا وَاتَّبَعَ هَوٰىهُ وَكَانَ اَمْرُهٗ فُرُطًا ۟
18-28 او ته خپل ځان له هغو كسانو سره بند (او ټینګ) وساته چې خپل رب د ورځې په شروع كې او د ورځې په اخر كې بولي، دوى د هغهٔ مخ غواړي او ستا سترګې دې له دوى نه تېرې نشي، چې ته د دنيايي ژوند ښایست غوارې او ته د هغه چا اطاعت مه كوه چې مونږ له خپل ذكر نه د هغهٔ زړه غافل كړى دى او هغه د خپل خواهش تابع شوى دى او د هغهٔ كار له حد نه وتلى دى
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अर्थों का अनुवाद आयत: (28) सूरा: सूरा अल्-कह्फ़
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क़ुरआन के अर्थों का अनुवाद - पश्तो अनुवाद - अनुवादों की सूची

क़ुरआन के अर्थों का पश्तो अनुवाद। अनुवाद ज़करिया अब्दुस सलाम ने किया है और पुनरीक्षण का काम मुफ़ती अब्दुल वली खान ने किया है। प्रकाशन वर्ष 1423 हिजरी।

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