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ترجمة معاني سورة: الرحمن
آية:
 

سورة الرحمن - सूरा अर्-रह़मान

ٱلرَّحۡمَٰنُ
अत्यंत कृपाशील ने।
التفاسير العربية:
عَلَّمَ ٱلۡقُرۡءَانَ
शिक्षा दी क़ुर्आन की।
التفاسير العربية:
خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ
उसीने उत्पन्न किया मनुष्य को।
التفاسير العربية:
عَلَّمَهُ ٱلۡبَيَانَ
सिखाया उसे साफ़-साफ़ बोलना।
التفاسير العربية:
ٱلشَّمۡسُ وَٱلۡقَمَرُ بِحُسۡبَانٖ
सूर्य तथा चन्द्रमा एक (नियमित) ह़िसाब से हैं।
التفاسير العربية:
وَٱلنَّجۡمُ وَٱلشَّجَرُ يَسۡجُدَانِ
तथा तारे और वृक्ष दोनों (उसे) सज्दा करते हैं।
التفاسير العربية:
وَٱلسَّمَآءَ رَفَعَهَا وَوَضَعَ ٱلۡمِيزَانَ
और आकाश को ऊँचा किया और रख दी तराजू।[1]
1. (देखियेः सूरह ह़दीद, आयतः25) अर्थ यह है कि धरती में न्याय का नियम बनाया और उस के पालन का आदेश दिया।
التفاسير العربية:
أَلَّا تَطۡغَوۡاْ فِي ٱلۡمِيزَانِ
ताकि तुम उल्लंघन न करो तराजू (न्याय) में।
التفاسير العربية:
وَأَقِيمُواْ ٱلۡوَزۡنَ بِٱلۡقِسۡطِ وَلَا تُخۡسِرُواْ ٱلۡمِيزَانَ
तथा सीधी रखो तराजू न्याय के साथ और कम न तोलो।
التفاسير العربية:
وَٱلۡأَرۡضَ وَضَعَهَا لِلۡأَنَامِ
धरती को उसने (रहने योग्य) बनाया पूरी उत्पत्ति के लिए।
التفاسير العربية:
فِيهَا فَٰكِهَةٞ وَٱلنَّخۡلُ ذَاتُ ٱلۡأَكۡمَامِ
जिसमें मेवे तथा गुच्छे वाले खजूर हैं।
التفاسير العربية:
وَٱلۡحَبُّ ذُو ٱلۡعَصۡفِ وَٱلرَّيۡحَانُ
और भूसे वाले अन्न तथा सुगंधित (पुष्प) फूल हैं।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो (हे मनुष्य तथा जिन्न!) तुम अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
خَلَقَ ٱلۡإِنسَٰنَ مِن صَلۡصَٰلٖ كَٱلۡفَخَّارِ
उसने उत्पन्न किया मनुष्य को खनखनाते ठीकरी जैसे सूखे गारे से।
التفاسير العربية:
وَخَلَقَ ٱلۡجَآنَّ مِن مَّارِجٖ مِّن نَّارٖ
तथा उत्पन्न किया जिन्नों को अग्नि की ज्वाला से।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
رَبُّ ٱلۡمَشۡرِقَيۡنِ وَرَبُّ ٱلۡمَغۡرِبَيۡنِ
वह दोनों सूर्योदय[1] के स्थानों तथा दोनों सूर्यास्त के स्थानों का स्वामी है।
1. गर्मी तथा जाड़े में सूर्योदय तथा सूर्यास्त के स्थानों का। इस से अभिप्राय पूर्व तथा पश्चिम की दिशा नहीं है।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:

مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ يَلۡتَقِيَانِ
उसने दो सागर बहा दिये, जिनका संगम होता है।
التفاسير العربية:
بَيۡنَهُمَا بَرۡزَخٞ لَّا يَبۡغِيَانِ
उन दोनों के बीच एक आड़ है। वह एक-दूसरे से मिल नहीं सकते।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
يَخۡرُجُ مِنۡهُمَا ٱللُّؤۡلُؤُ وَٱلۡمَرۡجَانُ
निकलता है उन दोनों से मोती तथा मूँगा।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
وَلَهُ ٱلۡجَوَارِ ٱلۡمُنشَـَٔاتُ فِي ٱلۡبَحۡرِ كَٱلۡأَعۡلَٰمِ
तथा उसी के अधिकार में हैं जहाज़, खड़े किये हुए सागर में पर्वतों जैसे।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
كُلُّ مَنۡ عَلَيۡهَا فَانٖ
प्रत्येक, जो धरती पर हैं, नाशवान हैं।
التفاسير العربية:
وَيَبۡقَىٰ وَجۡهُ رَبِّكَ ذُو ٱلۡجَلَٰلِ وَٱلۡإِكۡرَامِ
तथा शेष रह जायेगा आपके प्रतापी सम्मानित पालनहार का मुख (अस्तित्व)।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
يَسۡـَٔلُهُۥ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِۚ كُلَّ يَوۡمٍ هُوَ فِي شَأۡنٖ
उसीसे माँगते हैं, जो आकाशों तथा धरती में हैं। प्रत्येक दिन वह एक नये कार्य में है।[1]
1. अर्थात वह अपनी उत्पत्ति की आवश्यक्तायें पूरी करता, प्रार्थनायें सुनता, सहायता करता, रोगी को निरोग करता, अपनी दया प्रदान करता, तथा अपमान-सम्मान और विजय-प्राजय देता और अगणित कार्य करता है।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
سَنَفۡرُغُ لَكُمۡ أَيُّهَ ٱلثَّقَلَانِ
और शीघ्र ही हम पूर्णतः आकर्षित हो जायेंगे तुम्हारी ओर, हे (धरती के) दोनों बोझ[1] (जन्नो और मनुष्यो!)[2]
1. इस वाक्या का अर्थ मुह़ावरे में धमकी देना और सावधान करना है। 2. इस में प्रलय के दिन की ओर संकेत है जब सब मनुष्यों और जिन्नों के कर्मों का ह़िसाब लिया जायेगा।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
يَٰمَعۡشَرَ ٱلۡجِنِّ وَٱلۡإِنسِ إِنِ ٱسۡتَطَعۡتُمۡ أَن تَنفُذُواْ مِنۡ أَقۡطَارِ ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَٱلۡأَرۡضِ فَٱنفُذُواْۚ لَا تَنفُذُونَ إِلَّا بِسُلۡطَٰنٖ
हे जिन्न तथा मनुष्य के समूह! यदि निकल सकते हो आकाशों तथा थरती के किनारों से, तो निकल भागो और तुम निकल नहीं सकोगे बिना बड़ी शक्ति[1] के।
1. अर्थ यह है कि अल्लाह की पकड़ से बच निकलना तुम्हारे बस में नहीं है।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
يُرۡسَلُ عَلَيۡكُمَا شُوَاظٞ مِّن نَّارٖ وَنُحَاسٞ فَلَا تَنتَصِرَانِ
तुम दोनों पर अग्नि की ज्वाला तथा धुवाँ छोड़ा जायेगा। तो तुम अपनी सहायता नहीं कर सकोगे।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فَإِذَا ٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَكَانَتۡ وَرۡدَةٗ كَٱلدِّهَانِ
जब आकाश (प्रलय के दिन) फट जायेगा, तो लाल हो जायेगा लाल चमड़े के समान।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فَيَوۡمَئِذٖ لَّا يُسۡـَٔلُ عَن ذَنۢبِهِۦٓ إِنسٞ وَلَا جَآنّٞ
तो उस दिन नहीं प्रश्न किया जायेगा अपने पाप का किसी मनुष्य से और न जिन्न से।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
يُعۡرَفُ ٱلۡمُجۡرِمُونَ بِسِيمَٰهُمۡ فَيُؤۡخَذُ بِٱلنَّوَٰصِي وَٱلۡأَقۡدَامِ
पहचान लिये जायेंगे अपराधी अपने मुखों से, तो पकड़ा जायेगा उनके माथे के बालों और पैरों को।
التفاسير العربية:

فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
هَٰذِهِۦ جَهَنَّمُ ٱلَّتِي يُكَذِّبُ بِهَا ٱلۡمُجۡرِمُونَ
यही वो नरक है, जिसे झूठ कह रहे थे अपराधी।
التفاسير العربية:
يَطُوفُونَ بَيۡنَهَا وَبَيۡنَ حَمِيمٍ ءَانٖ
वे फिरते रहेंगे उसके बीच तथा खौलते पानी के बीच।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
وَلِمَنۡ خَافَ مَقَامَ رَبِّهِۦ جَنَّتَانِ
और उसके लिए, जो डरा अपने पालनहार के समक्ष खड़े होने से, दो बाग़ हैं।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
ذَوَاتَآ أَفۡنَانٖ
दो बाग़, हरी-भरी शाखाओं वाले।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فِيهِمَا عَيۡنَانِ تَجۡرِيَانِ
उन दोनों में, दो जल स्रोत बहते होंगे।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فِيهِمَا مِن كُلِّ فَٰكِهَةٖ زَوۡجَانِ
उनमें, प्रत्येक फल के दो प्रकार होंगे।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ فُرُشِۭ بَطَآئِنُهَا مِنۡ إِسۡتَبۡرَقٖۚ وَجَنَى ٱلۡجَنَّتَيۡنِ دَانٖ
वे ऐसे बिस्तरों पर तकिये लगाये हुए होंगे, जिनके स्तर दबीज़ रेशम के होंगे और दोनों बाग़ों (की शाखायें) फलों से झुकी हुई होंगी।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فِيهِنَّ قَٰصِرَٰتُ ٱلطَّرۡفِ لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ
उनमें लजीली आँखों वाली स्त्रियाँ होंगी, जिन्हें हाथ नहीं लगाया होगा किसी मनुष्य ने इससे पूर्व और न किसी जिन्न ने।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
كَأَنَّهُنَّ ٱلۡيَاقُوتُ وَٱلۡمَرۡجَانُ
जैसे वह हीरे और मोंगे हों।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
هَلۡ جَزَآءُ ٱلۡإِحۡسَٰنِ إِلَّا ٱلۡإِحۡسَٰنُ
उपकार का बदला उपकार ही है।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
وَمِن دُونِهِمَا جَنَّتَانِ
तथा उन दोनों के सिवा[1] दो बाग़ होंगे।
1. ह़दीस में है कि दो स्वर्ग चाँदी की हैं। जिन के बर्तन तथा सब कुछ चाँदी के हैं। और दो स्वर्ग सोने की, जिन के बर्तन तथा सब कुछ सोने का है। और स्वर्ग वासियों तथा अल्लाह के दर्शन के बीच अल्लाह के मुख पर महिमा के पर्दे के सिवा कुछ नहीं होगा। (सह़ीह बुख़ारीः 4878)
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
مُدۡهَآمَّتَانِ
दोनों हरे-भरे होंगे।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فِيهِمَا عَيۡنَانِ نَضَّاخَتَانِ
उन दोनों में, दो जल स्रोत होंगे उबलते हुए।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
فِيهِمَا فَٰكِهَةٞ وَنَخۡلٞ وَرُمَّانٞ
उनमें, फल तथा खजूर और अनार होंगे।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:

فِيهِنَّ خَيۡرَٰتٌ حِسَانٞ
उनमें, सुचरिता सुन्दरियाँ होंगी।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
حُورٞ مَّقۡصُورَٰتٞ فِي ٱلۡخِيَامِ
गोरियाँ सुरक्षित होंगी ख़ेमों में।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
لَمۡ يَطۡمِثۡهُنَّ إِنسٞ قَبۡلَهُمۡ وَلَا جَآنّٞ
नहीं हाथ लगाया होगा[1] उन्हें किसी मनुष्य ने इससे पूर्व और न किसी जिन्न ने।
1. ह़दीस में है कि यदि स्वर्ग की कोई सुन्दरी संसार वासियों की ओर झाँक दे, तो दोनों के बीच उजाला हो जाये। और सुगंध से भर जायें। (सह़ीह़ बुख़ारी शरीफ़ः 2796)
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
مُتَّكِـِٔينَ عَلَىٰ رَفۡرَفٍ خُضۡرٖ وَعَبۡقَرِيٍّ حِسَانٖ
वे तकिये लगाये हुए होंगे हरे ग़लीचों तथा सुन्दर बिस्तरों पर।
التفاسير العربية:
فَبِأَيِّ ءَالَآءِ رَبِّكُمَا تُكَذِّبَانِ
तो तुम दोनों अपने पालनहार के किन-किन उपकारों को झुठलाओगे?
التفاسير العربية:
تَبَٰرَكَ ٱسۡمُ رَبِّكَ ذِي ٱلۡجَلَٰلِ وَٱلۡإِكۡرَامِ
शुभ है आपके प्रतापी सम्मानित पालनहार का नाम।
التفاسير العربية:

 
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