Translation of the Meanings of the Noble Qur'an - Indian Translation * - Translations’ Index

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Translation of the meanings Surah: Al-Wāqi‘ah
Ayah:
 

सूरा अल्-वाक़िआ़

إِذَا وَقَعَتِ ٱلۡوَاقِعَةُ
जब होने वाली, हो जायेगी।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَيۡسَ لِوَقۡعَتِهَا كَاذِبَةٌ
उसका होना कोई झूठ नहीं है।
Arabic explanations of the Qur’an:
خَافِضَةٞ رَّافِعَةٌ
नीचा-ऊँचा करने[1] वाली।
1. इस से अभिप्राय प्रलय है। जो सत्य के विरोधियों को नीचा कर के नरक तक पहुँचायेगी। तथा आज्ञाकारियों को स्वर्ग के ऊँचे स्थान तक पहुँचायेगी। आरंभिक आयतों में प्रलय के होने की चर्चा, फिर उस दिन लोगों के तीन भागों में विभाजित होने का वर्णन किया गया है।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِذَا رُجَّتِ ٱلۡأَرۡضُ رَجّٗا
जब धरती तेज़ी से डोलने लगेगी।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَبُسَّتِ ٱلۡجِبَالُ بَسّٗا
और चूर-चूर कर दिये जायेंगे पर्वत।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَكَانَتۡ هَبَآءٗ مُّنۢبَثّٗا
फिर हो जायेंगे बिखरी हुई धूल।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَكُنتُمۡ أَزۡوَٰجٗا ثَلَٰثَةٗ
तथा तुम हो जाओगे तीन समूह।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَيۡمَنَةِ
तो दायें वाले, तो क्या हैं दायें वाले![1]
1. दायें वाले से अभिप्राय वह हैं जिन का कर्मपत्र दायें हाथ में दिया जायेगा। तथा बायें वाले वह दुराचारी होंगे जिन का कर्मपत्र बायें हाथ में दिया जायेगा।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡمَشۡـَٔمَةِ
और बायें वाले, तो क्या हैं बायें वाले!
Arabic explanations of the Qur’an:
وَٱلسَّـٰبِقُونَ ٱلسَّـٰبِقُونَ
और अग्रगामी तो अग्रगामी ही हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
أُوْلَـٰٓئِكَ ٱلۡمُقَرَّبُونَ
वही समीप किये[1] हुए हैं।
1. अर्थात अल्लाह के प्रियवर और उस के समीप होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
فِي جَنَّـٰتِ ٱلنَّعِيمِ
वे सुखों के स्वर्गों में होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
ثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ
बहुत-से अगले लोगों में से।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَقَلِيلٞ مِّنَ ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा कुछ पिछले लोगों में से होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
عَلَىٰ سُرُرٖ مَّوۡضُونَةٖ
स्वर्ण से बुने हुए तख़्तों पर।
Arabic explanations of the Qur’an:
مُّتَّكِـِٔينَ عَلَيۡهَا مُتَقَٰبِلِينَ
तकिये लगाये उनपर, एक-दूसरे के सम्मुख (आसीन) होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:

يَطُوفُ عَلَيۡهِمۡ وِلۡدَٰنٞ مُّخَلَّدُونَ
फिरते होंगे उनकी सेवा के लिए बालक, जो सदा (बालक) रहेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
بِأَكۡوَابٖ وَأَبَارِيقَ وَكَأۡسٖ مِّن مَّعِينٖ
प्याले तथा सुराह़ियाँ लेकर तथा मदिरा के छलकते प्याले।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَّا يُصَدَّعُونَ عَنۡهَا وَلَا يُنزِفُونَ
न तो सिर चकरायेगा उनसे, न वे निर्बोध होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَفَٰكِهَةٖ مِّمَّا يَتَخَيَّرُونَ
तथा जो फल वे चाहेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَحۡمِ طَيۡرٖ مِّمَّا يَشۡتَهُونَ
तथा पक्षी का जो मांस वे चाहेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَحُورٌ عِينٞ
और गोरियाँ बड़े नैनों वाली।
Arabic explanations of the Qur’an:
كَأَمۡثَٰلِ ٱللُّؤۡلُوِٕ ٱلۡمَكۡنُونِ
छुपाकर रखी हुईं मोतियों के समान।
Arabic explanations of the Qur’an:
جَزَآءَۢ بِمَا كَانُواْ يَعۡمَلُونَ
उसके बदले, जो वे (संसार में) करते रहे।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَا يَسۡمَعُونَ فِيهَا لَغۡوٗا وَلَا تَأۡثِيمًا
नहीं सुनेंगे उनमें व्यर्थ बात और न पाप की बात।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِلَّا قِيلٗا سَلَٰمٗا سَلَٰمٗا
केवल सलाम ही सलाम की ध्वनि होगी।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَصۡحَٰبُ ٱلۡيَمِينِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلۡيَمِينِ
और दायें वाले, क्या (ही भाग्यशाली) हैं दायें वाले!
Arabic explanations of the Qur’an:
فِي سِدۡرٖ مَّخۡضُودٖ
बिन काँटे की बैरी में होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَطَلۡحٖ مَّنضُودٖ
तथा तह पर तह केलों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَظِلّٖ مَّمۡدُودٖ
फैली हुई छाया[1] में।
1. ह़दीस में है कि स्वर्ग में एक वृक्ष है जिस की छाया में सवार सौ वर्ष चलेगा फिर भी वह समाप्त नहीं होगा। (सह़ीह़ बुख़ारीः 4881)
Arabic explanations of the Qur’an:
وَمَآءٖ مَّسۡكُوبٖ
और प्रवाहित जल में।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَفَٰكِهَةٖ كَثِيرَةٖ
तथा बहुत-से फलों में।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَّا مَقۡطُوعَةٖ وَلَا مَمۡنُوعَةٖ
जो न समाप्त होंगे, न रोके जायेंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَفُرُشٖ مَّرۡفُوعَةٍ
और ऊँचे बिस्तर पर।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّآ أَنشَأۡنَٰهُنَّ إِنشَآءٗ
हमने बनाया है (उनकी) पत्नियों को एक विशेष रूप से।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَجَعَلۡنَٰهُنَّ أَبۡكَارًا
हमने बनाय है उन्हें कुमारियाँ।
Arabic explanations of the Qur’an:
عُرُبًا أَتۡرَابٗا
प्रेमिकायें समायु।
Arabic explanations of the Qur’an:
لِّأَصۡحَٰبِ ٱلۡيَمِينِ
दाहिने वालों के लिए।
Arabic explanations of the Qur’an:
ثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأَوَّلِينَ
बहुत-से अगलों में से होंगे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَثُلَّةٞ مِّنَ ٱلۡأٓخِرِينَ
तथा बहुत-से पिछलों में से।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَصۡحَٰبُ ٱلشِّمَالِ مَآ أَصۡحَٰبُ ٱلشِّمَالِ
और बायें वाले, तो क्या हैं बायें वाले!
Arabic explanations of the Qur’an:
فِي سَمُومٖ وَحَمِيمٖ
वे गर्म वायु तथा खौलते जल में (होंगे)।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَظِلّٖ مِّن يَحۡمُومٖ
तथा काले धुवें की छाया में।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَّا بَارِدٖ وَلَا كَرِيمٍ
जो न शीतल होगा और न सुखद।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّهُمۡ كَانُواْ قَبۡلَ ذَٰلِكَ مُتۡرَفِينَ
वास्तव में, वे इससे पहले (संसार में) सम्पन्न (सुखी) थे।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَكَانُواْ يُصِرُّونَ عَلَى ٱلۡحِنثِ ٱلۡعَظِيمِ
तथा दुराग्रह करते थे महा पापों पर।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَكَانُواْ يَقُولُونَ أَئِذَا مِتۡنَا وَكُنَّا تُرَابٗا وَعِظَٰمًا أَءِنَّا لَمَبۡعُوثُونَ
तथा कहा करते थे कि क्या जब हम मर जायेंगे तथा हो जायेंगे धूल और अस्थियाँ, तो क्या हम अवश्य पुनः जीवित होंगे?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَوَءَابَآؤُنَا ٱلۡأَوَّلُونَ
और क्या हमारे पूर्वज (भी)?
Arabic explanations of the Qur’an:
قُلۡ إِنَّ ٱلۡأَوَّلِينَ وَٱلۡأٓخِرِينَ
आप कह दें कि निःसंदेह सब अगले तथा पिछले।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَمَجۡمُوعُونَ إِلَىٰ مِيقَٰتِ يَوۡمٖ مَّعۡلُومٖ
अवश्य एकत्र किये जायेंगे एक निर्धारित दिन के समय।
Arabic explanations of the Qur’an:

ثُمَّ إِنَّكُمۡ أَيُّهَا ٱلضَّآلُّونَ ٱلۡمُكَذِّبُونَ
फिर तुम, हे कुपथो! झुठलाने वालो!
Arabic explanations of the Qur’an:
لَأٓكِلُونَ مِن شَجَرٖ مِّن زَقُّومٖ
अवश्य खाने वाले हो ज़क़्क़ूम (थोहड़) के वृक्ष से।[1]
1. (देखियेः सूरह साफ़्फ़ात, आयतः62)
Arabic explanations of the Qur’an:
فَمَالِـُٔونَ مِنۡهَا ٱلۡبُطُونَ
तथा भरने वाले हो उससे (अपने) उदर।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَشَٰرِبُونَ عَلَيۡهِ مِنَ ٱلۡحَمِيمِ
तथा पीने वाले हो उसपर से खौलता जल।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَشَٰرِبُونَ شُرۡبَ ٱلۡهِيمِ
फिर पीने वाले हो प्यासे[1] ऊँट के समान।
1. आयत में प्यासे ऊँटों के लिये 'ह़ीम' शब्द प्रयुक्त हुआ है। यह ऊँट में एक विशेष रोग होता है जिस से उस की प्यास नहीं जाती।
Arabic explanations of the Qur’an:
هَٰذَا نُزُلُهُمۡ يَوۡمَ ٱلدِّينِ
यही उनका अतिथि सत्कार है, प्रतिकार (प्रलय) के दिन।
Arabic explanations of the Qur’an:
نَحۡنُ خَلَقۡنَٰكُمۡ فَلَوۡلَا تُصَدِّقُونَ
हमने ही उत्पन्न किया है तुम्हें, फिर तुम विश्वास क्यों नहीं करते?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَرَءَيۡتُم مَّا تُمۡنُونَ
क्या तुमने ये विचार किया कि जो वीर्य तुम (गर्भाशयों में) गिराते हो।
Arabic explanations of the Qur’an:
ءَأَنتُمۡ تَخۡلُقُونَهُۥٓ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡخَٰلِقُونَ
क्या तुम उसे शिशु बनाते हो या हम बनाने वाले हैं?
Arabic explanations of the Qur’an:
نَحۡنُ قَدَّرۡنَا بَيۡنَكُمُ ٱلۡمَوۡتَ وَمَا نَحۡنُ بِمَسۡبُوقِينَ
हमने निर्धारित किया है तुम्हारे बीच मरण को तथा हम विवश होने वाले नहीं हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
عَلَىٰٓ أَن نُّبَدِّلَ أَمۡثَٰلَكُمۡ وَنُنشِئَكُمۡ فِي مَا لَا تَعۡلَمُونَ
कि बदल दें तुम्हारे रूप और तुम्हें बना दें उस रूप में, जिसे तुम नहीं जानते।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَلَقَدۡ عَلِمۡتُمُ ٱلنَّشۡأَةَ ٱلۡأُولَىٰ فَلَوۡلَا تَذَكَّرُونَ
तथा तुमने तो जान लिया है प्रथम उत्पत्ति को फिर तुम शिक्षा ग्रहण क्यों नहीं करते?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَرَءَيۡتُم مَّا تَحۡرُثُونَ
फिर क्या तुमने विचार किया कि उसमें जो तुम बोते हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
ءَأَنتُمۡ تَزۡرَعُونَهُۥٓ أَمۡ نَحۡنُ ٱلزَّـٰرِعُونَ
क्या तुम उसे उगाते हो या हम उसे उगाने वाले हैं?
Arabic explanations of the Qur’an:
لَوۡ نَشَآءُ لَجَعَلۡنَٰهُ حُطَٰمٗا فَظَلۡتُمۡ تَفَكَّهُونَ
यदि हम चाहें, तो उसे भुस बना दें, फिर तुम बातें बनाते रह जाओ।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّا لَمُغۡرَمُونَ
वस्तुतः, हम दण्डित कर दिये गये।
Arabic explanations of the Qur’an:
بَلۡ نَحۡنُ مَحۡرُومُونَ
बल्कि हम (जीविका से) वंचित कर दिये गये।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَرَءَيۡتُمُ ٱلۡمَآءَ ٱلَّذِي تَشۡرَبُونَ
फिर तुमने विचार किया उस पानी में, जो तुम पीते हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
ءَأَنتُمۡ أَنزَلۡتُمُوهُ مِنَ ٱلۡمُزۡنِ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡمُنزِلُونَ
क्या तुमने उसे बरसाया है बादल से अथवा हम उसे बरसाने वाले हैं।?
Arabic explanations of the Qur’an:
لَوۡ نَشَآءُ جَعَلۡنَٰهُ أُجَاجٗا فَلَوۡلَا تَشۡكُرُونَ
यदि हम चाहें, तो उसे खारी कर दें, फिर तुम आभारी (कृतज्ञ) क्यों नहीं होते?
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَرَءَيۡتُمُ ٱلنَّارَ ٱلَّتِي تُورُونَ
क्या तुमने उस अग्नि को देखा, जिसे तुम सुलगाते हो।
Arabic explanations of the Qur’an:
ءَأَنتُمۡ أَنشَأۡتُمۡ شَجَرَتَهَآ أَمۡ نَحۡنُ ٱلۡمُنشِـُٔونَ
क्या तुमने उत्पन्न किया है उसके वृक्ष को या हम उत्पन्न करने वाले हैं?
Arabic explanations of the Qur’an:
نَحۡنُ جَعَلۡنَٰهَا تَذۡكِرَةٗ وَمَتَٰعٗا لِّلۡمُقۡوِينَ
हमने ही बनाया उसे शिक्षाप्रद तथा यात्रियों के लाभदायक।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَسَبِّحۡ بِٱسۡمِ رَبِّكَ ٱلۡعَظِيمِ
अतः, (हे नबी!) आप पवित्रता का वर्णन करें अपने महा पालनहार के नाम की।
Arabic explanations of the Qur’an:
۞فَلَآ أُقۡسِمُ بِمَوَٰقِعِ ٱلنُّجُومِ
मैं शपथ लेता हूँ सितारों के स्थानों की!
Arabic explanations of the Qur’an:
وَإِنَّهُۥ لَقَسَمٞ لَّوۡ تَعۡلَمُونَ عَظِيمٌ
और ये निश्चय एक बड़ी शपथ है, यदि तुम समझो।
Arabic explanations of the Qur’an:

إِنَّهُۥ لَقُرۡءَانٞ كَرِيمٞ
वास्तव में, ये आदरणीय[1] क़ुर्आन है।
1. तारों की शपथ का अर्थ यह है कि जिस प्रकार आकाश के तारों की एक दृढ़ व्यवस्था है उसी प्रकार यह क़ुर्आन भी अति ऊँचा तथा सुदृढ़ है।
Arabic explanations of the Qur’an:
فِي كِتَٰبٖ مَّكۡنُونٖ
सुरक्षित[1] पुस्तक में।
1. इस से अभिप्राय 'लौह़े मह़फ़ूज़' है।
Arabic explanations of the Qur’an:
لَّا يَمَسُّهُۥٓ إِلَّا ٱلۡمُطَهَّرُونَ
इसे पवित्र लोग ही छूते हैं।[1]
1. पवित्र लोगों से अभिप्राय फ़रिश्तें हैं। (देखियेः सूरह अबस, आयतः15-16)
Arabic explanations of the Qur’an:
تَنزِيلٞ مِّن رَّبِّ ٱلۡعَٰلَمِينَ
अवतरित किया गया है सर्वलोक के पालनहार की ओर से।
Arabic explanations of the Qur’an:
أَفَبِهَٰذَا ٱلۡحَدِيثِ أَنتُم مُّدۡهِنُونَ
फिर क्या तुम इस वाणि (क़ुर्आन) की अपेक्षा करते हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
وَتَجۡعَلُونَ رِزۡقَكُمۡ أَنَّكُمۡ تُكَذِّبُونَ
तथा बनाते हो अपना भाग कि इसे तुम झुठलाते हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَلَوۡلَآ إِذَا بَلَغَتِ ٱلۡحُلۡقُومَ
फिर क्यों नहीं जब प्राण गले को पहुँचते हैं।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَنتُمۡ حِينَئِذٖ تَنظُرُونَ
और तुम उस समय देखते रहते हो।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَنَحۡنُ أَقۡرَبُ إِلَيۡهِ مِنكُمۡ وَلَٰكِن لَّا تُبۡصِرُونَ
तथा हम अधिक समीप होते हैं उसके तुमसे, परन्तु तुम नहीं देख सकते।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَلَوۡلَآ إِن كُنتُمۡ غَيۡرَ مَدِينِينَ
तो यदि तुम किसी के आधीन न हो।
Arabic explanations of the Qur’an:
تَرۡجِعُونَهَآ إِن كُنتُمۡ صَٰدِقِينَ
तो उस (प्राण) को फेर क्यों नहीं लाते, यदि तुम सच्चे हो?
Arabic explanations of the Qur’an:
فَأَمَّآ إِن كَانَ مِنَ ٱلۡمُقَرَّبِينَ
फिर यदि वह (प्राणी) समीपवर्तियों में है।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَرَوۡحٞ وَرَيۡحَانٞ وَجَنَّتُ نَعِيمٖ
तो उसके लिए सुख तथा उत्तम जीविका तथा सुख भरा स्वर्ग है।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَمَّآ إِن كَانَ مِنۡ أَصۡحَٰبِ ٱلۡيَمِينِ
और यदि वह दायें वालों में से है।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَسَلَٰمٞ لَّكَ مِنۡ أَصۡحَٰبِ ٱلۡيَمِينِ
तो सलाम है तेरे लिए दायें वालों में होने के कारण।[1]
1. अर्थात उस का स्वागत सलाम से होगा।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَأَمَّآ إِن كَانَ مِنَ ٱلۡمُكَذِّبِينَ ٱلضَّآلِّينَ
और यदि वह है झुठलाने वाले कुपथों में से।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَنُزُلٞ مِّنۡ حَمِيمٖ
तो अतिथि सत्कार है खौलते पानी से।
Arabic explanations of the Qur’an:
وَتَصۡلِيَةُ جَحِيمٍ
तथा नरक में प्रवेश।
Arabic explanations of the Qur’an:
إِنَّ هَٰذَا لَهُوَ حَقُّ ٱلۡيَقِينِ
वास्तव में, यही निश्चय सत्य है।
Arabic explanations of the Qur’an:
فَسَبِّحۡ بِٱسۡمِ رَبِّكَ ٱلۡعَظِيمِ
अतः, (हे नबी!) आप पवित्रता का वर्णन करें अपने महा पालनहार के नाम की।
Arabic explanations of the Qur’an:

 
Translation of the meanings Surah: Al-Wāqi‘ah
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Translation of the Meanings of the Noble Qur'an - Indian Translation - Translations’ Index

Translation of the Quran meaning into Indian by Maulana Azizul-Haqq Al-Umary, published by King Fahd Complex for the Printing of the Holy Quran, printed in 1433 H.

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